गांव में खूबसूरत महिला दुल्हन बन कर आई/महिला के साथ हुआ बहुत बड़ा हादसा/

अंधेरे का अंत: सरपंच की सत्ता और अंजलि का प्रतिशोध
राजस्थान की मिट्टी वीरता और गौरव की कहानियों के लिए जानी जाती है, लेकिन इसी मिट्टी के एक कोने में एक ऐसी काली कहानी पनप रही थी जिसने मानवता को शर्मसार कर दिया। यह कहानी है भरतपुर जिले के ‘जगहना’ गांव की, जहाँ सत्ता का नशा और धन का अहंकार रिश्तों की मर्यादा को लील रहा था।
सरपंच लाल सिंह: रक्षक के भेष में भक्षक
भरतपुर का जगहना गांव बाहरी तौर पर एक शांत इलाका था, लेकिन गांव की गलियों में बहने वाली हवा में एक अनकहा खौफ था। यहाँ के सरपंच लाल सिंह का दबदबा ऐसा था कि उसके घर के सामने से निकलते समय लोग अपनी आवाज धीमी कर लिया करते थे। लाल सिंह के पास 32 एकड़ उपजाऊ जमीन थी, एक आलीशान हवेली थी और स्थानीय राजनीति में गहरी पैठ थी। गांव के लोग उसे ‘सरपंच साहब’ कहकर सम्मान देते थे, लेकिन उस सम्मान के पीछे एक गहरा डर और मजबूरी छिपी थी।
लाल सिंह गांव के गरीबों को ऊँची ब्याज दरों पर पैसे देता था। वह खुद को एक मसीहा के रूप में पेश करता था, लेकिन असल में वह एक शिकारी था। जब गरीब परिवार कर्ज नहीं चुका पाते थे, तो वह ब्याज के बदले उनकी अस्मत का सौदा करता था। वह रात के सन्नाटे में उन मजबूर महिलाओं और बेटियों को अपने सूने खेतों पर बने डेरे पर बुलाया करता था। गांव के लोग जानते तो बहुत कुछ थे, लेकिन लाल सिंह के रुतबे और पुलिस से उसकी साठगांठ के कारण सब खामोश थे।
लाल सिंह का निजी जीवन भी किसी विडंबना से कम नहीं था। उसकी शादी को 20 साल बीत चुके थे, लेकिन उसकी पत्नी मंजू देवी की गोद सूनी थी। संतान न होने का सारा ठीकरा वह मंजू पर ही फोड़ता था। वह मंजू को घर की मालकिन नहीं, बल्कि एक दासी की तरह रखता था। मंजू देवी ने भी अपनी नियति को स्वीकार कर लिया था और वह घर के कामकाज और लाल सिंह के अत्याचारों के बीच एक जिंदा लाश बनकर रह गई थी।
महेश और अंजलि: एक मासूम प्रेम का आगाज
लाल सिंह की हवेली में महेश नाम का एक युवक रहता था, जिसे लाल सिंह ने 5 साल पहले गोद लेने का नाटक किया था। असल में, महेश एक अनाथ था जिसे लाल सिंह ने अपने भविष्य के ‘गुलाम’ के रूप में पाला था। महेश पढ़ा-लिखा और स्वाभिमानी था, लेकिन वह लाल सिंह के एहसानों के तले दबा हुआ था। कॉलेज की पढ़ाई के दौरान महेश को अंजलि नाम की एक लड़की से प्यार हो गया। अंजलि मध्यमवर्गीय परिवार की थी, देखने में अत्यंत सुंदर और स्वभाव से निडर।
जब महेश ने अंजलि के बारे में लाल सिंह को बताया, तो सरपंच के दिमाग में एक काली योजना ने जन्म लिया। उसने अंजलि की तस्वीर देखते ही तय कर लिया था कि वह उसे अपनी हवेली की चारदीवारी में कैद करेगा। उसने महेश को शादी के लिए प्रोत्साहित किया और खुद अंजलि के माता-पिता से मिलने गया। अंजलि के माता-पिता ने सोचा कि उनकी बेटी की किस्मत चमक गई है कि उसे एक रईस सरपंच के घर में जगह मिल रही है। 20 दिसंबर 2025 को दोनों का विवाह हुआ, जिसे पूरे गांव ने एक उत्सव की तरह देखा।
सुहागरात का भयानक सच
शादी की पहली रात, जब अंजलि अपने नए जीवन के मधुर सपने बुन रही थी, हवेली के एक बंद कमरे में एक वीभत्स दृश्य तैयार हो रहा था। लाल सिंह ने महेश को अपने कक्ष में बुलाया और उसे अपनी असलियत दिखाई। उसने महेश को साफ शब्दों में कह दिया कि अंजलि पर पहला हक उसका है। महेश ने विरोध करने की कोशिश की, लेकिन लाल सिंह के लठैतों और उसकी धमकियों के आगे वह बेबस हो गया।
सरपंच ने जबरन अंजलि के कमरे का दरवाजा खोला। अंजलि घबरा गई, उसने महेश को पुकारा, लेकिन महेश एक कोने में सिर झुकाए खड़ा था। लाल सिंह ने अंजलि के हाथ-पांव उसकी अपनी ही चुनरी से बांध दिए और उसके मुंह में कपड़ा ठूंस दिया ताकि उसकी चीखें हवेली की मोटी दीवारों से बाहर न जा सकें। उस रात लाल सिंह ने मर्यादा की सारी दीवारें गिरा दीं। उसने महेश को वहीं बैठकर यह सब देखने पर मजबूर किया। वह रात अंजलि के लिए एक कभी न खत्म होने वाले दुःस्वप्न की शुरुआत थी।
सत्ता का गठजोड़: जज और दरोगा की संलिप्तता
लाल सिंह का अत्याचार यहीं नहीं रुका। उसके इस कुकृत्य में समाज के दो और रसूखदार लोग शामिल थे—एक रिटायर्ड जज राजपाल और एक भ्रष्ट पुलिस दरोगा करम सिंह। ये तीनों अक्सर लाल सिंह की हवेली पर शराब और शबाब की महफिलें सजाते थे।
25 दिसंबर 2025 को, लाल सिंह ने अंजलि का सौदा अपने दोस्त जज राजपाल से कर दिया। उसने राजपाल से ₹50,000 की मोटी रकम ली और अंजलि को एक वस्तु की तरह राजपाल के बंगले पर भेज दिया। इसके कुछ दिनों बाद, यही खेल दरोगा करम सिंह के साथ खेला गया। करम सिंह के फार्म हाउस पर अंजलि को न केवल दरोगा, बल्कि उसके अन्य दोस्तों की हवस का भी शिकार होना पड़ा। अंजलि अब एक ऐसी वस्तु बन चुकी थी जिसे लाल सिंह हर रात ऊँची बोली लगाकर बेचता था। महेश केवल एक नाममात्र का पति रह गया था, जो अपनी पत्नी की चीखें सुनने के अलावा कुछ नहीं कर सकता था।
सब्र का बांध और प्रतिशोध की ज्वाला
अंजलि अंदर से मर चुकी थी, लेकिन उसकी राख में प्रतिशोध की एक चिंगारी बाकी थी। उसे समझ आ गया था कि यदि वह आज नहीं लड़ी, तो यह नरक ताउम्र उसका पीछा करेगा। उसने देखा कि लाल सिंह का अहंकार ही उसकी सबसे बड़ी कमजोरी है। उसने अपनी गरिमा वापस पाने के लिए एक आत्मघाती लेकिन साहसी योजना तैयार की।
10 जनवरी 2026 की रात को लाल सिंह ने फिर से अंजलि का सौदा जज और दरोगा के साथ मिलकर किया। उस रात अंजलि को शारीरिक और मानसिक रूप से तोड़ दिया गया। लेकिन अगली सुबह जब वह हवेली लौटी, तो उसकी आंखों में आंसू नहीं, बल्कि खून उतर आया था। उसने तय कर लिया था कि अब जगहना गांव में एक अत्याचारी का सूरज अस्त होकर रहेगा।
शाम के समय, लाल सिंह अपनी जीत और पैसों के घमंड में चूर होकर शराब पी रहा था। अंजलि उसके पास गई और उसने अपनी नफरत को एक मुस्कान के पीछे छिपा लिया। उसने लाल सिंह को रिझाते हुए कहा, “सरपंच साहब, आज तक आपने मुझे दूसरों को सौंपा, लेकिन आज रात मैं केवल आपके साथ वक्त बिताना चाहती हूँ।” शराब के नशे और कामुकता में अंधे लाल सिंह को अंजलि की चाल समझ नहीं आई। वह उसे लेकर अपने खास कमरे में चला गया।
लाल सिंह बिस्तर पर लेटा और नशे के कारण उसकी आंखें भारी होने लगीं। जैसे ही वह गहरी नींद में जाने लगा, अंजलि ने तकिए के नीचे पहले से छिपाकर रखा हुआ तेज धार वाला चाकू निकाला। उसने अपनी बरसों की पीड़ा, अपमान और नफरत को अपनी मुट्ठी में समेटा और एक ही बिजली जैसे वार से लाल सिंह की गर्दन पर प्रहार कर दिया। लाल सिंह को अपनी ही खून की नली कटने की आवाज सुनाई दी, लेकिन उसे चीखने का मौका तक नहीं मिला। कुछ ही पलों में अत्याचारी सरपंच का शरीर ठंडा पड़ गया।
न्याय की शरण में
लाल सिंह को मौत के घाट उतारने के बाद अंजलि भागी नहीं। उसने कमरे का दरवाजा खोला और महेश को सब दिखाया। महेश कांप रहा था, लेकिन अंजलि के चेहरे पर एक अजीब सी शांति थी। वह उसी रात खून से सने कपड़ों में पैदल ही पुलिस स्टेशन की ओर चल पड़ी।
वहां उसने ईमानदार दरोगा श्याम सिंह के सामने अपना जुर्म कुबूल किया। उसने शुरुआत से लेकर अंत तक की अपनी सारी दास्तां सुनाई। उसने बताया कि कैसे कानून के रखवालों (जज और दरोगा) ने ही उसे नोचा था। अंजलि की रूह कंपा देने वाली कहानी सुनकर पुलिस स्टेशन में मौजूद हर शख्स की आंखें नम हो गई थीं। लाल सिंह का शव बरामद किया गया और उसे पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। अंजलि पर कानूनी तौर पर हत्या का मामला दर्ज हुआ, लेकिन पूरे गांव की सहानुभूति उसके साथ थी।
लेखक के विचार
अंजलि ने जो किया, वह कानून की किताबों में भले ही ‘अपराध’ की श्रेणी में आता हो, लेकिन एक पीड़ित महिला के नजरिए से वह उसका अपनी आत्मा को बचाने का अंतिम प्रयास था। जब रक्षक ही भक्षक बन जाएं और न्याय के मंदिर के पुजारी (जज) ही पाप करने लगें, तो समाज में अंजलि जैसी महिलाओं को ‘चंडी’ का रूप धारण करना ही पड़ता है।
यह कहानी हमें सचेत करती है कि सत्ता, धन और रसूख किसी को यह अधिकार नहीं देते कि वह किसी की अस्मत और स्वाभिमान को कुचले। अंजलि का प्रतिशोध उन सभी शोषकों के लिए एक सबक है जो सोचते हैं कि वे कानून और खुदा, दोनों से ऊपर हैं।
नोट: यह कहानी समाज में जागरूकता फैलाने और महिलाओं के विरुद्ध होने वाले शोषण के प्रति आवाज उठाने के उद्देश्य से लिखी गई है। किसी भी प्रकार के शोषण को सहना भी अपराध है; हमेशा सही समय पर उचित कानूनी सहायता प्राप्त करें।
News
मरने जा रही थी अमीर लड़की…चने बेचने वाले गरीब लड़के ने बचाई जान…फिर जो हुआ
मरने जा रही थी अमीर लड़की…चने बेचने वाले गरीब लड़के ने बचाई जान…फिर जो हुआ सफर से सीख: अवनी और…
महिला टीचर ने ||रो-रो कर कहा बहुत बचा लिया रिश्ते को अब अलग होना है और फिर|
महिला टीचर ने ||रो-रो कर कहा बहुत बचा लिया रिश्ते को अब अलग होना है और फिर| रिश्तों का पुनर्जन्म:…
NEET में फेल हुई गरीब लड़की… छत से कूदने जा रही थी, करोड़पति लड़के ने बचाया, आगे जो हुआ…
NEET में फेल हुई गरीब लड़की… छत से कूदने जा रही थी, करोड़पति लड़के ने बचाया, आगे जो हुआ… सपनों…
Aligarh Saas Damad Love Story दामाद के संग भागने वाली सास अब अपने जीजा के साथ फरार!
Aligarh Saas Damad Love Story दामाद के संग भागने वाली सास अब अपने जीजा के साथ फरार! उत्तर प्रदेश के…
लो पकड़े गए बच्चा चोर देखो ये कर रहे थे दिल्ली से लोग गायब! Delhi Missing Case 2026
लो पकड़े गए बच्चा चोर देखो ये कर रहे थे दिल्ली से लोग गायब! Delhi Missing Case 2026 दिल्ली और…
Priyanka Chopra को सता रही Malti की चिंता? तलाक की खबरों के बीच किए खास इंतजाम,Nick ने भी दिया साथ
Priyanka Chopra को सता रही Malti की चिंता? तलाक की खबरों के बीच किए खास इंतजाम,Nick ने भी दिया साथ…
End of content
No more pages to load






