Gwalior Omelet Clue Murder: आमलेट के टुकड़े से कातिल की गर्दन फंसी!| महिला की थी 7 शादी!|
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ग्वालियर आमलेट क्लीव मर्डर
प्रस्तावना
आमलेट के एक छोटे से टुकड़े से क्या वाकई कातिल को पकड़ा जा सकता है? क्या आमलेट का टुकड़ा उसके सहारे पुलिस किसी कातिल तक पहुंच सकती है? यह बहुत बड़ा सवाल था। लेकिन पुलिस के हत्थे आमलेट के एक छोटे से टुकड़े ने कातिल की गर्दन को पुलिस तक पहुंचा दिया और पुलिस के हत्थे वो कातिल चढ़ गया। कहानी यह खबर बड़ी दिलचस्प है। एक महिला की लाश अर्धनग्न लाश, झाड़ियों के पास दिखाई दी और बड़ी बात थी कि यह महिला सात शादियां कर चुकी थी।
महिला की पहचान
लेकिन जिस महिला की लाश वहां पर पड़ी हुई दिखाई दी, उसका चेहरा पूरी तरह से पत्थरों से मारकर खत्म कर दिया गया था। यह खबर मध्य प्रदेश के ग्वालियर की है, जहां पर झाड़ियों के पास ग्वालियर भिंड रोड स्थित नारायण विहार कॉलोनी में झाड़ियों के पास में एक महिला का शव पड़ा हुआ मिलता है।

पुलिस ने जाकर तहकीकात की तो कोई भी उसके पास ना मोबाइल था, ना उसके पास में कोई आधार कार्ड, ना कोई पैन कार्ड, कुछ भी नहीं। उसके पास में केवल लाश थी और लाश में भी उसका चेहरा पूरी तरह से पत्थर मारकर खत्म कर दिया गया था। यानी कोई चांस नहीं था किसी भी तरीके से पुलिस के पास में कोई क्लू नहीं था कि पुलिस किसी भी तरीके से उस महिला तक पहुंच पाती या वो महिला जो है उसके कातिलों तक पहुंच पाती कि किसने उस महिला को मारकर वहां पर डाल दिया है।
पुलिस की जांच
लेकिन पुलिस ने किसी तरीके से कोशिश की और पुलिस ने उस महिला का चेहरा, जो पत्थर मारकर खत्म कर दिया गया था, कातिल की मंशा यही थी कि किसी भी तरीके से पुलिस या कोई भी आदमी इसकी शिनाख्त नहीं कर पाए। यानी उसे पहचान नहीं होगी तो जाहिर सी बात है केस दर्ज नहीं होगा, कोई तहकीकात नहीं होगी, कोई आगे जांच पड़ताल नहीं होगी। मामला खत्म हो जाएगा। केवल लाश ही तो मिली है। लाश से क्या हो जाएगा?
अब पुलिस ने उस महिला का चेहरा बिल्कुल खत्म था, उसके शरीर के साथ में एआई के जरिए चेहरा बनाने की कोशिश की। एआई से कहा कि आप इस महिला का चेहरा बनाइए। यह महिला का चेहरा किस तरह का हो सकता है? अब आज के वक्त में पुलिस के पास में या फिर यूं कहें कि हर जगह पर एआई एक बहुत बड़ा रोल अदा कर रहा है।
एआई की मदद से पहचान
अब उस महिला के चेहरे के बारे में कोई जानकारी नहीं थी कि इस महिला का चेहरा इस तरह का हो सकता है। लेकिन फिर भी एआई ने उस महिला का एक चेहरा बनाकर दिया। वो चेहरा कुछ इस तरह का दिखता था। अब पुलिस के पास एक चेहरा था कि यह महिला हो सकती है। इस महिला की यहां पर इस तरीके से एक लाश पड़ी हुई दिखाई दे ही दी है।
अब पुलिस थोड़ी सी इसमें आगे बढ़ती है। पुलिस की तहकीकात थोड़ी आगे बढ़ी तो पुलिस ने वहां पर कोशिश की कि क्या कोई इस महिला को जानता है या क्या इस महिला के बारे में कहीं पर कोई गुमशुदगी की रिपोर्ट कहीं किसी थाने में दर्ज है? यह पुलिस ने कोशिश की लेकिन पुलिस की कोशिश बहुत हद तक सिरे नहीं चढ़ पाई।
आमलेट का टुकड़ा
अब उसके बाद में पुलिस किसी तरीके से बस इस केस को क्लोज करने वाली थी या फिर यह मामला जो ठंडा पड़ने वाला था। लेकिन जब आपस में बातचीत चल रही थी तो जो वहां पर पहले कांस्टेबल और जो पुलिस के अधिकारी गए थे वहां पर मौके पर उस महिला की लाश को लेने के लिए। उन्होंने कहा कि साहब हमें उस महिला की स्वेटर से एक छोटा सा आमलेट का टुकड़ा मिला था।
यानी जिस महिला को वहां पर मारकर गिराया गया जिसके पास में कुछ नहीं था। मोबाइल कार्ड, आधार कार्ड, पैन कार्ड, पर्स वगैरह कुछ भी नहीं था। क्योंकि अगर कुछ भी होता तो उससे पता चल जाता। तो उन्होंने कहा कि सर हमें एक आमलेट का छोटा सा टुकड़ा उसकी स्वेटर में मिला था।
पुलिस की तहकीकात
अब यह हो गया कंफर्म कि हां उस महिला ने या तो आमलेट खाई है या उस महिला को किसी ने आमलेट ला करके दी है। अब पुलिस की तहकीकात थोड़ी आगे बढ़ती है। पुलिस ने आसपास के जितने भी आमलेट बेचने वाले छोटी-छोटी जो रेहड़ियों पर जो बेचते हैं, उनसे जाकर के उस फोटो को दिखा करके उससे पूछना शुरू कर दिया कि भैया ऐसे ऐसे इस प्रकार के चेहरे वाली कोई महिला आपके यहां से आमलेट लेकर के गई है क्या?
काफी देर तक काफी दिनों तक पुलिस इधर-उधर देखती रही। यह मामला 29 दिसंबर का है। अब एक आमलेट वाले ने कहा कि हां साहब यह जो महिला थी वो हमारे पास में आई थी। आमलेट लेकर के गई थी और इस महिला के साथ में दो लोग और थे। अब पुलिस जो है यहां पर वो सोचती है कि हां हमारी मेहनत जो है वो कामयाब हो रही है।
गुमशुदगी की रिपोर्ट
यानि इस महिला के बारे में जानकारी मिल रही है। पहले चेहरा बन गया। फिर उसके बाद में आमलेट का वो टुकड़ा और आमलेट के टुकड़े से आमलेट बेचने वाला एक दुकानदार और यहां पर अब दो आदमी। अब पुलिस के पास में दो आदमी थे यानी दो आदमियों की फिगर थी और एक चेहरा था पुलिस के पास में।
अब पुलिस ने आसपास के सीसीटीवी खंगालने शुरू कर दिए। आसपास के सीसीटीवी खंगाले तो उसमें से दो आदमी मिले। दोनों आदमियों को पुलिस ने उठा लिया। बाद में तहकीकात करते हुए कि वो आदमी कौन थे, उनमें से एक आदमी कातिल का दोस्त था लेकिन उसका उस केस में कोई खास लेना देना नहीं था।
सचिन सेन की गिरफ्तारी
यानि जब तक वो तीनों साथ में जरूर थे लेकिन अंजाम जो दिया उसने अकेले लड़के ने दिया जिसका नाम है सचिन सेन। यह तस्वीर देखिए आप सचिन सेन की तस्वीर है। सचिन सेन ने ही इस महिला को मारा और इस महिला का नाम है सुनीता पाल उर्फ कालीबाई। यह इस महिला का नाम है। इस महिला की सात शादियां हो चुकी थीं।
सात और इस महिला को क्यों मारा? सचिन ने क्यों मारा? यह बहुत बड़ा सवाल है। इससे पहले जो है एक कहानी इसमें दरअसल और हुई है कि इस महिला के हाथ पर यहां पर पप्पू नाम जो है वो गुदा हुआ था। पप्पू। अब पुलिस ने किसी तरीके से जो है वो पप्पू का भी पता निकाला कि पप्पू आदमी कौन है?
पप्पू का पता लगाना
क्योंकि उस महिला का चेहरा जो है वो पुलिस ने अपने विभाग के अलग-अलग डिपार्टमेंट्स में जो है वह भेजा और उस महिला का और पप्पू का जो है वो कनेक्शन निकाला तो यह महिला पता चला कि टीकमगढ़ की रहने वाली है। अब पप्पू को खोजा गया। पप्पू इस महिला का पति था। लेकिन पप्पू को यह महिला 2 साल पहले छोड़ चुकी थी।
इस महिला की सात बार शादी हुई थी। सात अलग-अलग पुरुषों से महिला शादी कर चुकी थी। इस महिला की पप्पू के बाद में शादी होती है लखन उर्फ कैश खान। कैश खान जो है लखन इसके साथ में शादी हुई थी। तो पप्पू ने कहा कि साहब हमें तो छोड़ के चली गई 2 साल पहले अब किसी और के साथ में है वो तो उनसे जाकर के पूछिए हमारा कोई लेना देना नहीं।
सचिन की गिरफ्तारी और बयान
फिर पुलिस ने इस सचिन को पकड़ा तो सचिन से पूछा कि आपका क्या मकसद था आपने क्यों इस महिला को मारा? तो जब थर्ड डिग्री का इस्तेमाल किया तो सचिन ने बताया कि अब मेरे साथ में वो रिलेशन में थी। ये जो महिला थी। ये मेरे साथ में रिलेशन में थी। और अब जो है मुझे पता चला कि किसी और के साथ में भी रिलेशन में थी।
ये जो है वो कत्ल करने की उसको मारने की असली वजह बना। यह महिला कहा जा रहा है कि शराब पीने की भी जो है वो आदि थी और उस वक्त में थोड़ा नशे में भी थी। इसीलिए बहुत ज्यादा विरोध नहीं कर पाई और सचिन ने भी उस वक्त में शराब पी हुई थी और शराब के नशे में ही सचिन ने सुनीता की हत्या कर दी और हत्या का मेन मकसद जो है उसने बताया कि अब इसका किसी और के साथ में संबंध था।
पुलिस की मेहनत
यहां पर सबसे बड़ी जो चीज है वो यह है कि देखिए पुलिस ने एक छोटे से मामले में जिसको लेकर के कहीं ऐसा भी नहीं था कि कोई बहुत बड़ा धरना प्रदर्शन हुआ कहीं सड़क जाम हुई कोई बहुत हंगामा मचा या कई गांव के लोग सड़कों पर आ गए कि न्याय दो इस लड़की को पहचानो ये कौन है कुछ नहीं था।
ऐसा पुलिस चाहती तो उसको उठा के और नॉर्मली उसका अंतिम संस्कार करवा देती लावारिस लाश के तौर पर और उसको कोई लेने के लिए वैसे भी नहीं आया था लेकिन पुलिस ने इस मामले के अंदर मशक्कत की और सबसे बड़ी बात यह है कि पुलिस की नजरों से कोई बच नहीं सकता है।
समाज की जिम्मेदारी
वह एक कहावत कही जाती है कि अगर कानून देखने पर लग जाए, कानून अगर अपने वाली पर आ जाए, पुलिस वाले अगर अपनी वाली पर आ जाए तो रास्ते से चींटी भी निकल कर के नहीं जा सकती है। अगर पुलिस वाले kendi üzerine gelir तो ve eğer onlar bakmazlarsa, o zaman bir fil bile polis arabasında oturup gidebilir.
Bunu da gördük. Polis birçok yerde böyle de olur ki kendileri bile o cinayetlerin içinde yer alıyor. Yani burada en büyük ders bu. Gwalior polisi, bir kayıp ölümüne nasıl bir çözüm bulduğunu gösteriyor.
निष्कर्ष
आमलेट के छोटे से टुकड़े ने उसकी गर्दन पुलिस तक पहुंचा दी और वह शख्स जो है वह जेल की सलाखों के पीछे है। इसलिए सतर्क रहिए, सावधान रहिए। कोई भी गलत विचार आता है तो बिल्कुल यह मान करके चलिए कि अगर आप गलत करेंगे तो आपके साथ में वही होगा जो सचिन के साथ में हुआ है।
एक आमलेट के छोटे से टुकड़े ने उसकी गर्दन पुलिस तक पहुंचा दी और वह शख्स जो है वह जेल की सलाखों के पीछे है। इसलिए सतर्क रहिए, सावधान रहिए। कोई भी गलत विचार आता है तो बिल्कुल यह मान करके चलिए कि अगर आप गलत करेंगे तो आपके साथ में वही होगा जो सचिन के साथ में हुआ है।
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इस मामले में पुलिस ने अपनी मेहनत से एक गुमनाम मौत को उसकी पूरी गुंथी को कैसे किस तरीके से सुलझाया और एक आमलेट का एक छोटा सा टुकड़ा वहां से पुलिस की तहकीकात शुरू हुई और एक ऐसा ब्लाइंड मर्डर इसको ब्लाइंड मर्डर जो है पुलिस की भाषा में कहा जाता है जिसके बारे में कोई क्लू नहीं था किसी प्रकार से लेकिन फिर भी उस मामले में देखिए पुलिस ने तहकीकात की कुछ भी हाथ में नहीं था और फिर भी असली कातिल को पकड़ लिया और वह भी कितने जल्दी।
समापन
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