पति की गलती की वजह से पत्नी ने अपने पति के खिलाफ उठाया बड़ा कदम/गांव के लोगों के होश उड़ गए/

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एक चौंकाने वाला फैसला

भाग 1: प्रेम सिंह की जिंदगी

यह कहानी उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले के घाटमपुर गांव की है। गांव में प्रेम सिंह नाम का एक हेड कांस्टेबल रहता है, जो अपनी कर्तव्यनिष्ठा के लिए नहीं, बल्कि रिश्वतखोरी के लिए जाना जाता है। प्रेम सिंह ने अपने पुलिस करियर में कई बार मोटी रिश्वतें ली हैं और गांव के लोगों के लिए वह एक आतंक बन चुका है। उसकी पत्नी पार्वती देवी, जो बेहद खूबसूरत और समझदार है, हमेशा अपने पति पर विश्वास करती रही है, भले ही गांव के लोग उसके बारे में क्या कहते हैं।

पार्वती देवी का एक इकलौता बेटा विशाल है, जो हॉस्टल में रहकर पढ़ाई करता है। पार्वती का जीवन अपने बेटे और पति के इर्द-गिर्द घूमता है। लेकिन प्रेम सिंह की हरकतें पार्वती को परेशान करने लगी हैं। वह अक्सर देर रात घर लौटता है और शराब के नशे में धुत होकर घर आता है। पार्वती को अपने पति की हरकतों का अंदाजा है, लेकिन वह अपने परिवार को बचाने के लिए चुप रहती है।

भाग 2: रीटा देवी की चीख

एक दिन, प्रेम सिंह अपनी ड्यूटी खत्म कर रात को घर लौट रहा था। रास्ते में उसे एक महिला की चीखने की आवाज सुनाई दी। जब उसने देखा कि रीटा देवी, एक खूबसूरत महिला, अपने पति अशोक से पीटाई करवा रही है, तो उसकी नजरें रीटा पर टिक गईं। रीटा ने प्रेम सिंह से मदद मांगी, यह कहकर कि उसका पति उसे पीटता है। प्रेम सिंह ने एक बार फिर अपनी बुरी नियत का फायदा उठाने का सोचा।

प्रेम सिंह ने अशोक से लड़ाई की और उसे वहां से भगा दिया। इसके बाद उसने रीटा को उसके घर तक छोड़ने का प्रस्ताव दिया। लेकिन जब वह दोनों घर पहुंचे, तो प्रेम सिंह की नियत रीटा पर खराब हो गई। उसने रीटा को धमकी दी कि अगर उसने उसके साथ समय नहीं बिताया, तो वह उसके पति पर झूठे आरोप लगाएगा। डर के मारे रीटा ने उसकी बात मान ली।

भाग 3: एक और रात का अंधेरा

उस रात, प्रेम सिंह ने रीटा के साथ गलत काम किया। वह पूरी रात उसके साथ रहा और उसे धमकी दी कि वह उसे फिर से मिलने आएगा। रीटा डर के मारे चुप रही, क्योंकि उसे पता था कि प्रेम सिंह एक पुलिस वाला है और वह उसके पति को जेल में डाल सकता है।

इसके बाद प्रेम सिंह ने अपने दोस्त प्रमोद को बुलाया और उसे बताया कि उसने रीटा के साथ क्या किया। प्रमोद ने उससे कहा कि वह भी उस खूबसूरत महिला से मिलना चाहता है। दोनों दोस्तों ने फिर से शराब पीने का फैसला किया और रीटा के घर की ओर चल पड़े।

भाग 4: नेहा का आगमन

इसी बीच, प्रेम सिंह की पत्नी पार्वती देवी की भतीजी नेहा ने घर आने का फैसला किया। नेहा एक खूबसूरत लड़की थी और पार्वती उसे अपने साथ अपने घर में रखना चाहती थी। नेहा ने पार्वती के घर पहुंचते ही उसे बताया कि वह सिलाई का काम सीखना चाहती है। पार्वती ने खुशी-खुशी उसे अपने घर में रखा।

लेकिन प्रेम सिंह नेहा की खूबसूरती को देखकर उसकी नियत खराब करने लगा। उसने नेहा के सामने अपने इरादे छिपाए रखे। पार्वती को इस बारे में कुछ नहीं पता था।

भाग 5: एक भयानक घटना

एक दिन, जब पार्वती नेहा को शॉपिंग के लिए शहर ले जाने का फैसला किया, तो प्रेम सिंह ने अपनी पत्नी को शहर भेज दिया और खुद शराब पीने चला गया। जब वह घर लौटा, तो उसने नेहा को अकेला पाया। उसने मौका देखकर नेहा के साथ गलत काम किया। नेहा ने विरोध किया, लेकिन प्रेम सिंह ने उसे धमकी दी कि अगर उसने किसी को बताया, तो वह उसे मार डालेगा।

नेहा डर गई और चुप हो गई। लेकिन उसकी हालत खराब होने लगी। पार्वती ने देखा कि नेहा बीमार है और उसे उल्टियां होने लगीं। उसने सोचा कि शायद नेहा प्रेग्नेंट है।

भाग 6: पार्वती का प्रतिशोध

जब पार्वती ने नेहा को प्रेग्नेंसी टेस्ट करने के लिए कहा, तो यह सच सामने आया कि नेहा गर्भवती थी। पार्वती ने अपनी भतीजी की पूरी कहानी सुनकर अपने पति प्रेम सिंह के खिलाफ एक बड़ा कदम उठाने का फैसला किया। उसने पेट्रोल खरीदा और रात को जब प्रेम सिंह सो रहा था, तब उसने उसे जला दिया।

प्रेम सिंह की चीखें सुनकर पड़ोसी इकट्ठा हो गए, लेकिन तब तक वह मर चुका था। पार्वती को गिरफ्तार कर लिया गया, लेकिन उसने अपने पति की करतूतों के बारे में सबको बता दिया।

भाग 7: अंत में

पार्वती देवी की कहानी सुनकर पुलिस भी हैरान रह गई। उन्होंने सोचा कि एक चाचा अपनी भतीजी के साथ ऐसा कैसे कर सकता है? पार्वती की कहानी ने सभी को झकझोर दिया। इस घटना ने गांव में एक बड़ा हंगामा खड़ा कर दिया और प्रेम सिंह की काली करतूतें सबके सामने आ गईं।

क्या पार्वती का कदम सही था या गलत? यह सवाल आज भी अनanswered है। लेकिन एक बात तो तय है, कि प्रेम सिंह की दुष्कर्मों का अंत हुआ और पार्वती ने अपने परिवार की रक्षा के लिए जो किया, वह एक मां की ममता का प्रतीक है।

समापन

इस कहानी ने हमें यह सिखाया कि कभी-कभी सच्चाई को उजागर करने के लिए कड़े फैसले लेने पड़ते हैं। पार्वती देवी ने अपने पति के खिलाफ उठाया कदम शायद एक मां और पत्नी की मजबूरी थी, जिसने उसे यह सब करने पर मजबूर किया।

इस तरह, प्रेम सिंह की कहानी एक चेतावनी बन गई, जो हमें यह याद दिलाती है कि बुराई का अंत हमेशा होना चाहिए।

जय हिंद!