Syed Suhail | Bharat Ki Baat Batata Hoon | Delhi टू Kolkata बवाल, Mamata की पेन ड्राइव में क्या है?

दीदी बनाम ईडी: बंगाल चुनाव से पहले सियासी घमासान

नमस्कार! मैं हूं सैयद सोहेल और आज आपको भारत की राजनीति की सबसे बड़ी खबर बताने जा रहा हूं। बंगाल में चुनावी माहौल गरमाया हुआ है, और इस बार दीदी यानी मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और ईडी (प्रवर्तन निदेशालय) के बीच जबरदस्त टकराव देखने को मिल रहा है। आइए जानते हैं इस पूरे घटनाक्रम की विस्तार से कहानी।

ईडी का छापा और ममता बनर्जी की एफआईआर

चुनाव से ठीक पहले ईडी ने बंगाल में कई जगह छापेमारी की। खासकर तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के चुनावी रणनीतिकारों के दफ्तर पर रेड हुई। इसके बाद ममता बनर्जी खुद सड़कों पर उतर आईं और ईडी के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। ममता बनर्जी की पदयात्रा ने पूरे राज्य में हलचल मचा दी।

बीजेपी भी पीछे नहीं रही। महिला मोर्चा ने टीएमसी के खिलाफ प्रदर्शन किया। दोनों दलों के कार्यकर्ता और नेता सड़कों पर आमने-सामने आ गए। दिल्ली में भी टीएमसी सांसद गृह मंत्री अमित शाह के घर के बाहर प्रदर्शन करने पहुंच गए, जहां पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया।

सियासी लड़ाई का दूसरा चेहरा

ममता बनर्जी ने ईडी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई, जिसमें चोरी, आपराधिक घुसपैठ और इलेक्ट्रॉनिक सबूतों की चोरी के आरोप लगाए गए। बंगाल पुलिस ने दो एफआईआर दर्ज की हैं, हालांकि इनमें किसी ईडी अधिकारी का नाम नहीं है। यह पहली बार है जब राज्य सरकार ने जांच एजेंसी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है।

ईडी का दावा है कि कोयला घोटाले का पैसा हवाला के जरिए गोवा चुनाव में इस्तेमाल हुआ। आईपैक, जो टीएमसी के लिए चुनावी रणनीति बनाता है, उसके दफ्तर पर छापेमारी इसी सिलसिले में हुई। ईडी का आरोप है कि ₹20 करोड़ गोवा भेजे गए और 2022 के चुनाव में इस्तेमाल हुए।

कोर्ट में भी घमासान

इस पूरे मामले को लेकर कोलकाता हाई कोर्ट में सुनवाई हुई। ईडी ने आरोप लगाया कि छापेमारी के दौरान ममता बनर्जी ने दखल दिया, फाइलें ले गईं और उनके अधिकारियों को परिसर से बाहर निकलने से रोका गया। कोर्ट परिसर में भारी भीड़ और अफरातफरी के कारण सुनवाई टाल दी गई। अब अगली सुनवाई 14 जनवरी को होगी।

दोनों पक्षों के बयान

ममता बनर्जी ने कहा, “अगर मुझे जेल भेजा तो दुनिया तुम्हारे खिलाफ कर दूंगी। मुझे परेशान कर सकते हो लेकिन रोक नहीं पाओगे।” वहीं बीजेपी नेता रविशंकर प्रसाद ने ममता पर गंभीर अपराध के आरोप लगाए और कहा कि जांच में बाधा डालना कानूनन अपराध है।

टीएमसी सांसद महवा मोहित्रा ने ईडी पर अवैध कार्रवाई का आरोप लगाया और कहा कि चुनाव से ठीक पहले पुराने मामले को उठाना राजनीतिक साजिश है। बीजेपी ने टीएमसी को भ्रष्ट पार्टी करार दिया और आरोप लगाया कि ममता बनर्जी ने खुद फाइलें लेकर भागने की कोशिश की।

निष्कर्ष

बंगाल में चुनावी घमासान इस बार दीदी बनाम ईडी की लड़ाई में बदल गया है। ममता बनर्जी ने इसे सियासी मुद्दा बना दिया है, वहीं बीजेपी इसे भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई बता रही है। कोर्ट में मामला लंबित है, और अगले कुछ दिनों में बंगाल की राजनीति में और बड़ा भूचाल आ सकता है। जनता की नजरें अब कोर्ट के फैसले और चुनावी मैदान पर टिकी हैं।

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