स्कूल टीचर ने मां और बेटी दोनों के साथ कर दिया कारनामा/दोनों के साथ हुआ बहुत बड़ा हादसा/

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भरतपुर में सनसनीखेज वारदात: अवैध संबंधों के विवाद में मां ने बेटी की हत्या की, शिक्षक भी गिरफ्तार

राजस्थान के भरतपुर जिले के चिकसाना गांव में फरवरी 2026 में घटी एक दर्दनाक घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। यह मामला केवल एक पारिवारिक विवाद का नहीं था, बल्कि इसमें अवैध संबंधों, विश्वासघात और अचानक भड़के गुस्से ने एक मासूम जिंदगी को खत्म कर दिया। पुलिस जांच में सामने आया कि एक मां ने अपनी ही बेटी की हत्या कर दी। घटना के पीछे जो कहानी सामने आई, वह किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं थी, लेकिन इसकी सच्चाई ने पूरे गांव को स्तब्ध कर दिया।

चिकसाना गांव का रहने वाला वेद प्रकाश नजदीकी पुलिस स्टेशन में हेड कांस्टेबल के पद पर तैनात था। गांव में उसकी पहचान एक ऐसे पुलिसकर्मी के रूप में थी जो रिश्वत लेने के लिए बदनाम था। स्थानीय लोगों का कहना था कि वेद प्रकाश बिना पैसे लिए कोई काम नहीं करता था। वह शराब और ऐशो-आराम का शौकीन माना जाता था। हालांकि उसके निजी जीवन की सच्चाई उसके परिवार के बाहर बहुत कम लोगों को पता थी।

वेद प्रकाश के परिवार में उसकी पत्नी मीनू देवी और दो बेटियां थीं। बड़ी बेटी कोमल ने दो साल पहले गांव के ही युवक रितेश के साथ भागकर शादी कर ली थी और अब वह अपने पति के साथ दूसरे शहर में रहती थी। घर में केवल छोटी बेटी अनीता रहती थी, जो उस समय 12वीं कक्षा की छात्रा थी। अनीता पढ़ाई में कमजोर थी और एक बार परीक्षा में असफल भी हो चुकी थी। इसी कारण उसकी मां मीनू देवी उसकी पढ़ाई को लेकर चिंतित रहती थी।

गांव के सरकारी विद्यालय में गणित पढ़ाने वाला एक शिक्षक चंद्रभान पिछले एक साल से चिकसाना में किराए के कमरे में रह रहा था। गांव के कई लोग उसके व्यवहार को लेकर पहले भी संदेह जता चुके थे। कुछ लोगों का कहना था कि वह महिला शिक्षकों और छात्राओं के प्रति अनुचित रुचि रखता था। हालांकि उसके खिलाफ पहले कोई औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं कराई गई थी।

दिसंबर 2025 के मध्य में एक घटना ने आगे आने वाले घटनाक्रम की नींव रख दी। स्कूल में पढ़ाई के दौरान चंद्रभान ने अनीता की कॉपी देखी तो उसमें एक पन्ने पर लिखा था— “आई लव यू सर चंद्रभान।” इस बात ने शिक्षक के मन में गलत विचार पैदा कर दिए। उसने अनीता से कहा कि अगले दिन वह अपने माता-पिता में से किसी एक को स्कूल लेकर आए।

अगले दिन अनीता की मां मीनू देवी स्कूल पहुंची। चंद्रभान ने उन्हें बताया कि उनकी बेटी गणित में कमजोर है और यदि विशेष ध्यान नहीं दिया गया तो वह दोबारा परीक्षा में असफल हो सकती है। इस पर मीनू देवी ने सुझाव दिया कि चंद्रभान घर आकर अनीता को ट्यूशन पढ़ा दिया करे। शिक्षक ने यह प्रस्ताव तुरंत स्वीकार कर लिया और रोज शाम को वह अनीता को पढ़ाने उनके घर आने लगा।

शुरुआत में सब कुछ सामान्य दिखाई देता था, लेकिन कुछ ही दिनों में मीनू देवी और चंद्रभान के बीच नजदीकियां बढ़ने लगीं। मीनू देवी कभी चाय के बहाने तो कभी पानी देने के बहाने उससे बात करने लगी। धीरे-धीरे दोनों ने एक-दूसरे के मोबाइल नंबर भी ले लिए और फोन पर बातचीत शुरू हो गई। कुछ ही समय में दोनों के बीच अवैध संबंध बन गए।

एक दिन जब अनीता अपनी सहेली के घर जन्मदिन समारोह में गई हुई थी, तब चंद्रभान ट्यूशन पढ़ाने आया। घर में बेटी के न होने का फायदा उठाकर मीनू देवी ने उसे जाने नहीं दिया। थोड़ी देर बाद घर का दरवाजा बंद कर दिया गया और दोनों के बीच संबंध स्थापित हो गए। इसके बाद यह सिलसिला कई दिनों तक चलता रहा। जब भी मौका मिलता, चंद्रभान रात के समय मीनू देवी के घर आने लगा।

दूसरी ओर, समय के साथ एक और चौंकाने वाली बात सामने आई। कुछ अवसरों पर जब मीनू देवी घर पर नहीं होती थी, तब चंद्रभान और अनीता के बीच भी अनुचित संबंध बन गए। इस तरह एक ही व्यक्ति के साथ मां और बेटी दोनों का संबंध बन गया, लेकिन दोनों को एक-दूसरे की सच्चाई का पता नहीं था।

जनवरी 2026 के अंत में अनीता का जन्मदिन आया। उस दिन वेद प्रकाश ने वादा किया था कि वह जल्दी घर लौटेगा और बेटी के लिए केक लेकर आएगा। शाम को पूरा परिवार एक साथ बैठकर जन्मदिन मनाने लगा। इसी दौरान चंद्रभान ने मीनू देवी को एकांत में बुलाकर कुछ नींद की गोलियां दीं और कहा कि वह उन्हें खाने में मिला दे। योजना यह थी कि वेद प्रकाश और अनीता के सो जाने के बाद वह रात में वापस आएगा।

मीनू देवी ने वही किया। उसने रात के खाने में नींद की दवा मिला दी। खाना खाने के कुछ देर बाद वेद प्रकाश और अनीता दोनों गहरी नींद में सो गए। इसके बाद मीनू देवी ने चंद्रभान को फोन करके घर बुला लिया। उस रात दोनों ने फिर अवैध संबंध बनाए। इसके बाद यह सिलसिला कई रातों तक चलता रहा।

फरवरी 2026 की शुरुआत में एक ऐसी घटना हुई जिसने पूरे मामले का अंत बेहद हिंसक बना दिया। एक दिन शाम के समय चंद्रभान ट्यूशन पढ़ाने आया। कुछ देर बाद मीनू देवी पड़ोस में चली गई। इस दौरान चंद्रभान और अनीता को अकेले मिलने का मौका मिल गया और दोनों कमरे में चले गए।

उधर पड़ोसन सुदेश देवी ने मीनू देवी को बताया कि उसे शक है कि चंद्रभान का अनीता के साथ संबंध हो सकता है। पहले तो मीनू देवी ने इस बात को झूठ समझकर सुदेश से झगड़ा किया। लेकिन जब वह घर लौटी तो दरवाजा अंदर से बंद मिला। यह देखकर उसे शक हो गया।

काफी देर दरवाजा खटखटाने के बाद जब दरवाजा खुला तो मीनू देवी ने सब समझ लिया। इसके बाद मां और बेटी के बीच तीखी बहस शुरू हो गई। अनीता ने अपनी मां पर आरोप लगाया कि वह भी चंद्रभान के साथ संबंध रखती है और उसने कई बार उन्हें रात में घर बुलाते देखा है।

यह सुनकर मीनू देवी का गुस्सा बेकाबू हो गया। वह रसोई में गई और वहां से एक तेज चाकू उठा लाई। गुस्से में उसने अपनी ही बेटी अनीता पर हमला कर दिया। चाकू के कई वार लगने से अनीता की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद पड़ोसियों ने पुलिस को सूचना दी।

पुलिस मौके पर पहुंची और अनीता के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। मीनू देवी को तुरंत गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ के दौरान उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। पुलिस ने बाद में शिक्षक चंद्रभान को भी गिरफ्तार कर लिया और उसके खिलाफ कई गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया।

फिलहाल मीनू देवी और चंद्रभान दोनों जेल में बंद हैं। पुलिस ने अदालत में चार्जशीट दाखिल कर दी है और अब यह मामला न्यायालय में विचाराधीन है।

इस घटना ने पूरे क्षेत्र में कई सवाल खड़े कर दिए हैं— पारिवारिक विश्वास, नैतिकता और सामाजिक जिम्मेदारी जैसे मुद्दे फिर चर्चा में आ गए हैं। एक परिवार के भीतर छिपे रहस्यों और गलत फैसलों ने अंततः एक मासूम जिंदगी छीन ली और पूरे परिवार को बर्बाद कर दिया।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह मामला इस बात का उदाहरण है कि व्यक्तिगत संबंधों में विश्वास और मर्यादा टूटने पर परिणाम कितने विनाशकारी हो सकते हैं। अब सबकी नजर अदालत के फैसले पर टिकी है, जो तय करेगा कि इस अपराध के लिए मीनू देवी और चंद्रभान को कितनी सजा मिलेगी।