Raipur | मासूम सी दिखने वाली इस औरत के कारनामे देख खुद पुलिस भी हैरान हो गई ||
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रायपुर म-र्ड-र मिस्ट्री: पत्नी के ‘पढ़ाकू’ सपनों के पीछे छिपा था खौफनाक सच, बेवफाई और स-ाजिश की र-क्त-रं-जित दास्तां
रायपुर, छत्तीसगढ़।
कहते हैं कि अ-प-रा-धी चाहे कितना भी शातिर क्यों न हो, वह कानून के लंबे हाथों से बचने के लिए कोई न कोई सुराग जरूर छोड़ जाता है। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के खरोरा थाना क्षेत्र में घटी यह घटना इसी कहावत को चरितार्थ करती है। एक पति, जो अपनी पत्नी को ऊंचे मुकाम पर देखना चाहता था, उसी पत्नी ने अपने प्रे-मी के साथ मिलकर उसे मौ-त की नींद सुला दिया।
1. एक आदर्श पति और उसके सुनहरे सपने
रायपुर के खसेरा गांव में रहने वाला 27 वर्षीय किशोर सारथी एक सीधा-साधा युवक था। वह पढ़ा-लिखा नहीं था और मेहनत-मजदूरी करके अपना घर चलाता था। उसकी पत्नी, 25 वर्षीय रोशनी, न केवल सुंदर थी बल्कि शिक्षित भी थी। किशोर अपनी पत्नी से बेइंतहा मोहब्बत करता था। उसने ठाना था कि भले ही उसने गरीबी और अनपढ़ता देखी हो, लेकिन वह रोशनी को पढ़ा-लिखाकर एक सरकारी अधिकारी बनाएगा।
किशोर का मानना था कि अगर रोशनी की सरकारी नौकरी लग गई, तो उनके आने वाले बच्चों का भविष्य संवर जाएगा। वह दिन-रात पसीना बहाकर रोशनी की कोचिंग और पढ़ाई का खर्च उठा रहा था। लेकिन उसे क्या पता था कि जिस किताब को रोशनी पढ़ रही है, उसके पन्नों के पीछे मौ-त की साजिश रची जा रही है।
2. बेवफाई की शुरुआत और अ-नै-ति-क सं-बंध
घटना से करीब एक साल पहले, रोशनी अपने मायके (बिठिया गांव) गई थी। वहीं उसकी मुलाकात पड़ोस में रहने वाले लीलेश उर्फ मोरू (25 वर्ष) से हुई। बातों का सिलसिला शुरू हुआ और जल्द ही यह दोस्ती ‘अ-वै-ध सं-बंधों’ में बदल गई।
जब रोशनी वापस अपने ससुराल आई, तो लीलेश के साथ उसका प्रे-म प्र-संग जारी रहा। किशोर को धीरे-धीरे रोशनी के व्यवहार में बदलाव महसूस होने लगा। जब उसे पता चला कि रोशनी का किसी और के साथ अ-फे-यर है, तो घर में झगड़े शुरू हो गए। किशोर ने उसे समझाने की बहुत कोशिश की, लेकिन रोशनी और लीलेश एक-दूसरे के प्यार में इस कदर अंधे हो चुके थे कि उन्हें किशोर अपनी राह का कांटा लगने लगा।

3. 27 फरवरी 2026: वह काली रात और रची गई साजिश
रोशनी ने अपने प्रे-मी लीलेश के साथ मिलकर किशोर को रास्ते से हटाने का फूलप्रूफ प्लान बनाया। 27 फरवरी की रात करीब 9:00 बजे, रोशनी ने बड़े प्यार से किशोर से कहा, “मेरी बहन को मायके से ले आइए, वह यहाँ रहेगी तो मुझे पढ़ाई में मदद मिलेगी।”
भोला किशोर अपनी पत्नी की बात मानकर अपनी बाइक उठाकर ससुराल के लिए निकल गया। जैसे ही किशोर घर से निकला, रोशनी ने तुरंत लीलेश को फोन किया और सिग्नल दे दिया—“काम आज ही तमाम कर दो।”
4. एक्सीडेंट या सोची-समझी ह-त्या?
लीलेश ने इस काम के लिए अपने दो दोस्तों, अजय राज और देवेंद्र कुमार को साथ लिया। उन्होंने एक ‘थार’ गाड़ी किराए पर ली और किशोर का पीछा करने लगे। माठ गांव के पास एक सुनसान इलाके (सगोन वाटिका) में, लीलेश ने तेज रफ्तार थार से किशोर की बाइक को जोरदार ट-क्कर मारी।
ट-क्कर इतनी भयानक थी कि किशोर सड़क किनारे गिरकर तड़पने लगा। आरोपियों ने तब तक इंतजार किया जब तक किशोर की सांसें नहीं थम गईं। ह-त्या को ‘एक्सीडेंट’ का रूप देने के लिए उन्होंने किशोर की बाइक को भी क्षतिग्रस्त कर दिया और उसका मोबाइल स्विच ऑफ करके अपने साथ ले गए।
5. अपराधी की वह एक ‘छोटी गलती’
अगले दिन, 28 फरवरी को किशोर की ला-श सड़क किनारे मिली। पहली नजर में पुलिस को भी यह सड़क दु-र्घ-ट-ना का मामला लगा। लेकिन किशोर के बड़े भाई, भागवत सारथी, को दाल में कुछ काला नजर आया। उसका सबसे बड़ा सवाल यह था कि अगर यह एक्सीडेंट था, तो किशोर का मोबाइल गायब क्यों है? और मोबाइल बंद क्यों आ रहा है?
भागवत के दबाव पर खरोरा पुलिस ने ह-त्या का मुकदमा दर्ज किया और जांच शुरू की। पुलिस ने जब घटनास्थल का दोबारा निरीक्षण किया, तो उन्हें झाड़ियों में घसीटे जाने के निशान मिले, जिससे साफ हो गया कि ला-श को कहीं और से लाकर यहाँ फेंका गया था।
6. कॉल डिटेल्स (CDR) ने खोला राज
पुलिस ने किशोर और उसकी पत्नी रोशनी के कॉल डिटेल्स निकाले। रोशनी के CDR ने चौंकाने वाला खुलासा किया। वह पिछले एक साल से लीलेश नाम के युवक के संपर्क में थी। सबसे अहम सुराग यह मिला कि जिस रात किशोर की मौ-त हुई, उस रात और उसके बाद भी रोशनी और लीलेश के बीच कई बार बातचीत हुई थी।
पुलिस ने रोशनी को हिरासत में लिया। पहले तो वह पुलिस को गुमराह करती रही, लेकिन जब पुलिस ने लीलेश का नाम लिया और CDR के सबूत सामने रखे, तो वह टूट गई। उसने अपना गुनाह कबूल कर लिया।
7. इंसाफ और गिरफ्तारी
रोशनी के बयान के आधार पर पुलिस ने लीलेश, अजय राज और देवेंद्र कुमार को गिरफ्तार कर लिया। उनके पास से किशोर का मोबाइल और वारदात में इस्तेमाल की गई थार गाड़ी भी बरामद कर ली गई।
पुलिस की पूछताछ में लीलेश ने बताया कि वह रोशनी के साथ अपनी जिंदगी बिताना चाहता था, इसलिए उसने अपने दोस्तों के साथ मिलकर इस ज-घन्य अ-प-रा-ध को अंजाम दिया। फिलहाल, चारों आरोपी जेल की सलाखों के पीछे हैं और रायपुर की जिला अदालत में मामले की सुनवाई जारी है।
निष्कर्ष: समाज के लिए एक सबक
यह घटना हमें सिखाती है कि अ-प-रा-ध की उम्र बहुत छोटी होती है। रोशनी, जो पढ़-लिखकर अपना भविष्य बनाना चाहती थी, आज सलाखों के पीछे अपने किए पर पछता रही है। किशोर, जिसने अपनी पत्नी पर भरोसा किया और उसके सपनों के लिए अपनी कमाई लगा दी, उसे बदले में धो-खा और मौ-त मिली।
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