Uttar Pradesh संभल में : आशिक के साथ मिलकर खेला खतरनाक खेल.!

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संभल की रूबी और उसका खतरनाक खेल

उत्तर प्रदेश के संभल जिले में एक हल्की सी ठंडक वाली सुबह थी। गाँव के लोग अपने-अपने काम में व्यस्त थे, लेकिन राहुल के घर का माहौल कुछ अलग था। राहुल, 38 साल का, एक जूते की दुकान चलाता था। उसकी पत्नी रूबी, 34 साल की, देखने में मासूम मगर दिमाग से बेहद चालाक थी। उनके दो बच्चे थे—एक बेटा 12 साल का और एक बेटी 8 साल की। बाहर से यह परिवार खुशहाल दिखता था, लेकिन घर के भीतर रिश्तों की दीवारें दरकने लगी थीं।

राहुल की दुकान अच्छी चलती थी। वह सुबह दुकान खोलता और देर शाम तक काम करता। रूबी घर पर बच्चों को संभालती थी, मगर उसका मन घर की चारदीवारी से ऊब चुका था। उसे बाहर की दुनिया, आज़ादी, और रोमांच चाहिए था। इसी तलाश में उसकी मुलाकात मोहल्ले के गौरव से हुई। गौरव 32 साल का, स्मार्ट, बेरोजगार, और मोहल्ले में बदनाम था। रूबी और गौरव की नज़दीकियाँ बढ़ती गईं। दोनों ने एक-दूसरे को दिल की बातें बताईं, और जल्द ही यह रिश्ता शारीरिक संबंधों तक पहुँच गया।

रूबी का चरित्र सिर्फ गौरव तक सीमित नहीं था। उसके पाँच अन्य पुरुषों से भी संबंध थे। वह अलग-अलग समय पर, अलग-अलग जगहों पर इन लोगों से मिलती, झूठ बोलकर घर से बाहर जाती और अपने मन की इच्छाओं को पूरा करती। मोहल्ले के कुछ लोग जानते थे, मगर राहुल को भनक नहीं थी। एक दिन राहुल के पड़ोसी ने उसे बताया, “जब तुम दुकान जाते हो, तुम्हारे घर में कोई लड़का आता है और रूबी के साथ घंटों रहता है।”

Uttar Pradesh संभल में : आशिक के साथ मिलकर खेला खतरनाक खेल.! True Story

राहुल को शक हुआ, मगर उसने रूबी से कुछ नहीं कहा। बस, ध्यान रखना शुरू कर दिया। 18 नवंबर 2025 की सुबह, रूबी ने अपने बच्चों को स्कूल भेजा और गौरव को घर बुलाया। दोनों ने घर के बंद कमरे में संबंध बनाए। पड़ोसी ने गौरव को घर में घुसते देख लिया और तुरंत राहुल को दुकान पर जाकर बताया। राहुल भागता हुआ घर पहुँचा, दीवार कूदकर कमरे में पहुँचा, और अपनी पत्नी को गौरव के साथ आपत्तिजनक स्थिति में देख लिया। गुस्से में लाल राहुल ने दोनों की पिटाई शुरू कर दी।

लेकिन कहानी ने यहाँ मोड़ लिया। रूबी और गौरव ने मिलकर राहुल पर डंडे से वार किया। राहुल बेहोश होकर गिर पड़ा। दोनों ने मिलकर उसे फिर पीटा, और राहुल की मौत हो गई। अब सवाल था—लाश को ठिकाने कैसे लगाया जाए? रूबी ने सुझाव दिया, “इसे टुकड़ों में काटकर दूर फेंक देते हैं।” गौरव बाजार गया, एक ग्राइंडर मशीन खरीदी, और दोनों ने मिलकर राहुल के शरीर को कई टुकड़ों में काट दिया। कुछ हिस्सों को हीटर पर गर्म किया, ताकि पहचान न हो। फिर सारे टुकड़ों को बैग में डालकर ईदगाह के पीछे बहते नाले में फेंक दिया।

घर लौटकर दोनों ने खून के धब्बे, सबूत, और निशान अच्छे से धोकर मिटा दिए। चेहरे पर कोई डर नहीं, कोई पछतावा नहीं। अगले दिन रूबी ने थाने जाकर पति की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई—”दो दिन से घर नहीं लौटे हैं।” पुलिस ने औपचारिकता निभाई, मगर रूबी पर कोई शक नहीं किया।

10 दिन बाद पुलिस को सूचना मिली कि नाले में एक बैग मिला है, जिसमें मानव शरीर के टुकड़े हैं। पुलिस, फॉरेंसिक टीम, एंबुलेंस मौके पर पहुँचे। जांच शुरू हुई। एक हाथ पर ‘राहुल’ नाम का टैटू था। पुलिस ने रूबी को बुलाया, पूछा—”क्या आपके पति के हाथ पर टैटू था?” रूबी ने साफ इंकार कर दिया। मगर पड़ोसियों ने बताया कि राहुल के हाथ पर टैटू था।

पुलिस को शक हुआ। साइबर सेल ने रूबी के मोबाइल की जांच की। पाँच-छह नंबर ऐसे मिले, जिनसे रूबी दिन-रात बातें करती थी। मोहल्ले वालों ने बताया कि रूबी का चरित्र बदनाम है। महिला पुलिस टीम ने रूबी को गिरफ्तार किया। पूछताछ में पहले वह इधर-उधर की बातें करती रही, मगर सख्ती के बाद टूट गई। उसने गौरव का नाम लिया। गौरव को भी गिरफ्तार किया गया। आमने-सामने बैठाकर पूछताछ की गई। दोनों ने जुर्म कबूल कर लिया।

गौरव ने कहा, “मैं रूबी से बेइंतहा प्यार करता हूँ। उसी के कहने पर हत्या की।” रूबी ने कहा, “मैं अपनी आज़ादी चाहती थी, पति ने विरोध किया तो उसे रास्ते से हटा दिया।”

पुलिस ने दोनों को जेल भेज दिया। सारे सबूत बरामद कर लिए गए। कोर्ट में मामला गया। मीडिया में खबरें आईं—”रूबी ने आशिक के साथ मिलकर पति को काटकर नाले में फेंका।” समाज में सनसनी फैल गई। लोग सोचने लगे—”जो औरत सात फेरे लेकर पति के साथ आती है, वही ऐसी घटना कर सकती है?”

राहुल के बच्चों की जिंदगी बर्बाद हो गई। पिता की मौत, माँ जेल में। समाज ने रूबी को कोसा, मगर गौरव पर भी सवाल उठे। कोर्ट में गवाह, सबूत, बयान—सब पेश हुए। सजा क्या होगी, यह भविष्य के गर्भ में था।

यह घटना समाज को झकझोर गई। रिश्तों की मर्यादा, विश्वास, वफादारी सब पर सवाल उठे। पुलिस ने लोगों को सचेत किया—”अवैध संबंध, झूठ, और लालच कभी भी जिंदगी बर्बाद कर सकते हैं।”

अगर आपको यह कहानी पसंद आई हो, तो अपनी राय जरूर दें। क्या रूबी और गौरव को फांसी या उम्रकैद मिलनी चाहिए? समाज को सतर्क रहना चाहिए, रिश्तों की मर्यादा बनाए रखना चाहिए।