पार्लर वाली लड़की कैसे बनी Lawrence Gang की Lady Don? | ‘मैडम ज़हर’ का खौफनाक सच!

मासूम चेहरा, खौफनाक इरादे: ब्यूटी पार्लर की आड़ में ‘मैडम जहर’ का उदय

दिल्ली की तंग गलियों से लेकर महिपालपुर के फ्लाइओवर तक, जुर्म की एक ऐसी दास्तां लिखी गई जिसने खाकी वर्दी वालों की नींद उड़ा दी। यह कहानी किसी फिल्मी स्क्रिप्ट जैसी लग सकती है, लेकिन इसके किरदार खून-मांस के बने जीते-जागते इंसान हैं। एक तरफ मेकअप की खुशबू और खूबसूरती, तो दूसरी तरफ हथियारों की गूंज और अंडरवर्ल्ड का काला साया। यह कहानी है खुशनुमा अंसारी की, जिसे दुनिया ने ‘मैडम जहर’ के नाम से जाना।

एक आम लड़की और उसका ‘नेहा मेकअप स्टूडियो’

नॉर्थ ईस्ट दिल्ली के चौहान बांगर इलाके में ‘नेहा मेकअप स्टूडियो’ नाम का एक पार्लर हुआ करता था। वहां आने वाली महिलाओं के लिए नेहा (खुशनुमा) एक टैलेंटेड और संस्कारी लड़की थी। इंस्टाग्राम पर उसके हजारों फॉलोअर्स थे, जहां वह लग्जरी लाइफस्टाइल की रील्स डाला करती थी। उसके घरवाले और रिश्तेदार यही जानते थे कि वह बुकिंग पर जाती है और दुल्हनों को सजाती है।

लेकिन किसी को भनक तक नहीं थी कि मेकअप ब्रश पकड़ने वाले उन हाथों का ताल्लुक देश के सबसे बड़े और कुख्यात सिंडिकेट से है। वह ब्यूटी पार्लर दरअसल एक ढाल था, जिसके पीछे काले कारोबार की साजिशें बुनी जाती थीं।

बॉबी कबूतर: प्यार, साया और सिंडिकेट

नेहा की जिंदगी में मोड़ तब आया जब उसकी मुलाकात महफूज उर्फ बॉबी कबूतर से हुई। बॉबी कोई मामूली अपराधी नहीं था, बल्कि एक इंटरनेशनल डॉन और कुख्यात सिंडिकेट का सबसे खास मोहरा था। उसका काम सीमाओं के पार से आने वाले अवैध सामान को ठिकाने लगाना था।

बॉबी ने नेहा को अपने काले धंधों के बारे में बताया। उसे लगा नेहा डर जाएगी, लेकिन इसके उलट वह बॉबी के काम में दिलचस्पी लेने लगी। यहीं से नेहा का रूपांतरण ‘मैडम जहर’ में हुआ। बॉबी को एक ऐसे साथी की जरूरत थी जिस पर पुलिस शक न करे, और नेहा इसमें बिल्कुल फिट बैठती थी।

मैसेंजर से ‘लेडी डॉन’ तक का सफर

पिछले सात सालों से बॉबी कबूतर पुलिस की रडार पर था, लेकिन वह हर बार बच निकलता था। इसकी वजह थी नेहा। वह उसके लिए:

नए सिम कार्ड और फोन का इंतजाम करती।
पुलिस की हर मूवमेंट की खबर देती।
गैंग के लिए लॉजिस्टिक्स और पैसों का हिसाब-किताब रखती।
पार्लर की आड़ में संदिग्ध सामानों की सप्लाई चेन संभालती।

इसीलिए अपराधियों के बीच उसे ‘मैडम जहर’ का नाम दिया गया।

देश को दहलाने वाली साजिश में भागीदारी

इस कहानी का सबसे काला अध्याय तब सामने आया जब एक मशहूर कलाकार की दिन-दहाड़े हत्या कर दी गई। पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि इस वारदात के लिए जो रूट चार्ट और रेकी की गई थी, वह बॉबी कबूतर ने ही तैयार की थी। और नेहा? वह अपने बॉयफ्रेंड के इस खौफनाक गुनाह की पल-पल की जानकारी रखती थी। वह केवल एक प्रेमिका नहीं, बल्कि सिंडिकेट की एक सक्रिय सदस्य बन चुकी थी।

महिपालपुर की वो रात: जब खत्म हुआ ‘मैडम जहर’ का खेल

दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल (Counter Intelligence Unit) ने सात साल के लंबे इंतजार के बाद अपना जाल बिछाया। पक्की खबर मिली कि बॉबी कबूतर अपनी लेडी डॉन नेहा के साथ महिपालपुर फ्लाइओवर के पास आने वाला है।

रात के अंधेरे में जैसे ही उनकी गाड़ी फ्लाइओवर पर चढ़ी, सादी वर्दी में तैनात पुलिस के कमांडो ने उन्हें चारों तरफ से घेर लिया। गाड़ी के अंदर ड्राइविंग सीट पर बॉबी कबूतर था और उसके बगल में बैठी थी खुशनुमा अंसारी उर्फ मैडम जहर। पुलिस ने जब नेहा की तलाशी ली, तो उसके पास से भारी मात्रा में अवैध और संदिग्ध सामान बरामद हुआ।

अंजाम: सलाखों के पीछे की जिंदगी

आज ‘नेहा मेकअप स्टूडियो’ बंद है और खुशनुमा अंसारी जेल की सलाखों के पीछे। उसके घरवाले सदमे में हैं और इलाके के लोग हैरान। यह कहानी हमें सिखाती है कि जुर्म का रास्ता चाहे कितना भी चमक-धमक भरा क्यों न लगे, उसका अंत हमेशा अंधकारमय होता है।

निष्कर्ष: आज के दौर में अपराध का चेहरा बदल गया है। वह आपके आसपास मौजूद मासूम चेहरों में भी छिपा हो सकता है। ‘मैडम जहर’ की कहानी रातों-रात अमीर बनने की चाहत और गलत संगत के विनाशकारी परिणामों का जीता-जागता सबूत है।

सुरक्षित रहें, जागरूक रहें।