प्रेमी से धोखा मिलने पर लड़की ने प्रेमी को पेड़ से बांध कर दी सजा/
.
धोखा मिलने पर प्रेमी को पेड़ से बांधकर मिली सजा – एक सच्ची कहानी
इंदौर जिले के छोटे से गाँव डूंगरपुर में धीरज कुमार अपने परिवार के साथ रहता था। उसके पास सात-आठ एकड़ ज़मीन थी, जिससे वह खेतीबाड़ी करता था। मेहनती और इज्ज़तदार किसान के रूप में उसकी पहचान थी। उसके दो बच्चे थे – बड़ी बेटी कोमल और बेटा किशन। कोमल पढ़ाई में तेज थी, उसने 12वीं अच्छे नंबरों से पास की और आगे कॉलेज जाने की जिद की। पिता ने पहले मना किया, मगर बेटी के सपनों के आगे झुकना पड़ा। कोमल ने वादा किया, “पिताजी, मैं आपकी पगड़ी कभी झुकने नहीं दूंगी।”
कोमल कॉलेज जाने लगी। रोज़ सुबह 8 बजे बस पकड़ती, शाम 4 बजे लौटती। पिता को चिंता थी, गाँव की एक और लड़की के साथ हाल ही में बुरा हादसा हुआ था। कोमल ने पिता को भरोसा दिलाया, “पिताजी, मैं गलत रास्ते पर नहीं जाऊंगी।”

एक दिन कोमल कॉलेज की बस में चढ़ी। भीड़ थी, सीट नहीं मिली। दो लड़कों ने उसके साथ छेड़खानी शुरू कर दी। पहले तो कोमल ने इग्नोर किया, मगर जब हद पार हो गई, तो उसने एक लड़के को थप्पड़ मार दिया। लड़कों ने कपड़े पकड़ लिए, मगर तभी प्रीतम नामक एक लड़का, जो बस में ही बैठा था, उठकर आया। उसने चाकू दिखाकर दोनों को धमकाया और कोमल को अपनी सीट दे दी। कोमल ने प्रीतम का शुक्रिया अदा किया। प्रीतम ने उसका नंबर और पता ले लिया।
यहीं से कोमल और प्रीतम की बातचीत शुरू हो गई। दोनों रोज़ घंटों बातें करने लगे। धीरे-धीरे दोस्ती प्यार में बदल गई। दोनों एक-दूसरे के घर भी जाने लगे। कोमल को नहीं पता था कि प्रीतम की असली नियत क्या है।
2 जुलाई 2025 को प्रीतम ने कोमल को फोन किया – “आज मेरा जन्मदिन है, होटल में पार्टी रखी है, ज़रूर आना।” कोमल ने पिता से झूठ बोला – “सहेली का बर्थडे है, रात 9 बजे लौट आऊंगी।” होटल पहुंची तो देखा, प्रीतम के साथ उसका दोस्त विकास भी था। दोनों ने कोमल को कमरे में बुलाया। केक काटा, बियर मंगाई। दोनों ने जबरन कोमल को भी बियर पिलाई। कोमल को नशा हो गया। प्रीतम और विकास ने उसका फायदा उठाया। जब कोमल को होश आया, तो वह निर्वस्त्र थी। उसने विरोध किया, तो प्रीतम बोला – “अगर कुछ हुआ तो मैं शादी कर लूंगा।”
रात 1:30 बजे दोनों लड़के उसे घर छोड़ गए। कोमल ने पिता को झूठ बोल दिया कि सहेली के भाई छोड़ गए हैं। एक महीना बीत गया। प्रीतम ने न फोन उठाया, न बात की। कोमल परेशान रहने लगी। एक दिन कॉलेज में उसकी तबीयत बिगड़ गई। सहेलियां अस्पताल ले गईं। डॉक्टर ने बताया – “कोमल प्रेग्नेंट है।” उसके पैरों तले ज़मीन खिसक गई। वह घर आकर रोने लगी।
पिता ने जब देखा कि बेटी ठीक नहीं है, तो पूछा। कोमल ने पूरी सच्चाई बता दी। भाई किशन भी सुनकर दंग रह गया। धीरज कुमार ने बेटी को दिलासा दी – “बेटी, कल उसे घर बुला लो। मैं उससे बात करूंगा।”
अगले दिन कोमल ने प्रीतम को फोन किया – “आज घर पर कोई नहीं है, आ जाओ।” प्रीतम खुश हो गया और 20 मिनट में आ पहुँचा। घर में घुसते ही दरवाजा बंद हो गया। धीरज, किशन और कोमल ने मिलकर प्रीतम को पकड़ लिया। उसे घसीटकर आंगन के पेड़ से रस्सी से बांध दिया। किशन चाकू लाया, पिता ने चाकू कोमल को थमाया – “इसका गुप्तांग काट दो।” गुस्से में कोमल ने वही किया। प्रीतम चीख रहा था, मगर उसके मुंह पर हाथ रखा गया था। फिर धीरज कुमार ने चाकू लिया और प्रीतम का गला काट दिया।
रात 1 बजे के करीब, धीरज, किशन और कोमल पुलिस स्टेशन पहुँचे। पूरी घटना बताई और सरेंडर कर दिया। पुलिस ने शव बरामद किया और परिवार के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की। अब यह मामला न्यायालय में है – जज क्या फैसला देंगे, ये भविष्य के गर्भ में छिपा है।
क्या धीरज कुमार और कोमल ने सही किया?
यह कहानी सिर्फ धोखे और बदले की नहीं, बल्कि हमारे समाज की उस पीड़ा की भी है, जिसमें एक लड़की को प्यार में विश्वास दिलाकर उसके साथ घिनौना खेल खेला जाता है। कोमल की गलती थी कि उसने जल्दबाजी में भरोसा किया, मगर उससे बड़ी गलती प्रीतम और विकास की थी, जिन्होंने उसकी मासूमियत का फायदा उठाया। जब इंसाफ की उम्मीद नहीं रही, तो परिवार ने खुद कानून हाथ में ले लिया।
मगर क्या कानून अपने हाथ में लेना सही था? क्या ऐसे अपराध की सजा मौत ही होनी चाहिए? क्या अगर कोमल पुलिस में जाती, तो उसे इंसाफ मिलता? या फिर समाज में बदनामी के डर से सब चुप रहते? यह सवाल आज भी हमारे समाज के सामने खड़ा है।
सीख क्या है?
-
विश्वास सोच-समझकर करें: किसी अनजान या कम जान-पहचान वाले पर जल्दी भरोसा न करें।
गलती होने पर छुपाएं नहीं: अगर कोई हादसा हो जाए, तो तुरंत परिवार या पुलिस को बताएं।
बदले की भावना से बचें: कानून अपने हाथ में लेने से समस्या और बढ़ सकती है।
समाज की मानसिकता बदलें: हमें पीड़ित को दोषी मानने की बजाय, अपराधी को सजा दिलाने पर जोर देना चाहिए।
यह कहानी न सिर्फ एक लड़की की त्रासदी है, बल्कि समाज के लिए चेतावनी भी है। जरूरत है कि हम अपने बच्चों को सही-गलत की समझ दें, और हर परिस्थिति में उनका साथ दें। प्यार में धोखा मिले तो रास्ता कानून का है, हिंसा का नहीं।
आपकी राय क्या है? क्या कोमल और उसके परिवार ने सही किया? या उन्हें कानून का सहारा लेना चाहिए था? कमेंट में जरूर बताएं।
News
फोन के फटने से हुआ बहुत बड़ा हादसा/ S.P साहब भी चौंक गए/
फोन के फटने से हुआ बहुत बड़ा हादसा/ S.P साहब भी चौंक गए/ . . यह कहानी एक साधारण से…
पालतू बिल्ली की वजह से पूरे परिवार के साथ हुआ बहुत बड़ा हादसा/
पालतू बिल्ली की वजह से पूरे परिवार के साथ हुआ बहुत बड़ा हादसा/ . . एक बेजुबान का प्रेम और…
साध्वी प्रेम बाईसा का गुरु संग वी*डियो वा*यरल होने के 6 महीने बाद मरने की असली सच्चाई!
साध्वी प्रेम बाईसा का गुरु संग वी*डियो वा*यरल होने के 6 महीने बाद मरने की असली सच्चाई! . . यह…
ANG MALUNGKOT NA SINAPIT NINA BENNYLYN AT JELLICA BURKE SA UK [Tagalog Crime Story]
ANG MALUNGKOT NA SINAPIT NINA BENNYLYN AT JELLICA BURKE SA UK [Tagalog Crime Story] . . Part 1: Ang Pagbabago…
‘Lola, Aalis na Tayo. NGAYON NA!’ Sabi Niya Matapos Makita ang Aming Silong—Akala Ko’y…
‘Lola, Aalis na Tayo. NGAYON NA!’ Sabi Niya Matapos Makita ang Aming Silong—Akala Ko’y… . . Part 1: “Ang Pagbabalik…
Ibinenta ng Aking Anak ang Minamahal na Sasakyan ng Aking Yumaong Asawa Para sa Paris Trip Nila. Ha.
Ibinenta ng Aking Anak ang Minamahal na Sasakyan ng Aking Yumaong Asawa Para sa Paris Trip Nila. Ha. . ….
End of content
No more pages to load



