चिकित्सा आपातकाल की पुष्टि: क्या हुआ सलीम खान को?

अस्पताल सूत्रों और परिवार के करीबी लोगों ने अब इस बात की पुष्टि कर दी है कि 90 वर्षीय दिग्गज लेखक की स्थिति नाजुक है। यह केवल एक “नियमित जांच” नहीं थी, जैसा कि शुरुआत में कयास लगाए जा रहे थे।

ब्रेन हेमरेज (Brain Hemorrhage): आधिकारिक जानकारी के अनुसार, सलीम खान को उच्च रक्तचाप (Hypertension) की पुरानी समस्या थी। अचानक ब्लड प्रेशर बढ़ने के कारण उनके मस्तिष्क की एक मुख्य नस फट गई, जिससे ‘इंट्राक्रानियल ब्लीडिंग’ शुरू हो गई।

आपातकालीन सर्जरी: उन्हें जब लीलावती अस्पताल लाया गया, तब उनकी स्थिति बहुत खराब थी। न्यूरोसर्जन की एक विशेष टीम ने तत्काल उनके मस्तिष्क से रक्त के थक्के निकालने के लिए सर्जरी की।

लाइफ सपोर्ट: वर्तमान में वे वेंटिलेटर सपोर्ट (Life Support) पर हैं। डॉक्टरों का कहना है कि अगले 48 से 72 घंटे उनके लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। उम्र के इस पड़ाव पर शरीर का सर्जरी के प्रति रिस्पॉन्स देना एक बड़ी चुनौती बनी हुई है।

90 साल के Salim Khan की हालत गंभीर ! पिता को इस हालत में देख टूट गए सलमान  खान !


अस्पताल में भावुक कर देने वाले दृश्य

जैसे ही यह खबर पुख्ता हुई, बांद्रा स्थित लीलावती अस्पताल के बाहर मीडिया और प्रशंसकों का जमावड़ा लग गया। लेकिन अस्पताल के भीतर का माहौल और भी गमगीन है।

टूटे हुए ‘दबंग’: अपने पिता के सबसे करीब माने जाने वाले सलमान खान (Salman Khan) जैसे ही अस्पताल पहुंचे, उनकी आंखों में अपने पिता को खोने का डर साफ देखा जा सकता था। पर्दे पर गोलियों और गुंडों से न डरने वाला अभिनेता आज एक असहाय बेटे के रूप में आईसीयू के बाहर खड़ा नजर आया। सलमान ने अपनी सभी शूटिंग रद्द कर दी हैं और वे पल-पल की जानकारी ले रहे हैं।

एकजुट खान परिवार: अरबाज, सोहेल, अलवीरा और अर्पिता के साथ-साथ दोनों माताएं—सलमा खान और हेलन—अस्पताल में मौजूद हैं। परिवार के बीच की खामोशी इस संकट की गंभीरता को बयां कर रही है।


संघर्षों से बना एक महानायक: इंदौर से मुंबई का सफर

सलीम खान की बीमारी ने लोगों को उनके उस जीवन की याद दिला दी है जो खुद किसी फिल्म से कम नहीं था। 24 नवंबर 1935 को इंदौर में जन्मे सलीम जी ने बचपन में ही अपनी मां को खो दिया था।

वे मुंबई एक अभिनेता बनने आए थे, लेकिन नियति ने उनके लिए कुछ और ही लिखा था। जब वे जावेद अख्तर से मिले, तो उन्होंने वह ‘कलम’ उठाई जिसने हिंदी सिनेमा का भूगोल बदल दिया। ज़ंजीर, शोले, दीवार और शक्ति जैसी फिल्मों के जरिए उन्होंने भारतीय समाज के गुस्से और पीड़ा को “एंग्री यंग मैन” के रूप में आवाज दी।


दुआओं का दौर और फिल्म जगत की चिंता

सलीम खान केवल एक लेखक नहीं, बल्कि पूरी फिल्म इंडस्ट्री के ‘पितातुल्य’ मार्गदर्शक रहे हैं। उनकी गंभीर स्थिति की खबर पाकर:

संजय दत्त और धर्मेंद्र जैसे दिग्गज कलाकारों ने अस्पताल पहुंचकर या फोन के माध्यम से परिवार को ढांढस बंधाया है।

पुराने साथी जावेद अख्तर भी अपने मित्र की सलामती की दुआ करने अस्पताल पहुंचे, जो उनकी दशकों पुरानी दोस्ती की गहराई को दर्शाता है।

सोशल मीडिया पर करोड़ों प्रशंसक #SalimKhan और #PrayForSalimKhan के साथ उनके जल्द स्वस्थ होने की प्रार्थना कर रहे हैं।


निष्कर्ष: एक योद्धा की आखिरी लड़ाई?

90 साल की उम्र में सलीम खान अपनी जिंदगी की सबसे कठिन लड़ाई लड़ रहे हैं। वह इंसान जिसने कागज पर न जाने कितने किरदारों को मौत के मुंह से निकालकर जीत दिलाई थी, आज खुद मौत को मात देने के संघर्ष में है।

डॉक्टरों की टीम अपनी पूरी कोशिश कर रही है, लेकिन अब सब कुछ चमत्कार और दुआओं पर निर्भर है। अस्पताल की ओर से जारी होने वाले अगले बुलेटिन पर पूरे देश की निगाहें टिकी हैं। हम सभी यही कामना करते हैं कि ‘एंग्री यंग मैन’ का यह रचयिता एक बार फिर मौत को हराकर गैलेक्सी अपार्टमेंट की अपनी बालकनी में मुस्कुराता हुआ नजर आए।