सलीम खान ICU में, “संजय दत्त आधी रात पहुंचे! “शाहरुख खान का इमोशनल बयान”

.
.

दिग्गज लेखक सलीम खान की तबीयत बिगड़ने से इंडस्ट्री में चिंता, परिवार और प्रशंसकों की दुआएँ जारी

मुंबई, 21 फरवरी 2026।
हिंदी सिनेमा के इतिहास में जिन कुछ नामों ने कहानी और पटकथा लेखन की परिभाषा बदल दी, उनमें सलीम खान का नाम अग्रणी है। 90 वर्ष की आयु में उनकी अचानक बिगड़ी तबीयत ने फिल्म उद्योग, उनके परिवार और लाखों प्रशंसकों को गहरी चिंता में डाल दिया है। 17 फरवरी की सुबह उन्हें उच्च रक्तचाप और ब्रेन ब्लीडिंग की आशंका के बाद तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया। पिछले कुछ दिनों से वे गहन चिकित्सा कक्ष (आईसीयू) में डॉक्टरों की निगरानी में हैं।


अचानक बिगड़ी तबीयत

परिवार के करीबी सूत्रों के अनुसार, 17 फरवरी की सुबह सलीम खान का ब्लड प्रेशर अचानक बहुत बढ़ गया। उन्हें चक्कर आया और वे बेहोश हो गए। परिवार ने बिना देर किए उन्हें मुंबई के बांद्रा स्थित लीलावती अस्पताल में भर्ती कराया। सुबह लगभग 8:30 बजे उन्हें इमरजेंसी वार्ड में लाया गया, जहाँ तत्काल जांच शुरू हुई।

डॉक्टरों ने प्रारंभिक परीक्षणों के बाद बताया कि उच्च रक्तचाप के कारण दिमाग के दाहिने हिस्से में हल्की आंतरिक रक्तस्राव (माइनर ब्रेन हेमरेज) के संकेत मिले हैं। उम्र अधिक होने के कारण स्थिति को गंभीर मानते हुए उन्हें तुरंत आईसीयू में शिफ्ट कर दिया गया और वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया, ताकि श्वसन और हृदय गति स्थिर रह सके।

सलीम खान ICU में 😢 | संजय दत्त आधी रात पहुंचे | शाहरुख खान का इमोशनल बयान  | Salman Khan


परिवार की एकजुटता

खबर मिलते ही उनके बेटे, अभिनेता सलमान खान अस्पताल पहुँचे और तब से लगातार वहीं मौजूद हैं। उनके साथ परिवार के अन्य सदस्य—अरबाज खान, सोहेल खान, अलवीरा, अर्पिता और अन्य करीबी—भी अस्पताल में डटे हुए हैं।

सलमान खान को कई बार आईसीयू के बाहर चिंतित मुद्रा में देखा गया। एक सुपरस्टार होने के बावजूद इस समय वे केवल एक बेटे की भूमिका में नजर आ रहे हैं, जो अपने पिता के स्वास्थ्य को लेकर व्याकुल है। अस्पताल सूत्रों के अनुसार, वे नियमित रूप से डॉक्टरों से अपडेट लेते रहे हैं और हर छोटी जानकारी पर नजर बनाए हुए हैं।


इंडस्ट्री से समर्थन

सलीम खान का प्रभाव केवल उनके परिवार तक सीमित नहीं है। फिल्म उद्योग के अनेक कलाकारों और तकनीशियनों ने उनके शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की है। अभिनेता संजय दत्त देर रात अस्पताल पहुँचे और परिवार से मुलाकात कर समर्थन जताया।

इसी तरह, अभिनेता शाहरुख खान ने भावुक संदेश जारी करते हुए कहा कि सलीम साहब उनके लिए पिता समान हैं और उन्होंने उनके करियर के शुरुआती दिनों में मार्गदर्शन दिया था। कई अन्य फिल्मी हस्तियों ने भी सोशल मीडिया और निजी संदेशों के माध्यम से अपनी संवेदनाएँ और दुआएँ भेजीं।

प्रसिद्ध गीतकार और पटकथा लेखक जावेद अख्तर, जो कभी सलीम खान के साथ मशहूर जोड़ी “सलीम-जावेद” का हिस्सा रहे, ने भी अस्पताल जाकर हालचाल लिया। दोनों की साझेदारी ने 1970 और 1980 के दशक में हिंदी सिनेमा को नई दिशा दी थी।


चिकित्सा स्थिति: क्या कहते हैं डॉक्टर?

अस्पताल के वरिष्ठ डॉक्टरों के अनुसार, फिलहाल सर्जरी की आवश्यकता नहीं है। दवाओं के माध्यम से रक्तचाप को नियंत्रित करने और रक्तस्राव को रोकने का प्रयास किया जा रहा है। डॉक्टरों ने स्पष्ट किया है कि कुछ अफवाहों के विपरीत कोई ऑपरेशन नहीं किया गया है।

19 और 20 फरवरी को जारी मेडिकल बुलेटिन में कहा गया कि स्थिति “नाजुक लेकिन स्थिर” है। यदि अगले 48 घंटे इसी तरह नियंत्रित रहते हैं, तो धीरे-धीरे वेंटिलेटर सपोर्ट कम करने पर विचार किया जा सकता है। हालांकि, डॉक्टरों ने यह भी जोड़ा कि 90 वर्ष की आयु में रिकवरी की प्रक्रिया धीमी हो सकती है और धैर्य अत्यंत आवश्यक है।

21 फरवरी की सुबह की रिपोर्ट में कुछ सकारात्मक संकेत मिले—हल्की शारीरिक प्रतिक्रिया और उंगलियों की मामूली हरकत। परिवार के लिए यह छोटी-सी प्रगति भी बड़ी राहत बनकर आई।


अस्पताल के बाहर भावनात्मक माहौल

लीलावती अस्पताल के बाहर प्रशंसकों की भीड़ देखी गई। कई लोग “गेट वेल सून सलीम सर” के पोस्टर लेकर खड़े थे। कुछ बुजुर्ग प्रशंसक यह बताते नजर आए कि उन्होंने “जंजीर” और “शोले” पहली बार सिनेमाघर में देखी थीं और सलीम खान की कहानियों ने उनके जीवन पर गहरा प्रभाव डाला।

सुरक्षा के कड़े इंतजामों के बावजूद माहौल भावनात्मक बना हुआ है। सोशल मीडिया पर हजारों संदेश, लाखों कमेंट और अनगिनत दुआएँ लगातार साझा की जा रही हैं।


सलीम खान: एक विरासत

सलीम खान का नाम हिंदी सिनेमा के स्वर्णिम अध्यायों में दर्ज है। जावेद अख्तर के साथ उनकी जोड़ी ने कई ऐतिहासिक फिल्में दीं।

जंजीर

दीवार

शोले

मिस्टर इंडिया

इन फिल्मों ने न केवल बॉक्स ऑफिस पर सफलता हासिल की, बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक विमर्श को भी प्रभावित किया। “एंग्री यंग मैन” की छवि गढ़ने में उनकी लेखनी की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

सलीम खान ने अपने बेटे सलमान खान के करियर में भी मार्गदर्शक की भूमिका निभाई। परिवार और इंडस्ट्री में उन्हें अनुशासन, स्पष्टवादिता और गहरी समझ के लिए जाना जाता है।


पेशावर से मुंबई तक का सफर

सलीम खान का जीवन संघर्ष और उपलब्धियों की कहानी है। पेशावर से मुंबई तक का उनका सफर आसान नहीं था। एक समय वे अभिनेता बनने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन अंततः लेखन में उन्हें अपनी असली पहचान मिली।

उनकी मेहनत और दूरदृष्टि ने उन्हें हिंदी सिनेमा के इतिहास में स्थायी स्थान दिलाया। आज जब वे स्वास्थ्य संकट से गुजर रहे हैं, तो पूरा उद्योग उनके योगदान को याद कर रहा है।


सलमान खान की प्राथमिकता

सूत्रों के अनुसार, सलमान खान ने अपने सभी पेशेवर कमिटमेंट फिलहाल स्थगित कर दिए हैं। शूटिंग शेड्यूल आगे बढ़ाए गए हैं और वे अधिकतर समय अस्पताल में बिता रहे हैं।

करीबी मित्रों का कहना है कि इस समय उनके लिए सबसे महत्वपूर्ण चीज उनके पिता का स्वास्थ्य है। वे लगातार परिवार के सदस्यों को संभालते और डॉक्टरों से चर्चा करते नजर आ रहे हैं।


आगे की राह

डॉक्टरों का कहना है कि आने वाले 24 से 36 घंटे निर्णायक हो सकते हैं। यदि सुधार की यही गति बनी रहती है, तो वेंटिलेटर सपोर्ट कम करने की प्रक्रिया शुरू की जा सकती है। हालांकि किसी भी प्रकार की जल्दबाजी से बचने की सलाह दी गई है।

परिवार ने गोपनीयता बनाए रखने का आग्रह किया है और मीडिया से अपील की है कि अपुष्ट खबरें न फैलाएँ। अस्पताल प्रशासन भी नियमित और आधिकारिक अपडेट जारी कर रहा है।


निष्कर्ष

सलीम खान केवल एक लेखक नहीं, बल्कि एक युग के प्रतीक हैं। उनकी कहानियों ने भारतीय सिनेमा को नई पहचान दी। आज जब वे अस्पताल में उपचाराधीन हैं, तो यह स्पष्ट दिख रहा है कि उन्होंने वर्षों में कितना सम्मान और स्नेह अर्जित किया है।

स्थिति अभी नाजुक है, पर स्थिर बताई जा रही है। सुधार के संकेत उम्मीद जगाते हैं। परिवार, मित्र और लाखों प्रशंसक उनकी शीघ्र स्वस्थता की प्रार्थना कर रहे हैं।

कभी-कभी जीवन की सबसे कठिन घड़ियाँ हमें यह याद दिलाती हैं कि शोहरत और सफलता से बढ़कर रिश्तों की ताकत होती है। पूरा देश दुआ कर रहा है कि सलीम साहब जल्द स्वस्थ होकर अपने घर लौटें और एक बार फिर अपने अनुभवों से नई पीढ़ी को प्रेरित करें।