जिस टैक्सी में बैठी || करोड़पति महिला उसका ड्राइवर निकला उसी का गरीब पति || और फिर

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कहानी: नेहा और अमित — टूटे रिश्ते की नई शुरुआत

उत्तर प्रदेश के लखनऊ शहर में दो लोग रहते थे, जिनकी जिंदगी एक-दूसरे से गहरे जुड़ी हुई थी। अमित और नेहा। दोनों की शादी को लगभग दो साल हो चुके थे। अमित एक सफल बिजनेसमैन था, जिसने अपने दम पर एक बड़ा कारोबार खड़ा किया था। नेहा, एक खूबसूरत और समझदार महिला, जो अमित के साथ अपने जीवन को खुशी-खुशी बिताने की चाह रखती थी।

शादी के पहले सालों में सब कुछ ठीक चल रहा था। दोनों एक-दूसरे के लिए बने थे। प्यार, समझदारी और साथ की भावना उनके रिश्ते की नींव थी। लेकिन जैसे-जैसे वक्त बीता, अमित की जिंदगी में व्यस्तता बढ़ने लगी। बिजनेस की जिम्मेदारियों ने उसे पूरी तरह से घेर लिया। काम का दबाव इतना बढ़ गया कि वह घर पर भी तनावपूर्ण रहने लगा। छोटी-छोटी बातों पर वह नेहा से चिल्लाने लगा।

नेहा ने कई बार समझाने की कोशिश की, “अमित, ऐसा मत करो। हम दोनों मिलकर हर मुश्किल का सामना कर सकते हैं।” लेकिन अमित की तकरार बढ़ती गई। वह अपनी व्यस्तता और तनाव को नेहा पर निकालता। कभी-कभी तो वह इतना गुस्सा करता कि हाथ भी उठा देता। यह नेहा के लिए बेहद दर्दनाक था। वह सोचती कि क्या यही प्यार था जिसे उन्होंने निभाना था।

दोनों के बीच दूरियां बढ़ने लगीं। नेहा ने कई बार कहा, “अगर ये सब चलता रहा तो हमारा रिश्ता नहीं चल पाएगा।” लेकिन अमित अपनी परेशानियों में इतना डूबा हुआ था कि वह कुछ सुन नहीं पाता था। एक दिन जब अमित घर लौटा, तो उसने अचानक कहा, “मुझे तुम्हारे साथ नहीं रहना। मुझे तलाक चाहिए।” नेहा के लिए यह सुनना किसी सदमे से कम नहीं था।

उसने पूछा, “क्यों अमित? क्या मैंने कुछ गलत किया?” अमित ने कहा, “कुछ नहीं, बस अब मैं तुम्हारे साथ नहीं रह सकता।” नेहा ने समझाने की कोशिश की, लेकिन अमित ने अपना फैसला बदलने से इंकार कर दिया। अंततः नेहा ने घर छोड़ दिया और वापस अपने अनाथ आश्रम चली गई, जहां वह बड़ी हुई थी।

अमित ने तलाक का नोटिस भेज दिया। नेहा को यह देखकर गहरा धक्का लगा। उसे उम्मीद थी कि अमित उसे मनाने आएगा, लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ। उसने तलाक का केस लड़ने का फैसला किया और कुछ ही दिनों में दोनों का तलाक फाइनल हो गया। नेहा को कुछ पैसे मिले, जिन्हें उसने लेकर अपने आश्रम में रहना शुरू किया।

नेहा ने ठाना कि वह हार नहीं मानेगी। उसने अपने पैसों से एक छोटी वर्कशॉप खोली, जहां वह कॉस्मेटिक सामान बनाती थी। धीरे-धीरे उसका काम बढ़ा। उसने छोटे-छोटे घरों में वर्कशॉप खोलीं, महिलाओं को रोजगार दिया। उसका ब्रांड लोकप्रिय होने लगा और सात साल में उसने बड़ा साम्राज्य खड़ा कर लिया।

अब नेहा के पास एक बंगला था, अपनी गाड़ी थी, और वह खुद ड्राइव करना जानती थी। उसने अपने जीवन को फिर से सँवारा था। लेकिन अमित की जिंदगी पूरी तरह से बदल गई थी। बिजनेस घाटे में चला गया था, और वह टैक्सी ड्राइवर बन गया था।

एक दिन नेहा को दिल्ली जाना था। उसने राहुल नाम के लड़के को फोन किया, जो कभी-कभी उसकी ड्राइविंग करता था। उसने कहा, “राहुल, जल्दी आ जाओ, मुझे एयरपोर्ट जाना है।” राहुल आया और नेहा को लेकर एयरपोर्ट के लिए निकल पड़ा। रास्ते में नेहा ने कहा, “राहुल, मेरी गाड़ी यहीं छोड़ दो, मैं टैक्सी से जाऊंगी। मैं दिल्ली में दो-तीन दिन रहूंगी।”

राहुल ने टैक्सी बुलाई। टैक्सी ड्राइवर ने जब नेहा को देखा, तो उसकी नजरें अटक गईं। वह ड्राइवर कोई और नहीं, बल्कि अमित था। दोनों की नजरें मिलीं और पुरानी यादें ताजा हो गईं। टैक्सी एयरपोर्ट तक पहुंची। नेहा ने कहा, “कल शाम को यहीं मिलना। मुझे तुमसे जरूरी बात करनी है।” अमित ने हिचकिचाते हुए हामी भर दी।

नेहा दिल्ली पहुंची, लेकिन उसका दिल अमित की हालत को लेकर चिंतित था। उसने सोचा कि वह टैक्सी ड्राइवर कैसे बन गया? क्या कुछ ऐसा हुआ जो उसने कभी बताया नहीं? अगले दिन शाम को वह वापस लखनऊ आई और एयरपोर्ट पर अमित से मिली।

अमित सिगरेट पी रहा था, जो उसने पहले कभी नहीं किया था। नेहा ने उसकी आदत देखी और पुरानी बातें याद आईं। अमित ने बताया कि बिजनेस में घाटा होने के कारण वह तनाव में था। उसके पार्टनर उसे धोखा देने लगे थे। उसने अपनी शर्मिंदगी छिपाने के लिए टैक्सी ड्राइवर बनना चुना था ताकि नेहा को गरीबी न दिखे।

नेहा ने कहा, “तुम मुझे क्यों नहीं बताया?” अमित ने कहा, “मैं नहीं चाहता था कि तुम दुखी हो।” नेहा ने कहा, “हमारा प्यार इतना मजबूत था, फिर दूरियां क्यों बढ़ीं?” अमित ने बताया कि पार्टनरों ने मिलकर उसे बाहर करने की साजिश रची। उसने डर के कारण नेहा से दूरी बना ली।

नेहा ने कहा, “मैं तुम्हारे साथ रहना चाहती हूं।” अमित की आंखों में आंसू थे। नेहा ने उसे अपने बंगले पर बुलाया। अमित ने देखा कि नेहा ने अपनी मेहनत से कितना बड़ा साम्राज्य खड़ा किया है। दोनों ने फिर से अपने रिश्ते को संवारने का फैसला किया।

आज अमित और नेहा दो बच्चे हैं। वे मिलकर अपने कारोबार को चला रहे हैं। उनकी कहानी एक प्रेरणा है कि प्यार और समझदारी से हर मुश्किल को पार किया जा सकता है।

समाप्त