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बाकी सब बेकार। मजदूरों को वे सिर्फ मशीन समझते थे, उनकी मेहनत की कभी कद्र नहीं करते थे और उन्हें बहुत कम मजदूरी देते थे।
कहानी: सेठ किशनलाल का बदलता दिल शहर के सबसे प्रसिद्ध और अमीर बिल्डर थे सेठ किशनलाल। उनकी बनाई इमारतें, महल…
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“माँजी, आप यहाँ क्या कर रही हैं? यह जगह आपके लिए नहीं है। यह पाँच सितारा होटल है, यहाँ बड़े-बड़े लोग आते हैं।”
गंगा देवी – इंसानियत की मिसाल सुबह के 11 बजे, शहर के सबसे बड़े पाँच सितारा होटल के बाहर चहल-पहल…
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लेकिन अगले ही पल नाक सिकोड़कर आगे बढ़ जाते।
सुबह की हवा में सड़ांध घुली हुई थी। रेलवे लाइन के पास पड़ा कूड़े का ढेर सूरज की पहली किरणों…
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जेक 38 साल का था। कभी वह वही इंसान था जिसकी तस्वीरें बिज़नेस मैगज़ीन के कवर पर छपती थीं। 23 की उम्र में पहला बड़ा एग्ज़िट, 29 तक अरबों की नेटवर्थ, पार्टियाँ, शोहरत, तेज़ रफ़्तार ज़िंदगी। सब कुछ चमकदार था। बहुत ज़्यादा चमकदार।
जब टूटना ही शुरुआत बन गया कैलिफ़ोर्निया की सुबह हमेशा की तरह सुनहरी थी। सूरज की किरणें ऊँची इमारतों के…
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संगीत और सांस्कृतिक पहचान पर बहस
ए.आर. रहमान के बयान पर बढ़ता विवाद: कला, पहचान और बदलता बॉलीवुड प्रसिद्ध संगीतकार ए. आर. रहमान द्वारा हाल ही…
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शाम को खाली बोतलें बटोरकर चिल्लर कमाना, और रात को गत्ते पर लेटकर आसमान ताकना।
फुटपाथ से फॉर्च्यून तक ठंडी शाम धीरे-धीरे दिल्ली शहर पर उतर रही थी। सड़कों पर दौड़ती गाड़ियों की रोशनी धूल…
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WAG KA MAG INARTE! GINUSTO MO YAN! SIGAW NG DOCTOR SA BUNTIS NA PASYENTE HABANG NASA PUBLIC HOSPITAL
WAG KA MAG INARTE! GINUSTO MO YAN! SIGAW NG DOCTOR SA BUNTIS NA PASYENTE HABANG NASA PUBLIC HOSPITAL KABANATA 1:…
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“बहू का मोबाइल और वो खौफनाक राज: तकनीशियन की एक चेतावनी ने उड़ा दिए होश”
विश्वासघात का डिजिटल जाल: मीना अग्रवाल की विजय गाथा अध्याय 1: एक सामान्य सुबह का असामान्य अंत अगस्त की वह…
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सीट नंबर 21 – एक सफ़र, जो ज़िंदगी बन गया दोस्तों, कहते हैं न—कभी-कभी ज़िंदगी
सीट नंबर 21 – एक सफ़र, जो ज़िंदगी बन गया दोस्तों, कहते हैं न—कभी-कभी ज़िंदगी हमें ऐसे रास्तों पर ले…
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अकेली लड़की UPSC की तैयारी के घर लौट रही थी… ट्रेन में मिला एक अजनबी | फिर जो हुआ
सीट नंबर 21 – एक सफ़र, जो ज़िंदगी बन गया दोस्तों, कहते हैं न—कभी-कभी ज़िंदगी हमें ऐसे रास्तों पर ले…








