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यह कहानी एक भयावह और दिल दहला देने वाली घटना के बारे में है, जिसमें एक बेटे ने अपने ही पिता की हत्या कर दी। यह घटना उत्तर प्रदेश के लखनऊ शहर की है, जो पूरे देश को दहला कर रख दिया। घटना की शुरुआत 20 फरवरी 2026 की रात हुई थी, जब एक बेटे ने अपनी बहन के सामने अपने पिता को मौत के घाट उतार दिया।

रात का समय था, लगभग 4:30 बजे। 21 वर्षीय लड़का, जो अपने पिता और बहन के साथ एक कमरे में था, अचानक एक राइफल उठाता है। उसने अपने पिता को निशाना बना कर गोली मार दी, जिससे पिता का मस्तिष्क बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया। बहन, जो यह सब देख रही थी, हैरान और भयभीत होकर अपने भाई से पूछती है, “तुम यह क्या कर रहे थे?” लेकिन लड़का ठंडे मन से जवाब देता है, “मैंने तुम्हारी तरफ नहीं, बल्कि पिता की तरफ निशाना लगाया था।”

यहां से कहानी और भी दिलचस्प हो जाती है। बेटे की इस क्रूरता के बाद, बहन को चुप रहने की धमकी दी जाती है। वह बिल्कुल खामोश हो जाती है, जबकि भाई अपने पिता की लाश को अनदेखा करते हुए अपनी चाची से चिकन और पनीर बनाने की मांग करता है। यह दृश्य एक निंदनीय अपराध की तरह सामने आता है, जब परिवार के लोग यह सब होते हुए भी सामान्य रूप से खाना खाते हैं, जबकि घर में एक बेजान लाश पड़ी है।

घटना के बाद, यह मामला मीडिया में फैल जाता है और पूरे देश में चर्चा का विषय बन जाता है। कई सवालों का सामना करते हुए, जब पुलिस ने जांच शुरू की, तो एक सनसनीखेज खुलासा होता है। बेटे ने अपने पिता की हत्या क्यों की? पुलिस की थ्योरी यह थी कि यह हत्या एक नीट परीक्षा को लेकर पिता और बेटे के बीच हुए विवाद के कारण हुई थी। पिता चाहता था कि बेटा डॉक्टर बने, लेकिन बेटे के मन में यह ख्याल था कि उसके पिता ने उसकी मां की मौत के बाद कभी उसका साथ नहीं दिया था। यही तनाव और नाराजगी के कारण वह इस खौफनाक कदम तक पहुंचा।

मीडिया और पुलिस दोनों ही इस घातक घटना के पीछे छुपे हुए कारणों को जानने की कोशिश करते हैं, लेकिन हर किसी का यह मानना था कि यह हत्या सिर्फ एक परीक्षा के कारण नहीं हुई थी। परिवार की गहरी समस्याएं और रिश्तों में छुपे दर्द के कारण यह घटना सामने आई थी, जो अब एक परिवार के नष्ट हो जाने की कहानी बन चुकी थी।

घटना के बाद, पूरा देश इस घटना को लेकर चर्चा करने लगा। लोग यह जानने के लिए उत्सुक थे कि आखिर क्या कारण था जो इस घातक कदम को उठाने के लिए बेटे को मजबूर कर दिया। क्या यह सिर्फ नीट परीक्षा था, या फिर परिवार के अंदर कुछ और भी था जो इस खौ़फनाक क़त्ल के पीछे छिपा था?

पुलिस ने अपनी जांच तेज़ की और बेटे अक्षत प्रताप सिंह को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार होने के बाद, पुलिस ने उससे कई बार पूछताछ की, लेकिन उसकी ज़ुबान से केवल एक ही शब्द निकला, “सॉरी, मुझसे गलती हो गई।” उसकी इस संजीदगी ने लोगों को और भी चौंका दिया, क्योंकि उसने न तो अपनी बातों का विस्तार किया और न ही इस अपराध के पीछे के असल कारणों के बारे में कुछ बताया। यह उसकी चुप्पी और लापरवाही से साफ़ था कि वह गहरे अपराध बोध से जूझ रहा था, लेकिन फिर भी वह पूरी सच्चाई को उजागर करने के लिए तैयार नहीं था।

इस दौरान, पुलिस ने घटनास्थल से कई अहम साक्ष्य बरामद किए। एक नीले रंग का ड्रम, राइफल, तीन खोखे, और दो आरी के साथ-साथ कुछ प्लास्टिक की पोटलियाँ जिसमें मृतक के शरीर के टुकड़े थे, ये सब पुलिस के हाथ लगे। पुलिस के अनुसार, बेटे ने अपनी father’s लाश को आरी से काटकर अलग-अलग हिस्सों में विभाजित कर दिया था और फिर उन हिस्सों को कई स्थानों पर फेंक दिया था, ताकि वे किसी को ना मिलें। लेकिन जैसे ही पुलिस ने घटना का पर्दाफाश किया, यह स्पष्ट हो गया कि यह केवल एक साधारण हत्या नहीं थी, बल्कि एक परिवार के अंदर छुपे हुए गहरे रिश्ते और मनोवैज्ञानिक दबाव का परिणाम था।

वहीं दूसरी ओर, जब बेटे के बारे में और अधिक जानकारी प्राप्त की गई, तो पता चला कि वह अपनी मां की मौत के बाद काफी नाराज़ था। उसे लगता था कि उसके पिता ने हमेशा अपने व्यावसायिक जीवन को परिवार से ऊपर रखा और उसकी मां के दुखों को नज़रअंदाज किया। वह न केवल नीट परीक्षा में असफल हुआ था, बल्कि उसे यह भी लगता था कि उसके पिता ने उसे कभी सही दिशा नहीं दिखाई। इन सभी कारणों से वह अपने पिता से नाराज़ था, लेकिन किसी ने नहीं सोचा था कि इस नाराजगी के कारण वह एक दिन इस हद तक जा सकता है।

इस बीच, परिवार के अन्य सदस्य, खासकर मृतक की छोटी बहन, इस पूरी घटना को लेकर पूरी तरह से बर्बाद हो गए थे। उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा कि उनका भाई कभी इतना क्रूर नहीं था, और वह हमेशा परिवार के साथ अच्छे रिश्तों की उम्मीद करता था। लेकिन उस दिन के बाद, सब कुछ बदल गया। बहन ने बताया कि उसके भाई ने कभी अपनी समस्याओं को उनके साथ साझा नहीं किया और यह सब भीतर ही भीतर पनपता गया था। उसके दिल में इतनी नफरत और गुस्सा था कि उसने अपने पिता को खत्म कर दिया, जो शायद परिवार के सबसे अच्छे इंसान थे।

मीडिया के लिए यह मामला एक बड़ा कवर स्टोरी बन चुका था। हर चैनल, हर अखबार इस घटना के बारे में रिपोर्ट करने में जुटा हुआ था। देश भर में लोग इस कहानी के बारे में बातें कर रहे थे। क्या यह सिर्फ एक व्यक्तिगत विवाद था या फिर इस परिवार में कुछ और भी गहरे राज थे जो सबके सामने नहीं आए थे? यही सवाल हर किसी के मन में था, और शायद यह राज कभी न खुल पाए।

जब तक पुलिस की जांच जारी रही, तब तक परिवार के लोग एक अंधेरे की ओर बढ़ते जा रहे थे। बेटे ने अपने पिता की हत्या की, लेकिन क्या वह सच्चाई का सामना कर पाएगा? क्या उसे अपनी गलती का एहसास होगा, या फिर वह हमेशा के लिए अपनी इस हत्या के बोझ के साथ जीने को मजबूर होगा? इस प्रश्न का उत्तर अब केवल समय ही दे सकता था।

यह घटना न केवल एक परिवार के टूटने का गवाह बनी, बल्कि समाज को भी यह सिखा गई कि हम कभी भी अपने आस-पास के लोगों के दुखों और मानसिक स्थिति को नजरअंदाज नहीं कर सकते। एक छोटा सा तनाव भी कब बड़े अपराध में बदल सकता है, इसका यह एक भयानक उदाहरण था।