बहु ने अपने ससुर के साथ कर दिया कारनामा/फिर दोनों के साथ हुआ हादसा/

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आहेरा गांव में तिहरा हत्याकांड: अवैध संबंध, कर्ज और खूनी अंत

बागपत जिला, उत्तर प्रदेशउत्तर प्रदेश के बागपत जिले के आहेरा गांव में घटी एक सनसनीखेज घटना ने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया। गरीबी, पारिवारिक कलह, अवैध संबंध और अंततः तीन हत्याओं ने इस शांत गांव को दहला दिया। इस मामले के केंद्र में हैं गगन सिंह, उनका बेटा किशन सिंह, बहू रितु देवी और गांव का साहूकार रिशिपाल।

परिवार में दरार

गगन सिंह एक किसान थे, जिनके पास लगभग छह एकड़ कृषि भूमि थी। वर्षों की मेहनत से उन्होंने अच्छी आर्थिक स्थिति बना ली थी। सात वर्ष पहले पत्नी की मृत्यु के बाद उनके व्यवहार में बदलाव आने की बात ग्रामीणों द्वारा कही जाती है।

उनका इकलौता बेटा किशन सिंह ने पिता की इच्छा के विरुद्ध रितु देवी से विवाह किया। इस विवाह के कारण पिता-पुत्र के संबंध बिगड़ गए और गगन ने दोनों को घर से अलग कर दिया। किशन और रितु गांव में किराये के कमरे में रहने लगे। किशन पास की फैक्ट्री में मजदूरी करने लगा, जबकि रितु घर संभालती थी।

भैंस खरीदने की योजना और पैसों की जरूरत

आर्थिक तंगी से जूझते दंपत्ति ने डेयरी व्यवसाय शुरू करने का निर्णय लिया। रितु ने दो भैंस खरीदकर दूध बेचने का सुझाव दिया। इसके लिए लगभग दो लाख रुपये की जरूरत थी।

किशन ने अपने पिता गगन से मदद मांगी, लेकिन उन्होंने साफ इंकार कर दिया। इसके बाद रितु स्वयं गगन के पास गई। आरोप है कि गगन ने आर्थिक मदद के बदले अवैध संबंध की शर्त रखी। रितु ने शुरुआत में मना कर दिया।

साहूकार का प्रवेश

10 दिसंबर 2025 को रितु गांव के साहूकार रिशिपाल के पास पहुंची। बताया जाता है कि उसने भी कर्ज के बदले शारीरिक संबंध की मांग की। परिस्थितियों के दबाव में रितु ने शर्त स्वीकार कर ली। उसे दो लाख रुपये मिले और भैंसें खरीद ली गईं। कुछ समय तक डेयरी व्यवसाय ठीक चला।

लेकिन किशन शराब पीने लगा और घर की स्थिति फिर बिगड़ गई। भैंसों के बीमार पड़ने से आय बंद हो गई। इसी दौरान रितु और रिशिपाल के बीच संबंध जारी रहे। बाद में रितु ने फिर से गगन से संपर्क किया और कथित रूप से उनके बीच भी अवैध संबंध शुरू हो गए।

15 जनवरी 2026: खून से सना दिन

15 जनवरी 2026 को घटना ने भयावह रूप ले लिया। पुलिस के अनुसार, रितु गगन के खेत में गई थी। बाद में गगन ने रिशिपाल को भी वहां बुलाया। दोनों ने शराब पी।

आरोप है कि गगन ने अचानक हंसिया से रिशिपाल का गला काट दिया। इसके बाद वह और रितु मिलकर शव को खेत में दफनाने के लिए गड्ढा खोदने लगे।

उसी समय किशन को सूचना मिली कि उसकी पत्नी खेत में है। वह मौके पर पहुंचा और कथित रूप से अपने पिता और पत्नी को शव दफनाते देख लिया। गुस्से में आकर किशन ने पहले अपने पिता गगन पर हमला किया और उनकी हत्या कर दी। फिर उसने रितु पर भी हमला कर उसे मार डाला।

आत्मसमर्पण और जांच

घटना के बाद किशन सीधे पुलिस थाने पहुंचा और आत्मसमर्पण कर दिया। पुलिस ने खेत से तीनों शव बरामद किए और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिए। किशन पर भारतीय दंड संहिता की संबंधित धाराओं में हत्या का मामला दर्ज किया गया है।

कानूनी और सामाजिक सवाल

यह मामला कई जटिल प्रश्न खड़े करता है—

क्या यह क्षणिक आवेश में किया गया अपराध था?

क्या रितु शोषण की शिकार थी या साजिश में शामिल?

क्या गरीबी और सामाजिक दबाव ने इस त्रासदी को जन्म दिया?

कानून की नजर में हत्या गंभीर अपराध है, चाहे परिस्थिति कैसी भी हो। हालांकि अदालत यह देखेगी कि घटना पूर्व नियोजित थी या अचानक गुस्से का परिणाम।

निष्कर्ष

आहेरा गांव की यह घटना केवल एक आपराधिक मामला नहीं, बल्कि सामाजिक विफलताओं का आईना है। आर्थिक तंगी, अवैध संबंध, लालच और आवेश—इन सबने मिलकर तीन जिंदगियां खत्म कर दीं।

अब अंतिम फैसला अदालत के हाथ में है। लेकिन यह त्रासदी गांव के इतिहास में एक कड़वी सीख बनकर दर्ज हो चुकी है।