खेत में नौकर के साथ हुआ बहुत बड़ा हादसा/पुलिस प्रशासन भी दंग रह गया/

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ज्योति देवी का खौफनाक सच

प्रारंभ

कहते हैं, शादी सिर्फ दो लोगों का रिश्ता नहीं होती, बल्कि दो परिवारों का जुड़ाव होती है। शादी के बाद दूल्हा और दुल्हन की जिंदगी पूरी तरह बदल जाती है। यह बदलाव कभी स्वर्ग जैसा होता है और कभी नर्क से भी बदतर। राजस्थान के प्रतापगढ़ जिले के कुंडा नामक गांव में रहने वाली ज्योति देवी की कहानी भी कुछ ऐसी ही है।

ज्योति देवी एक किराने की दुकान चलाती थीं, जो गांव में बहुत प्रसिद्ध थी। उनके पति राजमल सिंह खेती करते थे और उनके पास अपनी 6 एकड़ जमीन थी। उनका एक बेटा रोहन और एक बेटी थी। सब कुछ ठीक चल रहा था, लेकिन ज्योति की जिंदगी में एक खौफनाक मोड़ आने वाला था।

दिन की शुरुआत

16 सितंबर 2025 की सुबह, ज्योति और राजमल खेत में काम करने गए। उन्होंने चारा काटा और फिर घर लौट आए। राजमल ने खेत में बिजली की तार लगाने का काम शुरू किया, लेकिन अचानक एक तेज झटका लगा और वह बेहोश हो गए। ज्योति ने तुरंत उन्हें अस्पताल ले जाया, लेकिन डॉक्टरों ने कहा कि राजमल को पैरालाइज हो गया है। यह सुनकर ज्योति की दुनिया उजड़ गई।

परेशानियां बढ़ती हैं

राजमल की हालत गंभीर थी और ज्योति को अकेले ही घर और खेत का काम संभालना पड़ रहा था। धीरे-धीरे, ज्योति को अपने पति की बीमारी और जिम्मेदारियों का बोझ महसूस होने लगा। वह मानसिक तनाव में रहने लगी और अपने अकेलेपन को महसूस करने लगी।

एक नया मोड़

कुछ समय बाद, ज्योति की मुलाकात एक ट्रक ड्राइवर, दिनेश से हुई। दिनेश अक्सर उसकी दुकान पर आता था। दोनों के बीच बातचीत शुरू हुई और धीरे-धीरे ज्योति दिनेश की ओर आकर्षित होने लगी। दिनेश ने ज्योति को अपने जीवन के बारे में बताया और उसे अपने अकेलेपन का सहारा बनने का वादा किया।

रिश्ते की शुरुआत

ज्योति और दिनेश के बीच एक प्रेम संबंध शुरू हो गया। ज्योति ने दिनेश को अपने घर बुलाने का फैसला किया। 15 अक्टूबर 2025 को, ज्योति ने दिनेश को अपने घर बुलाया, लेकिन इसके लिए उसने अपने पति राजमल को बेहोश करने की योजना बनाई।

खतरनाक योजना

ज्योति ने अपने पति को नींद की गोलियां देकर बेहोश किया और फिर दिनेश को बुलाया। जब दिनेश घर आया, तो ज्योति ने उसे अपने पति के बेहोश होने का बहाना बताया। दोनों ने उस रात एक साथ समय बिताया।

हादसा

लेकिन दिनेश और ज्योति की यह खुशी ज्यादा दिन नहीं टिक सकी। अगले दिन, राजमल ने जब होश में आया, तो उसे अपनी पत्नी और दिनेश के बारे में संदेह हुआ। उसने ज्योति से पूछताछ की, लेकिन ज्योति ने उसे धोखा देने की कोशिश की।

सच सामने आता है

कुछ दिनों बाद, राजमल को अपनी पत्नी की हरकतों का पता चल गया। उसने ज्योति को सबक सिखाने का फैसला किया। उसने गांव के कुछ लोगों को बुलाया और ज्योति की सच्चाई सबके सामने रख दी।

गांव में हंगामा

गांव में हंगामा मच गया। ज्योति की बेइज्जती हुई और वह अपने किए पर पछताने लगी। राजमल ने ज्योति को छोड़ने का फैसला किया और उसकी मां ने भी उसे घर से निकाल दिया।

पुलिस की जांच

राजमल ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई और ज्योति के खिलाफ मामला दर्ज किया। पुलिस ने जांच शुरू की और ज्योति को गिरफ्तार कर लिया।

न्याय की प्रक्रिया

ज्योति को कोर्ट में पेश किया गया। वहां उसने अपने किए पर पछताया और अपनी गलती को स्वीकार किया। लेकिन कोर्ट ने उसे सजा दी और उसे जेल भेज दिया।

निष्कर्ष

इस कहानी से हमें यह सिखने को मिलता है कि रिश्तों में ईमानदारी और विश्वास होना बहुत जरूरी है। जब रिश्तों में स्वार्थ और धोखा घुस जाता है, तो परिणाम भयानक होते हैं। ज्योति ने अपने अकेलेपन और लालच के कारण अपने परिवार को बर्बाद कर दिया।

इस घटना ने यह साबित कर दिया कि हमें अपने रिश्तों को सच्चाई और विश्वास के साथ निभाना चाहिए। अगर हम किसी को धोखा देते हैं, तो उसका खामियाजा हमें भुगतना पड़ता है।