शादी वाले दिन बारात आने से एक घंटे पहले घर से भागी लड़की ने अपने ही 16 साल के भाई से शादी कर ली।

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किसी के दिल से खेलना

गाँव के बाहर एक छोटे से घर में, जहाँ हर किसी का दिल बड़ा और सच्चा था, एक बहुत ही अजीब घटना घटी। वह दिन एक शादी के दिन था, जब बधाई और खुशी की बयार फैली हुई थी। लेकिन उसी दिन एक ऐसी घटना हुई, जिससे पूरे गाँव के लोग चौंक गए।

यह कहानी है एक लड़की की, जो अपनी शादी से ठीक एक घंटा पहले अपने ही 16 साल के भाई के साथ भाग गई थी। इस तरह के रिश्ते में इतनी गहरी उलझन और प्रेम की अनकही बातें थी, जिसे समझना लगभग नामुमकिन था। लड़की ने जिस वक्त शादी के लिए तैयार होना शुरू किया, तभी अचानक अपने भाई के साथ घर से फरार हो गई।

वह गाँव के एक सम्मानित परिवार से थी, और उसका नाम सोनाली था। उसकी मां और पिता ने कभी सोचा भी नहीं था कि उनका प्यारा बच्चा कभी ऐसी शर्मनाक स्थिति में फंसेगा। सोनाली का भाई, शुभम, सिर्फ 16 साल का था, लेकिन वह मानसिक रूप से अधिक परिपक्व था। उसकी सोच में भी कुछ ऐसा था, जो आमतौर पर एक भाई की नहीं, बल्कि किसी और के दिल की बात होती।

घर में खुशियाँ मनाई जा रही थीं। बरात आने वाली थी, और सोनाली के माता-पिता ने सब कुछ तैयार कर लिया था। लेकिन उस दिन सुबह ही एक विचित्र घटना घटित हुई। सोनाली अपने भाई के साथ घर से भाग गई और तुरंत अपने भाई के साथ शादी करने का निर्णय लिया। इस अनहोनी को देख लोग हैरान रह गए। क्या यह एक साधारण भागने की घटना थी, या इसके पीछे कुछ और गहरी वजह थी, यह कोई नहीं जान पाया।

जब ये खबर गाँव में फैली, तो पूरे गाँव में खलबली मच गई। हर किसी के दिमाग में एक सवाल था – “क्या हुआ था? क्यों सोनाली ने ऐसा कदम उठाया?” कुछ लोग इसे प्रेम और आत्मनिर्भरता का प्रतीक मानते थे, जबकि कुछ ने इसे पाप और अपराध कहा।

विवाह के दिन को लेकर जो उत्साह था, वही अब एक गंभीर स्थिति में बदल गया था। जैसे ही यह घटना सामने आई, सोनाली के परिवार ने पुलिस से संपर्क किया और शुभम को पकड़ने की कोशिश की। लेकिन किसी ने यह सोचा नहीं था कि सोनाली इतनी दूर जाकर अपने भाई से विवाह करने का फैसला ले सकती है।

सोनाली का परिवार और रिश्तेदार इस फैसले से न केवल सदमे में थे, बल्कि वे दुखी भी थे कि उनका बच्चा इस तरह की स्थिति में फंस गया। परिवार के सदस्यों ने सोनाली को समझाने की बहुत कोशिश की, लेकिन वह अपने फैसले से पीछे नहीं हटी। उसने कहा, “यह मेरी जिंदगी का फैसला है, और मैं इसे अपने तरीके से जीना चाहती हूँ।”

शुभम और सोनाली की यह कहानी केवल एक प्रेम प्रसंग नहीं, बल्कि एक ऐसे समाज के विरोधाभास को भी दर्शाती है, जहाँ रिश्ते और परंपराओं को मान्यता दी जाती है, लेकिन कभी-कभी दिल की आवाज़ और रिश्तों की सच्चाई उस सब पर भारी पड़ जाती है।

लेकिन एक दिन, सोनाली और शुभम को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। यह घटना उनके जीवन की सबसे कठिन घड़ी बन गई। उनकी जिंदगी में सब कुछ बदल चुका था। अब सोनाली और शुभम के साथ-साथ उनका परिवार भी इस स्थिति से बाहर निकलने के लिए संघर्ष कर रहा था।

यह कहानी हमें यह सिखाती है कि कभी-कभी हमारी गलतियों की वजह से हमारी जिंदगी में बहुत बदलाव आ सकते हैं, लेकिन साथ ही हमें उन बदलावों से सीखने और आगे बढ़ने की कोशिश करनी चाहिए।