वीडियो कॉल पर बात करते हुए हुआ बहुत बड़ा हादसा/पूरे परिवार की हुई मौ#त/

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“वीडियो कॉल पर बात करते हुए हुआ बड़ा हादसा”

भाग 1: एक साधारण परिवार की कहानी

उत्तर प्रदेश के वाराणसी जिले के आदमपुर गांव में बृजमोहन सिंह और उनकी बेटी मीना देवी का जीवन पहले काफी सामान्य था। बृजमोहन एक मेहनत-मजदूरी करने वाला आदमी था, जो किसी तरह से अपनी बेटी की परवरिश कर रहा था। मीना देवी ने बीए की परीक्षा पास की थी और अब घर पर रहकर कामकाज करती थी। लेकिन बृजमोहन हमेशा चिंता में डूबा रहता था, क्योंकि उसकी बेटी ने कुछ साल पहले किसी प्रेमी के साथ भागकर घर की इज्जत को ठेस पहुंचाई थी।

मीना देवी का चाल-चलन भी हमेशा ठीक नहीं रहता था। बृजमोहन को यह डर था कि कहीं उसकी बेटी फिर से गलत रास्ते पर न चल पड़े। हालांकि वह अपनी बेटी के लिए एक अच्छे लड़के की तलाश कर रहा था, लेकिन फिर भी उसके मन में डर बना हुआ था।

भाग 2: मीना का मोबाइल और वीडियो कॉल

कुछ समय बाद, मीना देवी और बृजमोहन के बीच फोन को लेकर बहुत बहस होने लगी। मीना का पूरा समय अब मोबाइल पर वीडियो कॉल करने में व्यतीत होता था। वह न सिर्फ अपने पुराने प्रेमियों से बात करती थी, बल्कि वीडियो कॉल के माध्यम से कुछ पैसे भी कमाती थी। बृजमोहन ने कई बार उसे समझाया था कि वह अपने मोबाइल का उपयोग सही तरीके से करे, लेकिन मीना ने कभी उसकी बातों पर ध्यान नहीं दिया।

एक दिन, मीना देवी का मोबाइल पानी में गिर गया और फोन खराब हो गया। मीना को यह बात बहुत बुरी लगी। उसने अपने पति राकेश से नया फोन मांगने की सोची। राकेश ने कहा, “तुम जानती हो कि हम मेहनत-मजदूरी करते हैं, मुझे इतना पैसा नहीं मिल पाता कि मैं तुम्हें नया फोन खरीद कर दे सकूं।” लेकिन मीना देवी फोन के बिना एक मिनट भी नहीं रह सकती थी। वह चाहती थी कि हर हाल में नया फोन मिले, ताकि वह अपने प्रेमियों से लगातार वीडियो कॉल कर सके।

भाग 3: राकेश की मजबूरी और मीना का लालच

राकेश ने मीना को बताया कि वह अगले महीने उसे फोन खरीदकर दे देगा। लेकिन मीना का लालच अब और बढ़ गया था। वह जानती थी कि वह किसी भी तरीके से फोन हासिल कर सकती है। उसकी बातों से राकेश परेशान हो गया था, लेकिन मीना देवी ने अपने मन की जिद ठान ली थी।

कुछ दिनों बाद, राकेश ने एक कारखाने में काम ढूंढ़ लिया। वह अब पहले से अधिक मेहनत कर रहा था और उसे अच्छा पैसा मिल रहा था। राकेश का काम अब ठीक चल रहा था, लेकिन मीना देवी का ध्यान अब भी सिर्फ फोन और वीडियो कॉल पर था।

एक दिन राकेश का दोस्त रवि उनके घर आया। वह काफी अच्छा लड़का था, लेकिन मीना ने उसे देखा और महसूस किया कि रवि में कुछ खास था। मीना का मन अब रवि की ओर आकर्षित होने लगा था। दोनों के बीच बातचीत बढ़ने लगी और फिर दोनों का रिश्ता एक गलत मोड़ पर पहुंच गया। मीना ने सोचा कि रवि से मदद लेकर वह अपना फोन खरीद सकती है और फिर अपने प्रेमियों से लगातार वीडियो कॉल कर सकती है।

भाग 4: चोरी और धोखाधड़ी की योजना

मीना देवी ने एक दिन रवि से कहा कि उसके पास फोन नहीं है और वह फोन के बिना नहीं रह सकती। रवि ने कहा, “मैं तुम्हारे लिए फोन ले आऊंगा, लेकिन तुम्हें मेरी कुछ शर्तें माननी होंगी।” मीना देवी ने बिना कोई सवाल किए उसकी शर्तों को मान लिया और दोनों के बीच एक गलत रिश्ते की शुरुआत हो गई।

रवि ने मीना को धोखा देते हुए कहा कि वह उसे फोन दिलवाएगा, लेकिन बदले में उसे अपनी शर्तें पूरी करनी होंगी। मीना ने रवि के साथ इस शर्त पर बात की और उसने उसे अपने पति से छिपकर मिलने का प्रस्ताव रखा। मीना देवी ने रवि से कहा कि वह अपने पति से झूठ बोलेगी और उसे विश्वास दिलाएगी कि फोन उसके पिता ने भेजा है।

रवि ने मीना से कहा कि वह अगले दिन नया फोन लेकर आएगा। इसके बाद मीना ने फिर से अपने प्रेमी से वीडियो कॉल करना शुरू कर दिया और इस दौरान वह चोरी-चुपके से पैसे भी मंगवाने लगी।

भाग 5: राकेश की जागरूकता और झगड़ा

एक दिन राकेश ने देखा कि उसकी पत्नी मीना ने नया फोन लिया है। वह तुरंत उससे पूछने लगा कि यह फोन कहां से आया। मीना ने झूठ बोलते हुए कहा, “यह मेरे पिताजी ने भेजा है।” राकेश ने सोचा कि अब उसकी पत्नी खुश है और झगड़ा नहीं करना चाहिए, लेकिन एक दिन राकेश ने देखा कि मीना रात को फिर से फोन पर बात कर रही है। इस बार उसने पाया कि मीना वीडियो कॉल पर अपने प्रेमियों से बातचीत कर रही थी।

राकेश का गुस्सा अब आसमान पर था। उसने अपनी पत्नी को बुरी तरह से पीटा और मोबाइल फोन छीन लिया। उसने अपने गुस्से में आकर वह फोन दीवार पर फेंक दिया, जिससे फोन टूट गया। मीना ने कहा, “यह मेरी गलती नहीं है, मुझे सिर्फ एक फोन चाहिए था।” लेकिन राकेश अब समझ गया था कि उसकी पत्नी गलत रास्ते पर चल रही है।

भाग 6: बड़ा हादसा

एक दिन, जब राकेश मेहनत करने के लिए कारखाने में गया, तो मीना ने अपने प्रेमी रवि से फोन पर बात करने के लिए मौका पाया। उसने रवि को कहा कि फोन के बिना वह अब नहीं रह सकती। रवि ने उसे फोन दिलवाने के लिए अपनी शर्तों का पालन करने को कहा। मीना ने अपनी इज्जत को दांव पर लगाकर फोन के बदले गलत संबंध बनाए और इस तरह से वह एक और अपराध की ओर बढ़ गई।

राकेश ने जब घर लौटकर देखा कि उसकी पत्नी फिर से उसी गलत रास्ते पर चल रही है, तो उसने सोचा कि अब क्या किया जाए। उसने पहले तो मीना की पिटाई की और फिर मोबाइल को तोड़ दिया। लेकिन यह केवल शुरुआत थी।

भाग 7: घटनाओं का दुखद मोड़

राकेश ने मीना से कहा, “अब तुम्हारी गलती की सजा मुझे देनी होगी।” इसके बाद राकेश ने अपनी पत्नी और पुलिस दरोगा कांतलाल को मौत के घाट उतार दिया। राकेश ने उन्हें मारने के बाद घर में आग लगा दी और पुलिस को झूठी कहानी सुनाई कि घर में आग लगने से उनकी पत्नी की मौत हुई।

जब पुलिस ने जांच की तो उन्हें सब कुछ साफ-साफ समझ में आ गया। राकेश को गिरफ्तार कर लिया गया और इस मामले में कार्रवाई की गई।

निष्कर्ष

यह कहानी हमें यह सिखाती है कि कभी भी गलत रास्ते पर न चलें, क्योंकि इसके परिणाम जीवन को बर्बाद कर सकते हैं। शॉर्टकट से सफलता नहीं मिलती, मेहनत और ईमानदारी से ही जीवन में सच्ची खुशी और सफलता मिलती है।