मां और बेटी दोनों एक ही प्रेमी से प्रेम करती थी/दोनों के साथ हुआ बहुत बड़ा हादसा/

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“मेरठ का खौफनाक दोहरा हत्याकांड: बेटी ने पहले मां का गला काटा, फिर प्रेमी को खेत में बुलाकर दी दर्दनाक मौत”


मेरठ के छोटे से गांव में सनसनी

उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले के कैली गांव में दिसंबर 2025 के अंत में घटी एक घटना ने पूरे इलाके को हिलाकर रख दिया। एक साधारण से परिवार में हुई इस भयावह घटना ने न केवल गांव वालों को स्तब्ध कर दिया बल्कि पुलिस अधिकारियों को भी गहरी जांच करने पर मजबूर कर दिया।

यह मामला एक विधवा महिला, उसकी किशोर बेटी और गांव के प्रभावशाली परिवार के बेटे के इर्द-गिर्द घूमता है। इस पूरे घटनाक्रम में विश्वासघात, लालच, गलत रिश्ते और बदले की भावना ने मिलकर ऐसी त्रासदी को जन्म दिया जिसने दो लोगों की जान ले ली।


विधवा महिला का संघर्ष

कैली गांव में रहने वाली आंचल देवी एक विधवा महिला थी। लगभग पांच वर्ष पहले उनके पति की लंबी बीमारी के कारण मृत्यु हो गई थी। पति के निधन के बाद उनका पूरा जीवन बदल गया।

घर में अब केवल उनकी एक बेटी पूनम थी, जो दसवीं कक्षा में पढ़ाई करती थी। मां और बेटी दोनों एक-दूसरे का सहारा बनकर जीवन बिता रही थीं।

लेकिन आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर थी।

आंचल देवी को घर चलाने के लिए गांव के जमींदारों के खेतों में मजदूरी करनी पड़ती थी। हर सुबह करीब सात बजे वह खेतों में काम करने चली जाती और शाम को घर लौटती थीं।

गांव में लोग उन्हें मेहनती महिला के रूप में जानते थे, लेकिन उनकी जिंदगी में धीरे-धीरे कुछ ऐसे बदलाव आने लगे जिनकी चर्चा गांव में होने लगी।


गरीबी और बेटी की पढ़ाई

पूनम पढ़ाई करना चाहती थी और अपने भविष्य को बेहतर बनाना चाहती थी। लेकिन गरीबी उसके रास्ते में बड़ी बाधा बन रही थी।

उसके पास केवल एक ही स्कूल यूनिफॉर्म थी। वह हर रोज वही कपड़े धोकर और सुखाकर स्कूल जाया करती थी।

एक दिन उसने अपनी मां से कहा कि उसे दूसरी स्कूल ड्रेस चाहिए ताकि उसे रोज इतनी परेशानी न उठानी पड़े।

लेकिन आंचल देवी ने मजबूरी जताई। उन्होंने बताया कि मजदूरी का पैसा समय पर नहीं मिलता और घर चलाना ही मुश्किल हो जाता है।

फिर भी उन्होंने बेटी से वादा किया कि वह जल्द ही उसके लिए नई ड्रेस बनवाने की कोशिश करेंगी।


सरपंच के घर से शुरू हुआ मामला

इसी सिलसिले में एक दिन आंचल देवी गांव के सरपंच अमर सिंह के घर काम मांगने गईं।

अमर सिंह गांव के प्रभावशाली व्यक्ति थे और उनके खेतों में कई मजदूर काम करते थे।

जब आंचल देवी उनके घर पहुंचीं तो अमर सिंह घर पर नहीं थे। घर में केवल उनका बेटा तेजबीर मौजूद था।

तेजबीर गांव में अपनी बिगड़ी हुई आदतों के लिए जाना जाता था। वह अक्सर महिलाओं के प्रति गलत नजरिया रखता था।

जब उसने आंचल देवी को देखा तो उसने उनकी मजबूरी का फायदा उठाने का फैसला कर लिया।


पैसों के बदले रिश्ता

तेजबीर ने आंचल देवी से कहा कि वह उनकी आर्थिक मदद कर सकता है, लेकिन बदले में उन्हें भी उसकी “सेवा” करनी पड़ेगी।

आंचल देवी पहले तो उसकी बात समझ नहीं पाईं, लेकिन जब तेजबीर ने साफ शब्दों में अपनी बात कही तो उन्होंने मजबूरी में यह प्रस्ताव स्वीकार कर लिया।

उन्हें अपनी बेटी की फीस और कपड़ों के लिए पैसों की जरूरत थी।

तेजबीर ने उन्हें 1500 रुपये दिए और दोनों गांव के बाहर खेतों की ओर चले गए।

वहीं खेत में बने एक कमरे में दोनों के बीच अनुचित संबंध स्थापित हो गए।


बेटी की जिंदगी में प्रवेश

कुछ दिनों बाद तेजबीर आंचल देवी के घर आने लगा।

एक दिन उसकी मुलाकात पूनम से हुई।

तेजबीर पूनम को देखकर चौंक गया। उसे लगा कि पूनम अपनी मां से भी अधिक सुंदर है।

धीरे-धीरे पूनम भी तेजबीर से प्रभावित होने लगी।

कुछ ही समय में दोनों के बीच भी नजदीकियां बढ़ गईं और उनका मिलना-जुलना शुरू हो गया।


खतरनाक प्रेम संबंध

करीब पंद्रह दिनों के भीतर तेजबीर और पूनम के बीच प्रेम संबंध शुरू हो गया।

दोनों खेतों में मिलते और घंटों साथ समय बिताते।

तेजबीर कभी-कभी पूनम को पैसे भी देता था।

उधर आंचल देवी को इस बात का अंदाजा नहीं था कि वही युवक, जिससे उनका संबंध था, अब उनकी बेटी के साथ भी जुड़ चुका है।

मां और बेटी दोनों अलग-अलग तरीके से उसी व्यक्ति से जुड़े हुए थे।


सोने की अंगूठी की मांग

29 दिसंबर 2025 को आंचल देवी ने तेजबीर को फोन किया और उससे सोने की अंगूठी लाने की मांग की।

तेजबीर के पास इतने पैसे नहीं थे, लेकिन उसने घर से चोरी करके पैसे जुटाए और शहर जाकर दो सोने की अंगूठियां खरीद लीं।

एक अंगूठी उसने आंचल देवी के लिए खरीदी और दूसरी पूनम के लिए।

जब वह अंगूठी लेकर आंचल देवी के घर पहुंचा तो दोनों ने फिर से समय साथ बिताया।

लेकिन उसी दिन पूनम स्कूल से घर लौट आई और उसने तेजबीर को घर के अंदर देखा।

उस समय पूनम को सब कुछ समझ में आ गया।


बेटी का खतरनाक फैसला

उस रात पूनम ने एक ऐसा फैसला लिया जिसने पूरे गांव को स्तब्ध कर दिया।

जब उसकी मां गहरी नींद में सो रही थी, तब पूनम ने घर में रखा एक ब्लेड उठाया।

उसने अपनी मां का गला काट दिया।

आंचल देवी की मौके पर ही मौत हो गई।

लेकिन पूनम यहीं नहीं रुकी।


प्रेमी की भी हत्या

पूनम ने उसी रात तेजबीर को फोन किया और उसे खेत में मिलने के लिए बुलाया।

रात करीब साढ़े दस बजे तेजबीर खेत में पहुंच गया।

वह इस बात से अनजान था कि पूनम पहले ही अपनी मां की हत्या कर चुकी है।

दोनों खेत के कमरे में पहुंचे।

उसी दौरान पूनम ने ब्लेड से तेजबीर पर हमला कर दिया।

उसने पहले उसे गंभीर रूप से घायल किया और फिर उसका गला काट दिया।

तेजबीर की भी मौके पर ही मौत हो गई।


खुद पुलिस के पास पहुंची आरोपी

दोनों हत्याओं के बाद पूनम सीधे पुलिस स्टेशन पहुंच गई।

उसने पुलिस को बताया कि उसने अपनी मां और अपने प्रेमी दोनों की हत्या कर दी है।

पुलिस तुरंत घटनास्थल पर पहुंची और दोनों शव बरामद किए।

इस भयानक दृश्य को देखकर पुलिस अधिकारी भी हैरान रह गए।


पूरे गांव में सनसनी

यह मामला पूरे गांव में चर्चा का विषय बन गया।

लोग यह सोचने लगे कि आखिर एक कम उम्र की लड़की इतनी बड़ी घटना को कैसे अंजाम दे सकती है।

पुलिस ने पूनम को हिरासत में लेकर मामला दर्ज किया और आगे की जांच शुरू कर दी।


समाज के लिए सबक

यह घटना केवल एक अपराध की कहानी नहीं है।

यह सामाजिक और पारिवारिक समस्याओं की भी एक दुखद तस्वीर पेश करती है।

गरीबी, लालच, गलत रिश्ते और भावनात्मक तनाव—इन सबने मिलकर एक ऐसी परिस्थिति बना दी जिसमें एक परिवार पूरी तरह बिखर गया।


निष्कर्ष

मेरठ के कैली गांव की यह घटना हमें यह सोचने पर मजबूर करती है कि छोटी-छोटी गलतियां कभी-कभी कितनी बड़ी त्रासदी का रूप ले सकती हैं।

एक विधवा मां की मजबूरी, एक युवक की लालच भरी सोच और एक किशोरी की भावनात्मक प्रतिक्रिया ने मिलकर दो हत्याओं को जन्म दिया।

अब सबकी नजर अदालत के फैसले पर टिकी है।

क्योंकि यह सवाल अभी भी बना हुआ है—

क्या पूनम ने जो किया वह न्याय था, या एक भयावह अपराध?