30 की औरत ने 65 साल के बुजुर्ग को हनीट्रैप में फंसाया

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बीकानेर में हनी ट्रैप का चौंकाने वाला मामला: 65 वर्षीय बुजुर्ग को फंसाकर 7 लाख की वसूली की कोशिश, पुलिस ने महिला को किया गिरफ्तार

राजस्थान के बीकानेर जिले में सामने आया एक हनी ट्रैप का मामला हाल के वर्षों में सोशल मीडिया और कानून व्यवस्था के लिए चर्चा का विषय बन गया। इस घटना ने न केवल एक बुजुर्ग व्यक्ति को मानसिक और सामाजिक संकट में डाल दिया, बल्कि यह भी दिखाया कि किस प्रकार अपराधी गिरोह लोगों को फंसाने के लिए योजनाबद्ध तरीके से जाल बिछाते हैं। पुलिस की सतर्कता और परिवार की समझदारी के कारण इस मामले का खुलासा हो सका और आरोपी महिला को गिरफ्तार कर लिया गया।

यह मामला बीकानेर के गजनेर क्षेत्र से जुड़ा हुआ है, जहां 65 वर्षीय एक बुजुर्ग व्यक्ति अपने परिचित से पैसे वापस लेने के लिए संघर्ष कर रहे थे। जानकारी के अनुसार बुजुर्ग ने लगभग डेढ़ वर्ष पहले अपने एक परिचित ओमप्रकाश को एक बड़ी रकम उधार दी थी। समय बीतता गया लेकिन वह व्यक्ति पैसे वापस करने से बचता रहा। बुजुर्ग कई बार फोन करके पैसे मांगते रहे, लेकिन हर बार उन्हें टाल दिया जाता था।

आखिरकार एक दिन ओमप्रकाश ने बुजुर्ग को फोन करके कहा कि उसने पैसे का इंतजाम कर लिया है और उन्हें बीकानेर बस स्टैंड पर आकर पैसे ले लेने चाहिए। बुजुर्ग को उम्मीद जगी कि आखिरकार उनका पैसा वापस मिल जाएगा। वे अपने घर से निकलकर बस स्टैंड पहुंच गए और ओमप्रकाश का इंतजार करने लगे।

इसी दौरान एक लगभग 30 वर्षीय महिला स्कूटी पर वहां पहुंची। महिला आकर्षक व्यक्तित्व वाली थी और उसने बुजुर्ग से पूछा कि क्या वे ओमप्रकाश का इंतजार कर रहे हैं। जब बुजुर्ग ने हां में जवाब दिया तो महिला ने बताया कि ओमप्रकाश ने उन्हें बुलाया है और वह उन्हें अपने साथ लेकर जा सकती है।

बुजुर्ग उस महिला के साथ स्कूटी पर बैठकर उसके बताए स्थान की ओर चल पड़े। रास्ते में महिला ने उनसे हंसी-मजाक करते हुए बातचीत शुरू की। कुछ ही देर में वह उन्हें शहर के एक मकान में ले गई। वहां पहुंचकर उसने बुजुर्ग को पानी और ठंडा पेय दिया और उनसे सहज बातचीत करने लगी।

पुलिस के अनुसार महिला ने योजनाबद्ध तरीके से बुजुर्ग को विश्वास में लिया। धीरे-धीरे बातचीत का माहौल निजी होता गया और महिला ने उन्हें यह विश्वास दिलाया कि वे दोनों कुछ समय साथ बिता सकते हैं। बुजुर्ग इस जाल को समझ नहीं पाए और महिला की बातों में आ गए।

इसी दौरान कमरे में छिपे कैमरे से उनकी वीडियो रिकॉर्डिंग की जा रही थी। कुछ समय बाद जब बुजुर्ग कमरे से बाहर आए तो वहां ओमप्रकाश मौजूद था। इसके बाद दोनों ने बुजुर्ग को वीडियो दिखाकर ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया।

उन्होंने बुजुर्ग से कहा कि अगर वे अपनी प्रतिष्ठा बचाना चाहते हैं तो उन्हें 7 लाख रुपये देने होंगे, अन्यथा वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया जाएगा। बुजुर्ग यह देखकर घबरा गए और उनसे विनती करने लगे कि वे ऐसा न करें। लेकिन आरोपी अपनी मांग पर अड़े रहे।

मजबूरी में बुजुर्ग ने अपने घर फोन किया और पैसे का इंतजाम करने के लिए कहा। घरवालों को उनकी आवाज से ही अंदाजा हो गया कि वे किसी बड़ी परेशानी में फंस गए हैं। उन्होंने तुरंत पुलिस को सूचना दी।

पुलिस ने स्थिति को समझते हुए एक योजना बनाई। बुजुर्ग के बेटे को कुछ पैसे लेकर आरोपी द्वारा बताई गई जगह पर भेजा गया और पुलिस ने पहले से ही इलाके की घेराबंदी कर दी। जैसे ही पैसे लेने के लिए आरोपी वहां पहुंचे, पुलिस ने कार्रवाई करते हुए महिला को मौके से गिरफ्तार कर लिया।

हालांकि इस दौरान ओमप्रकाश वहां से फरार होने में सफल हो गया। पुलिस ने बाद में उसकी तलाश शुरू कर दी। पूछताछ में गिरफ्तार महिला ने बताया कि वह पहले भी कई लोगों को इसी तरह के हनी ट्रैप में फंसा चुकी है। वह पहले लोगों को अपने जाल में फंसाती थी, फिर उनके साथ बिताए गए निजी पलों की वीडियो बनाकर उन्हें ब्लैकमेल करती थी।

जांच के दौरान यह भी सामने आया कि महिला के साथ उसका एक साथी भी था जो इस पूरे गिरोह की योजना में शामिल था। पुलिस ने उस व्यक्ति की पहचान भी कर ली और उसकी तलाश शुरू कर दी।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार ऐसे मामलों में अपराधी आमतौर पर बुजुर्ग या अकेले व्यक्तियों को निशाना बनाते हैं। वे पहले विश्वास जीतते हैं, फिर उन्हें किसी निजी स्थान पर बुलाकर वीडियो रिकॉर्ड करते हैं और बाद में ब्लैकमेल करके पैसे वसूलते हैं।

इस घटना ने समाज में एक महत्वपूर्ण संदेश भी दिया है। विशेषज्ञों का कहना है कि सोशल मीडिया और डिजिटल युग में अपराध के तरीके भी बदल गए हैं। आजकल हनी ट्रैप के मामलों में अपराधी तकनीक और मनोवैज्ञानिक चालों का इस्तेमाल करते हैं।

पुलिस ने लोगों से अपील की है कि यदि कोई अजनबी व्यक्ति अचानक दोस्ती करने की कोशिश करे या निजी मुलाकात का प्रस्ताव दे, तो सावधानी बरतनी चाहिए। खासकर ऐसे मामलों में जहां आर्थिक लेन-देन या निजी संबंधों की बात हो, वहां सतर्क रहना बेहद जरूरी है।

बीकानेर पुलिस का कहना है कि यदि इस मामले में परिवार समय पर पुलिस को सूचना न देता, तो बुजुर्ग को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता था और उनकी सामाजिक प्रतिष्ठा भी खतरे में पड़ सकती थी।

फिलहाल पुलिस ने आरोपी महिला के खिलाफ ब्लैकमेलिंग, धोखाधड़ी और आपराधिक साजिश की धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। फरार आरोपी ओमप्रकाश की तलाश जारी है और पुलिस का कहना है कि जल्द ही उसे भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

यह मामला एक चेतावनी की तरह सामने आया है कि अपराधी आजकल किस तरह लोगों की कमजोरियों का फायदा उठाकर उन्हें जाल में फंसाते हैं। इसलिए समाज में जागरूकता और सतर्कता बेहद जरूरी है ताकि ऐसे अपराधों से बचा जा सके।