बेटो को दो बार पकड़ा? लेकिन फिर तीसरी बार?

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चौंकाने वाली हत्या की कहानी: एक मां की संघर्ष और बेटी की धोखाधड़ी

आज के समय में जहां कई लोग अपने परिवार के भरण-पोषण के लिए दिन-रात मेहनत करते हैं, वहीं कुछ लोग इस कठिनाई का फायदा उठाने के लिए अपनी माँ के संघर्ष को ही भूल जाते हैं। यह कहानी एक ऐसी ही मां की है, जिनकी मेहनत और संघर्ष का अंत बहुत ही दर्दनाक तरीके से हुआ। यह कहानी है हैदराबाद के जवाहर नगर थाना क्षेत्र की रहने वाली अंजू की, जो घर-घर जाकर काम करती थी और अपने परिवार की जिम्मेदारी निभाती थी, लेकिन एक दिन ऐसा हुआ कि उसे न केवल अपने परिवार से धोखा मिला, बल्कि उसकी जान भी चली गई।

अंजू का संघर्ष

अंजू, एक मेहनती महिला थी, जिसने अपनी पति की मौत के बाद घर की सारी जिम्मेदारी अपने कंधों पर ले ली थी। अंजू के घर में दो बेटियां थीं, जिनमें से एक बड़ी बेटी थी जो काम करने लगी थी और दूसरी छोटी बेटी थी, जो अभी पढ़ाई कर रही थी। अंजू की कड़ी मेहनत से धीरे-धीरे परिवार की स्थिति बेहतर होने लगी थी। वह अपने बच्चों के लिए हर वह कोशिश कर रही थी, जिससे उनकी पढ़ाई पूरी हो सके और उनका भविष्य सुरक्षित हो।

लेकिन 2024 में एक दिन ऐसा हुआ, जिसने अंजू के पूरे जीवन को बदल दिया। एक दिन जब अंजू अपने घर पहुंची, तो उसने देखा कि घर का मुख्य दरवाजा खुला हुआ था। उसे लगा कि शायद कोई चोर घर में घुस आया है। उसने धीरे से दरवाजा खोला और जैसे ही घर में दाखिल हुई, उसे कमरे से अजीब आवाजें आने लगीं। वह आवाज उसकी सबसे छोटी बेटी की थी। अंजू धीरे-धीरे कमरे के पास गई और जब उसने दरवाजा खोला, तो जो दृश्य उसके सामने आया, वह उसे सन्न कर देने वाला था।

घर में बुरा मंजर

उसकी छोटी बेटी अपने प्रेमी के साथ आपत्तिजनक स्थिति में थी। यह देख अंजू को गुस्सा आया और उसने तुरंत घर का दरवाजा बाहर से बंद कर दिया और पुलिस को खबर दी। पुलिस ने मौके पर पहुंच कर, लड़की के प्रेमी मॉनटी को गिरफ्तार किया और पॉक्सो एक्ट के तहत कार्रवाई की, क्योंकि लड़की नाबालिग थी। मॉनटी को जेल भेजा गया, लेकिन इसके बाद अंजू ने अपनी बेटी को कड़ी फटकार लगाई। बड़ी बेटी ने अपनी छोटी बहन को समझाया और कहा कि तुम्हारी उम्र इन चीजों के लिए नहीं है, तुम्हें सिर्फ पढ़ाई पर ध्यान देना चाहिए।

मॉनटी की वापसी और नाबालिग प्रेमिका का जाल

मॉनटी जेल से जमानत मिलने के बाद बाहर आया और वह फिर से अपनी नाबालिग प्रेमिका से मिलने लगा। मॉनटी और उसकी प्रेमिका के बीच रिश्ते फिर से शुरू हो गए, और अब एक नई कहानी ने जन्म लिया। कुछ समय बाद, 12 मई 2025 को मॉनटी और उसकी प्रेमिका ने एक खौ़फनाक प्लान तैयार किया। मॉनटी ने अंजू के घर में घुसने का फैसला किया और वहां अंजू को अकेले पाकर उसे खत्म कर देने की योजना बनाई।

अंजू की हत्या

12 मई 2025 को जब अंजू काम करके घर लौटी, तो उसने वही दृश्य देखा, जो उसने पिछले साल देखा था। उसकी छोटी बेटी फिर से अपने प्रेमी के साथ आपत्तिजनक स्थिति में थी। इस बार अंजू का गुस्सा सातवें आसमान पर था और उसने फिर से दरवाजा बाहर से बंद कर दिया और पुलिस को खबर की। पुलिस ने फिर से मॉनटी को गिरफ्तार किया, लेकिन इस बार उसने अपनी नाबालिग प्रेमिका के साथ मिलकर एक खौ़फनाक प्लान तैयार किया था।

अंजू को मारने के बाद, मॉनटी और उसकी प्रेमिका ने अंजू के शव को छिपाने की योजना बनाई। उन्होंने शव को पॉलिथीन में लपेटा और उसे बेडरूम के नीचे छुपा दिया। इस घटना के बाद डरने की बजाय, दोनों ने फिर से योजना बनाई कि शव को कहीं छिपाने की जरूरत नहीं है, क्योंकि अगर समय रहते शव को ठिकाने नहीं लगाया गया तो वे पकड़े जा सकते थे। उन्होंने शव को बेडरूम के नीचे गड्ढा खोदकर दफना दिया और फिर ऊपर से सीमेंट डाल दिया।

बेटी का शक और जांच

अंजू की बड़ी बेटी जब घर लौटी, तो उसने देखा कि बेडरूम के फर्श पर सीमेंट का काम हुआ था। छोटी बेटी ने बताया कि चूहे घर में घुस गए थे और चूहों के कारण कई गड्ढे हो गए थे, इसलिए सीमेंट डालना पड़ा। बड़ी बेटी ने इसे ठीक माना, लेकिन उसके मन में सवाल उठे कि क्या यह सच है? फिर धीरे-धीरे समय बीतता गया और मॉनटी को अंजू के घर में आने-जाने की पूरी आजादी मिल गई थी। दोनों अब बेडरूम में मिलते थे, जहां अंजू को दफनाया गया था।

हत्या का खुलासा

बड़ी बेटी को अब शक होने लगा कि उसकी मां कहीं भाग तो नहीं गई थी, लेकिन जब उसे पता चला कि मॉनटी और उसकी छोटी बहन के बीच फिर से मिलनाजुलना हो रहा था, तो उसने इसकी पूरी जांच की। उसने चिट फंड कंपनी में जाकर मां की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करवाने की कोशिश की, ताकि पैसे निकालने के लिए वह कंपनी से मदद ले सके।

लेकिन, जब पुलिस ने इस मामले की जांच शुरू की, तो बहुत सी बातें सामने आईं। पुलिस ने जब छोटी बेटी का बयान लिया तो वह बार-बार अपना बयान बदल रही थी, जिससे पुलिस को उस पर शक हुआ। मॉनटी को फिर से गिरफ्तार किया गया और दोनों ने अपने जुर्म को कबूल कर लिया।

न्याय का सामना

पुलिस ने अंजू के शव को बरामद किया और पीएम रिपोर्ट से यह बात सामने आई कि अंजू को बेरहमी से मारा गया था। इस मामले में मॉनटी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया और अंजू की छोटी बेटी को बाल सुधार गृह में भेजा गया। यह घटना एक माता-पिता के संघर्ष और एक बेटी की धोखाधड़ी को दर्शाती है, जो किसी ने कभी नहीं सोचा था कि वह इतनी गहरी साजिश में शामिल हो सकती है।

निष्कर्ष

यह घटना इस बात का उदाहरण है कि कैसे समाज में सच्चाई और न्याय की खोज में परिवार के सदस्य एक-दूसरे को धोखा दे सकते हैं। अंजू ने अपनी बेटी की शिक्षा और भविष्य के लिए खुद को समर्पित किया, लेकिन इसके बदले उसे न केवल धोखा मिला बल्कि अपनी जान भी गंवानी पड़ी। इस मामले में सबसे दर्दनाक बात यह है कि एक मां अपनी बच्चियों के भविष्य के लिए कड़ी मेहनत कर रही थी, लेकिन उसका विश्वास उसकी बेटी ने तोड़ा।