Sonu Nigam को बर्बाद करने की साजिश नाकाम | Bollywood Playback Singer Sonu Nigam Life Story

सोनू निगम: सुरों के सम्राट का वो सच, जिसे बॉलीवुड की राजनीति ने दबाने की कोशिश की

सोनू निगम—एक ऐसा नाम जिसने अपनी जादुई आवाज से तीन दशकों तक करोड़ों दिलों पर राज किया है। चाहे ‘बेवफा सनम’ के दर्द भरे गीत हों या ‘कल हो ना हो’ का फलसफा, सोनू ने हर भाव को स्वर दिया। लेकिन क्या आप जानते हैं कि जिस गायक को ‘पद्मश्री’ से नवाजा गया, उसे बॉलीवुड से ‘चाय की मक्खी’ की तरह बाहर फेंकने की कोशिशें भी हुईं?

शून्य से शिखर तक का सफर

सोनू निगम का जन्म 30 जुलाई 1973 को एक मध्यमवर्गीय परिवार में हुआ था। गायन की कला उन्हें विरासत में मिली थी। महज 4 साल की उम्र में उन्होंने अपने पिता अगम कुमार निगम के साथ स्टेज पर पहला गाना गाया। 1991 में किस्मत आजमाने मुंबई आए सोनू ने शुरुआत में मोहम्मद रफी के गाने गाकर अपनी पहचान बनाई। टी-सीरीज के गुलशन कुमार ने उनकी प्रतिभा को पहचाना और ‘रफी की यादें’ एलबम से उन्हें घर-घर में लोकप्रिय बना दिया।

जब म्यूजिक माफिया से लिया पंगा: ‘रॉयल्टी’ का मुद्दा

सोनू निगम के पतन की साजिश तब शुरू हुई जब उन्होंने सिंगर्स के हक के लिए आवाज उठानी शुरू की। 2010 के बाद सोनू ने म्यूजिक कंपनियों से ‘रॉयल्टी’ की मांग की। उनका तर्क सीधा था—म्यूजिक कंपनियां एक गाने से जिंदगी भर कमाती हैं, जबकि गायक को सिर्फ एक बार मामूली फीस देकर टरका दिया जाता है।

इस मुद्दे पर सोनू अकेले पड़ गए। टी-सीरीज के भूषण कुमार जैसे दिग्गजों से उनके संबंध खराब हो गए। परिणाम यह हुआ कि बड़ी म्यूजिक कंपनियों ने सोनू निगम को धीरे-धीरे काम देना बंद कर दिया।

सलमान खान और ‘हैंगओवर’ विवाद

सोनू निगम की बेबाकी ने उन्हें बॉलीवुड के सुपरस्टार सलमान खान से भी भिड़ा दिया। फिल्म ‘किक’ का मशहूर गाना ‘हैंगओवर’ पहले सोनू निगम की आवाज में रिकॉर्ड हुआ था, लेकिन सलमान खान ने उसे रिजेक्ट कर खुद अपनी आवाज में गाया। बाद में एक स्टेज शो पर सलमान ने जब यह कहा कि “सिंगर्स का काम आसान है, मैं खुद गा सकता हूँ,” तो सोनू निगम ने इसे सिंगर्स का अपमान माना। यहीं से सलमान और सोनू के बीच एक ‘कोल्ड वॉर’ शुरू हो गई।

अजान, फतवा और मुंडा हुआ सिर

साल 2017 में सोनू निगम के एक ट्वीट ने पूरे देश में बहस छेड़ दी। उन्होंने लाउडस्पीकर पर होने वाली अजान की आवाज पर आपत्ति जताई और इसे ‘गुंडागर्दी’ करार दिया। इस बयान के बाद उनके खिलाफ फतवा जारी हुआ—कोलकाता के एक मौलवी ने कहा कि जो सोनू का सिर मुंडवाएगा, उसे ₹21 लाख मिलेंगे। सोनू ने निडरता दिखाते हुए खुद अपना सिर मुंडवा लिया और कहा कि उनकी लड़ाई लाउडस्पीकर से है, धर्म से नहीं।

साजिशें नाकाम, आज भी हैं ‘किंग’

भले ही बॉलीवुड की बड़ी फिल्मों में अब सोनू निगम की आवाज कम सुनाई देती हो, लेकिन उनकी लोकप्रियता कम नहीं हुई। उन्होंने साबित कर दिया कि असली टैलेंट किसी ‘म्यूजिक माफिया’ का मोहताज नहीं होता। आज वे देश-विदेश में लाइव कंसर्ट्स के जरिए सबसे ज्यादा कमाई करने वाले और सबसे ज्यादा पसंद किए जाने वाले गायक हैं।

सोनू निगम का जीवन यह सीख देता है कि सिस्टम के खिलाफ खड़े होने की कीमत चुकानी पड़ती है, लेकिन अगर आप अपनी काबिलियत पर अडिग हैं, तो कोई भी साजिश आपको मिटा नहीं सकती।

ब्यूरो रिपोर्ट: वारधी मंथन

दिनांक: 24 फरवरी, 2026