अक्षय खन्ना ने इस वजह से शादी नहीं की! ‘धुरंधर’ से हुआ अक्षय खन्ना का कमबैक?
.
अक्षय खन्ना: स्टारडम से दूर, अभिनय के शिखर तक – एक अनसुनी कहानी

बॉलीवुड की चमक-धमक, मीडिया की चकाचौंध और स्टार किड्स के ग्लैमर के बीच अक्सर कुछ ऐसे कलाकार खो जाते हैं, जो असल में सिनेमा के सबसे गहरे रंगों को जीते हैं। आज हम बात कर रहे हैं विनोद खन्ना के बेटे, अक्षय खन्ना की – एक ऐसे अभिनेता की, जिसने कभी स्टारडम के पीछे भागना छोड़ दिया था, लेकिन आज स्टारडम खुद उसके पीछे भाग रहा है।
परिवार और बचपन की उलझनें
अक्षय खन्ना का जन्म 1975 में मुंबई में हुआ था। उनके पिता विनोद खन्ना उस दौर के सबसे बड़े सुपरस्टार थे। लेकिन अक्षय का बचपन किसी फिल्मी ड्रामे से कम नहीं था। जब वह महज 5 साल के थे, उनके पिता विनोद खन्ना सब कुछ छोड़कर ओशो के अनुयायी बन गए और परिवार को अमेरिका में छोड़ दिया। घर पर रह गई उनकी पहली पत्नी गीतांजलि और दो छोटे बेटे – अक्षय और राहुल। विनोद और गीतांजलि का तलाक हो गया, और बाद में विनोद ने कविता से दूसरी शादी की। इस पारिवारिक उथल-पुथल ने अक्षय के मन में एक गहरा खालीपन भर दिया। यही वजह थी कि अक्षय एक शांत, अंतर्मुखी और अलग-थलग रहने वाले इंसान बन गए।
फिल्मी सफर की शुरुआत और पहली विफलता
90 के दशक में विनोद खन्ना ने तय किया कि वह अपने बेटे अक्षय को बॉलीवुड का सबसे बड़ा लॉन्च देंगे। फिल्म थी ‘हिमालय पुत्र’, जो सिर्फ एक फिल्म नहीं बल्कि विनोद खन्ना का जुनूनी प्रोजेक्ट था। फिल्म के लिए उन्होंने लंदन तक जाकर हीरोइन खोजी – अंजला जावेरी। लेकिन 1997 में रिलीज़ हुई यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर औंधे मुंह गिर गई। अक्षय का पहला कदम ही विफलता बन गया।
‘बॉर्डर’ से मिली पहचान
इसी साल जेपी दत्ता की मल्टीस्टारर फिल्म ‘बॉर्डर’ आई। सेकंड लेफ्टिनेंट धर्मवीर का रोल पहले सलमान खान, आमिर खान, अक्षय कुमार और अजय देवगन को ऑफर हुआ था, लेकिन सबने ठुकरा दिया। यही रोल अक्षय खन्ना के लिए जैकपॉट बन गया। बॉर्डर ब्लॉकबस्टर साबित हुई और अक्षय को पहली बार अवार्ड मिला। लेकिन बॉलीवुड इतनी आसानी से किसी को सिर पर नहीं बिठाता।
फ्लॉप फिल्मों का दौर और ‘ताल’ की कामयाबी
‘बॉर्डर’ के बाद अक्षय लगातार फ्लॉप फिल्मों के दलदल में फंसते चले गए। लोग कहने लगे कि यह लड़का सिर्फ मल्टीस्टारर में ही चल सकता है। तभी शो मैन सुभाष घई की ‘ताल’ आई। फिल्म में अक्षय का किरदार मानव इतना रईस और क्लासिक था कि उन्होंने अनिल कपूर के सामने भी अपनी अलग पहचान बना ली। इसी दौरान ऐश्वर्या राय के साथ उनके रोमांस की अफवाहें भी खूब उड़ीं, लेकिन यह रिश्ता परवान नहीं चढ़ा।
‘दिल चाहता है’ से अभिनय का नया आयाम
2001 में आई ‘दिल चाहता है’ ने बॉलीवुड को देखने का नजरिया बदल दिया। फिल्म में अक्षय ने सिड का किरदार निभाया – एक अंतर्मुखी लड़का जो तलाकशुदा और शराबी महिला डिंपल कपाडिया से प्यार करता है। अक्षय ने साबित कर दिया कि वह अपनी उम्र से कहीं ज्यादा परिपक्व थे। लेकिन असल जिंदगी में वह एक ऐसे शारीरिक और मानसिक आघात से गुजर रहे थे जो किसी भी हीरो के लिए मौत समान होता है – गंजापन।
गंजापन और आत्मसंघर्ष
19-20 साल की उम्र में जब उनका करियर उनके लुक्स पर टिका था, उनके बाल मुट्ठियों में भरकर झड़ने लगे। अक्षय ने बाद में कहा कि यह दर्द ऐसा था जैसे किसी पियानिस्ट की उंगलियां काट दी जाएं। इंडस्ट्री के लोग उनके विग और हेयर ट्रांसप्लांट की बातें करने लगे। इसी हीन भावना ने उन्हें रोमांटिक हीरो बनने से रोक दिया और वह विलेन या करैक्टर रोल्स की तरफ मुड़ गए – जो उनके लिए वरदान साबित हुआ।
शादी, रिश्ते और निजी जीवन
90 के दशक के अंत में करिश्मा कपूर के साथ उनका रिश्ता शादी तक पहुंच गया था। करिश्मा के पिता रणधीर कपूर ने खुद विनोद खन्ना के घर रिश्ता भेजा था। लेकिन करिश्मा की मां बबीता ने करियर की सुरक्षा के लिए यह रिश्ता तोड़ दिया। यह बॉलीवुड का वो कड़वा सच था जिसने अक्षय को यह सिखा दिया कि यहां इश्क भी बॉक्स ऑफिस कलेक्शन देखकर किया जाता है।
करियर का सबसे बड़ा ‘क्या होता अगर’ – ‘तारे जमीन पर’
2007 में अमोल गुप्ते ने ‘तारे जमीन पर’ लिखी थी। डिस्लेक्सिक बच्चे के टीचर के रोल के लिए सिर्फ अक्षय खन्ना का नाम था। लेकिन आमिर खान ने स्क्रिप्ट सुनते ही फिल्म खुद कर ली। यह सब अक्षय की पीठ पीछे हुआ। अक्षय ने इसे चुपचाप स्वीकार कर लिया और कोई बवाल नहीं किया। यह घटना उनके करियर का ग्राफ बदल गई।
अज्ञातवास और पिता के साथ समय
2012 में ‘गली-गली चोर है’ के बाद अक्षय खन्ना अचानक गायब हो गए। चार साल तक ना कोई फिल्म, ना कोई पार्टी, ना कोई इंटरव्यू। अफवाहें फैलीं कि वह शराब की लत के शिकार हैं। लेकिन सच्चाई यह थी कि वह अपने पिता विनोद खन्ना की जानलेवा बीमारी के समय उनके साथ वक्त बिताने के लिए अलीबाग चले गए। उन्होंने खुद को मसाला हीरो की इमेज से तोड़ दिया और अपनी शर्तों पर जीना स्वीकार किया।
कमबैक – अभिनय का पुनर्जन्म
चार साल के लंबे वनवास के बाद 2016 में अक्षय खन्ना ने ‘ढिशूम’ से कमबैक किया। उन्होंने सनकी विलेन वाघा का किरदार निभाया। इसके बाद ‘मॉम’, ‘इत्तेफाक’ और ‘सेक्शन 375’ में ऐसे पुलिस अफसर या वकील के किरदार निभाए जो चिल्लाते नहीं थे बल्कि अपनी आंखों से मुजरिम की रूह को स्कैन कर लेते थे। 2022 में ‘दृश्यम 2’ में आईजी तरुण के किरदार ने साबित कर दिया कि अक्षय खन्ना एक्टिंग की अलग लीग में खेल रहे हैं।
2025: धुरंधर और छावा – नई बुलंदियां
2025 में आई ऐतिहासिक फिल्म ‘छावा’ में विक्की कौशल के सामने औरंगजेब बने अक्षय खन्ना ने खामोशी से स्क्रीन फाड़ दी। फिल्म ने ₹601 करोड़ की कमाई की। दिसंबर 2025 में आदित्यधर की ‘धुरंधर’ में रहमान डकैत की भूमिका में अक्षय ने रणवीर सिंह जैसे स्टार को भी पछाड़ दिया। बिना सोशल मीडिया, बिना पीआर स्टंट्स के अक्षय ने साबित कर दिया कि शेर की दहाड़ के लिए शोर की जरूरत नहीं होती।
शादी क्यों नहीं की?
अक्षय खन्ना आज भी 50 साल की उम्र में कुंवारे हैं। उन्होंने खुले तौर पर कहा है – “मुझे कोई शौक नहीं है बच्चा पैदा करने का। मुझे शादी की जल्दी नहीं है। शादी का मतलब है समझौतों की लंबी लिस्ट। मैं अपनी जिंदगी, अपने समय और अपनी आजादी पर पूर्ण नियंत्रण चाहता हूं।” वे खुद को सोशल मिसफिट मानते हैं और उन्हें इस बात का कोई मलाल नहीं है।
अक्षय खन्ना: आज का ओरा मैन
2025 आधिकारिक तौर पर अक्षय खन्ना का साल घोषित हो गया। 278 करोड़ की ‘धुरंधर’ और 601 करोड़ की ‘छावा’ के साथ वे भारत के किलियन मर्फी बन गए हैं। बिना Instagram, बिना फेक जिम वीडियो, बिना पीआर एजेंसी के वे आज भी सबसे ज्यादा चर्चा में हैं। उनकी आंखों में वह गहराई है जो आज के स्टार्स में नहीं दिखती।
निष्कर्ष
अक्षय खन्ना ने साबित कर दिया कि स्टारडम का मतलब हर वक्त चमकना नहीं होता, बल्कि सही वक्त पर जलना होता है। उन्होंने अपने गंजेपन को कमजोरी नहीं बनने दिया, बल्कि उसे अपनी पर्सनालिटी का हिस्सा बना लिया। आज के एक्टर्स को पीआर स्टंट छोड़कर अक्षय की तरह एक्टिंग पर ध्यान देना चाहिए।
उनकी कहानी हर उस कलाकार के लिए प्रेरणा है जो अपनी शर्तों पर जीना चाहता है।
News
फोन के फटने से हुआ बहुत बड़ा हादसा/ S.P साहब भी चौंक गए/
फोन के फटने से हुआ बहुत बड़ा हादसा/ S.P साहब भी चौंक गए/ . . यह कहानी एक साधारण से…
पालतू बिल्ली की वजह से पूरे परिवार के साथ हुआ बहुत बड़ा हादसा/
पालतू बिल्ली की वजह से पूरे परिवार के साथ हुआ बहुत बड़ा हादसा/ . . एक बेजुबान का प्रेम और…
साध्वी प्रेम बाईसा का गुरु संग वी*डियो वा*यरल होने के 6 महीने बाद मरने की असली सच्चाई!
साध्वी प्रेम बाईसा का गुरु संग वी*डियो वा*यरल होने के 6 महीने बाद मरने की असली सच्चाई! . . यह…
ANG MALUNGKOT NA SINAPIT NINA BENNYLYN AT JELLICA BURKE SA UK [Tagalog Crime Story]
ANG MALUNGKOT NA SINAPIT NINA BENNYLYN AT JELLICA BURKE SA UK [Tagalog Crime Story] . . Part 1: Ang Pagbabago…
‘Lola, Aalis na Tayo. NGAYON NA!’ Sabi Niya Matapos Makita ang Aming Silong—Akala Ko’y…
‘Lola, Aalis na Tayo. NGAYON NA!’ Sabi Niya Matapos Makita ang Aming Silong—Akala Ko’y… . . Part 1: “Ang Pagbabalik…
Ibinenta ng Aking Anak ang Minamahal na Sasakyan ng Aking Yumaong Asawa Para sa Paris Trip Nila. Ha.
Ibinenta ng Aking Anak ang Minamahal na Sasakyan ng Aking Yumaong Asawa Para sa Paris Trip Nila. Ha. . ….
End of content
No more pages to load



