बेटे के नाम लिखा 4 पन्ने का लेटर, बनाया वीडियो…Chhattisgarh में पति-पत्नी ने लगाई फां-Si | CG News

“आदित्य ही हमारी दुनिया था”: बेटे के गम में छत्तीसगढ़ के दंपत्ति ने किया सुसाइड, 4 पन्ने का खत और वीडियो देख रो पड़ा पूरा गांव
छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चापा जिले के शिवरीनारायण थाना क्षेत्र से एक ऐसी खबर आई है जिसने मानवता और ममता की पराकाष्ठा को झकझोर कर रख दिया है। एक साल पहले सड़क हादसे में अपने इकलौते बेटे को खोने वाले माता-पिता ने रविवार देर रात नीम के पेड़ से लटककर अपनी जान दे दी। मरने से पहले उन्होंने 4 पन्ने का एक सुसाइड नोट लिखा और एक वीडियो संदेश भी छोड़ा, जिसमें छिपा दर्द किसी की भी आंखों में आंसू ला देने के लिए काफी है।
इकलौते बेटे की मौत ने उजाड़ दी थी दुनिया
यह कहानी धरदेही गांव के रहने वाले 48 वर्षीय कृष्ण पटेल और उनकी पत्नी रमाबाई की है। कृष्ण पटेल पेशे से राजमिस्त्री थे। उनका 21 साल का बेटा आदित्य पटेल उनकी जिंदगी की नींव और खुशियों का आधार था। लेकिन साल 2024 में एक सड़क हादसे ने सब कुछ बदल दिया। आदित्य की मौत के बाद से ही घर में मातम छाया हुआ था और माता-पिता गहरे सदमे में थे।
सुसाइड नोट में छलका ‘पछतावा’ और ‘दर्द’
कृष्ण और रमाबाई ने अपनी जान देने से पहले चार पन्नों का एक विस्तृत सुसाइड नोट लिखा। इसमें उन्होंने बताया कि कैसे आदित्य का जाना उनकी जिंदगी की सबसे बड़ी खामोशी बन गया। कृष्ण ने लिखा:
“आदित्य हमारी जिंदगी, हमारी नींव और हमारी पूरी दुनिया था। वह एक आज्ञाकारी बेटा और मेरा दोस्त था।”
सबसे भावुक हिस्सा वह था जहाँ कृष्ण ने अपनी एक ‘गलती’ का जिक्र किया। उन्होंने लिखा कि जिस दिन एक्सीडेंट हुआ, आदित्य मंदिर में यज्ञ के लिए जाने से हिचक रहा था। लेकिन कृष्ण ने उसे यह कहकर भेजा कि “भगवान का काम है, जाओ।” कृष्ण ने लिखा कि उसे भेजना उनकी जिंदगी की सबसे बड़ी भूल थी, जिसके लिए वे खुद को कभी माफ नहीं कर पाए।
वीडियो संदेश: “क्लेम का पैसा भाइयों को दे देना”
फांसी लगाने से ठीक पहले दंपत्ति ने एक वीडियो भी रिकॉर्ड किया। वीडियो में वे अपने वकील को संबोधित करते हुए बहुत ही शांत स्वर में कह रहे हैं:
“वकील भैया नमस्कार… अगर हम इस दुनिया में नहीं रहे, तो हमारे पुत्र आदित्य के क्लेम का पैसा मेरे दोनों बड़े भाइयों (खुलबारा और जलबारा पटेल) को दे देना भैया। यही आपसे हमारी प्रार्थना है।”
यह वीडियो संदेश दिखाता है कि उन्होंने अपनी मौत की योजना कितनी शांति और दुख के साथ बनाई थी। रविवार रात उन्होंने एक ही साड़ी का फंदा बनाया, एक-दूसरे की कमर को बांधा और नीम के पेड़ से लटककर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली।
किसी को नहीं ठहराया दोषी
दंपत्ति ने अपने पत्र में स्पष्ट किया कि उनकी मौत के लिए कोई भी जिम्मेदार नहीं है। उन्होंने लिखा कि वे स्वयं को भगवान शिव को समर्पित कर रहे हैं। ग्रामीणों के अनुसार, बेटे की मौत के बाद से कृष्ण और रमाबाई ने हंसना और लोगों से बात करना लगभग बंद कर दिया था। वे बस उस दिन का इंतजार कर रहे थे जब वे अपने बेटे से मिल सकें।
पुलिस की कार्रवाई
सोमवार सुबह जब पड़ोसियों ने दोनों के शवों को लटकते देखा, तो गांव में हड़कंप मच गया। शिवरीनारायण पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शवों को नीचे उतारा और पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पुलिस अधिकारियों ने पुष्टि की है कि प्रारंभिक जांच में यह पूरी तरह से आत्महत्या का मामला लग रहा है, जो बेटे के वियोग में उठाया गया कदम है।
यह घटना हमें याद दिलाती है कि एक संतान की कमी माता-पिता के लिए कितनी अपूरणीय होती है। पूरा गांव आज कृष्ण, रमाबाई और उनके बेटे आदित्य के लिए शोक मना रहा है।
ब्यूरो रिपोर्ट: जांजगीर-चापा डेस्क
दिनांक: 24 फरवरी, 2026
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