घर उजड़ गया लेकिन किसी को समझ तक नहीं आया। Crime Files। Crime story

 

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घर उजड़ गया लेकिन किसी को समझ तक नहीं आया: एक खौ़फनाक साजिश और उसका परिणाम

अध्यान 1: एक खुशहाल परिवार की शुरुआत

यह कहानी महाराष्ट्र के एक छोटे से गांव गढ़ चिरौली की है। यहां एक परिवार रहता था जो पहले बहुत खुशहाल था। शंकर कुंभारे और उनकी पत्नी विजया, अपने बेटे, बहू और बच्चों के साथ एक आरामदायक जीवन जी रहे थे। शंकर कुंभारे, जिन्हें शंकर कुम्हार भी कहा जाता था, एक साधारण लेकिन मेहनती इंसान थे। उनकी पत्नी विजया और उनका बेटा गौरव चोपड़ा उनके जीवन के सबसे अहम हिस्से थे। वे हमेशा अपने परिवार के साथ खुश रहते थे और किसी भी प्रकार की परेशानी से दूर रहते थे।

लेकिन यह खुशहाल परिवार किस हद तक एक बड़ी साजिश का शिकार होने वाला था, यह कोई नहीं जानता था। सितंबर 2023 के दूसरे हफ्ते में शंकर अचानक बीमार पड़ गए। वह जो पहले तंदरुस्त और फिट थे, अब उनके शरीर में दर्द और असहनीय सिरदर्द महसूस होने लगे। शुरू में यह सामान्य मौसम बदलने की वजह से समझा गया, लेकिन जब यह दर्द बढ़ने लगा और उन्हें आराम न मिला, तो परिवार के अन्य सदस्य चिंतित हो गए।

शंकर की पत्नी विजया को भी वही दर्द महसूस होने लगा। पहले तो यह दोनों लोग हल्के-फुल्के दर्द को गंभीर नहीं मानते थे, लेकिन जब स्थिति बिगड़ने लगी और दोनों के शरीर में तेज दर्द होने लगा, तो उन्हें अस्पताल ले जाया गया। शुरुआत में डॉक्टरों ने सामान्य जांच की, लेकिन जब दवाइयों से कोई फर्क नहीं पड़ा, तो डॉक्टरों ने उन्हें एक बड़े अस्पताल में ले जाने की सलाह दी।

हालांकि, वहां भी स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ। दोनों के शरीर में असहनीय दर्द था, और डॉक्टर भी यह नहीं समझ पा रहे थे कि समस्या क्या है। इसके बाद 20 सितंबर 2023 को शंकर की मौत हो गई। परिवार इस खबर से टूट गया। लेकिन यह तो बस शुरुआत थी। शंकर की मौत के छह दिन बाद यानी 26 सितंबर 2023 को उनकी पत्नी विजया की भी मौत हो गई।

अध्यान 2: रहस्यमय बीमारी और परिवार की तबाही

शंकर और विजया की मौत के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। लेकिन यह हादसा यहीं पर खत्म नहीं हुआ। कुछ और रहस्यमय घटनाएं सामने आईं। शंकर की बेटी कोमल को भी वही लक्षण महसूस होने लगे। उसके हाथ-पैरों में दर्द और सिर में भारीपन होने लगा। कोमल भी अस्पताल ले जाई गई, लेकिन उसकी स्थिति में भी कोई सुधार नहीं हुआ। धीरे-धीरे शंकर की साली और फिर उनका बच्चा भी इस अजीब बीमारी के शिकार हो गए। अब तक परिवार के पांच लोग इस रहस्यमय बीमारी के कारण अपनी जान गंवा चुके थे, और यह सवाल उठने लगा था कि आखिर इस परिवार के साथ हो क्या रहा है?

सभी को यही डर था कि यह बीमारी बहुत खतरनाक है और शायद यह बीमारी जादू-टोने का काम हो सकती है, क्योंकि कोई भी डॉक्टर इस बीमारी का कारण नहीं समझ पा रहे थे। धीरे-धीरे यह अफवाहें फैलने लगीं कि यह किसी प्रकार का टोटका हो सकता है, जो परिवार पर असर डाल रहा है। लोग अब डरने लगे थे, क्योंकि जिस घर में पहले खुशी और शांति थी, अब वहां सिर्फ डर और घबराहट थी।

अध्यान 3: शंकर के बेटे का डर और उसकी हालत

शंकर का बेटा, जो दिल्ली में नौकरी करता था, अपने पिता की मौत की खबर सुनकर गढ़ चिरौली आ गया। वह परिवार के अंतिम संस्कार में शामिल हुआ, और कुछ दिन बाद दिल्ली लौट गया। लेकिन दिल्ली लौटने के कुछ ही दिन बाद उसे भी वही लक्षण महसूस होने लगे। उसके शरीर में दर्द और सिर में भारीपन होने लगा, और उसे यह समझ में आ गया कि यह वही बीमारी है जिसने उसके माता-पिता की जान ले ली।

उसने जल्दी से दिल्ली के एक बड़े अस्पताल में भर्ती करा लिया। अब उसे भी वही बीमारी हो रही थी, जो उसके परिवार के बाकी लोगों को हो रही थी। उसने सोचा कि शायद उसकी बारी भी आ चुकी है। वह पूरी तरह से डर चुका था और उसी बीमारी के कारण अस्पताल में भर्ती हो गया।

यह खबर जब गांव तक पहुंची, तो गांव में अफरातफरी मच गई। लोग अब समझने लगे थे कि यह कोई सामान्य बीमारी नहीं हो सकती। पांच लोगों की मौत और अब छहवीं मौत का खतरा सामने था। लोग यह समझने लगे थे कि यह किसी जानलेवा बीमारी की वजह से नहीं, बल्कि किसी और कारण से हो रहा था।

अध्यान 4: पुलिस की जांच और आश्चर्यजनक खुलासा

जब यह सब हो रहा था, तो एक दूर के रिश्तेदार, जो मातम में शामिल होने के लिए गांव आए थे, उन्होंने भी वही लक्षण महसूस किए। उन्होंने शरीर में दर्द और सिर में भारीपन की शिकायत की और जल्दी से अस्पताल पहुंचे। अब यह मामला गढ़ चिरौली तक ही सीमित नहीं था, बल्कि यह पूरे जिले में फैल गया था।

पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और पाया कि यह एक रहस्यमय बीमारी का मामला नहीं था, बल्कि यह एक साजिश का हिस्सा था। पुलिस को शक हुआ कि यह बीमारी किसी प्रकार के जहर के कारण हो सकती है, जो धीरे-धीरे लोगों के शरीर में असर कर रहा था। पुलिस ने इस केस को गंभीरता से लिया और जब पड़ताल की, तो कुछ चौंकाने वाली बातें सामने आईं।

पुलिस ने यह पाया कि परिवार के सदस्य जो पहले जिंदा थे, उन्होंने जिस घर में जहर खाया था, उसी घर में एक और अजीब घटनाएं हुई थीं। पुलिस ने जांच शुरू की और यह पाया कि घर में मौजूद बहू की भूमिका संदिग्ध थी। उसने एक ऐसी साजिश को अंजाम दिया था, जिसमें जहर को धीरे-धीरे घर के सदस्यों को दिया जा रहा था।

अध्यान 5: परिवार की साजिश और अंजाम

जैसे ही पुलिस ने जांच की, यह खुलासा हुआ कि परिवार के एक सदस्य ने जानबूझकर जहर का सेवन कराया था, और यह सभी मौतों का कारण था। पुलिस ने उस सदस्य को गिरफ्तार किया, और पूरे परिवार की भूमिका सामने आई। इस साजिश ने पूरे परिवार को खत्म कर दिया और बहुत बड़े अपराध की चपेट में ला दिया।

यह घटना इस बात का सबूत थी कि किसी भी घर के अंदर जब परिवार में विश्वास की कमी होती है, तो वहां कई तरह की साजिशें पनप सकती हैं। यह सब उस सच्चाई का पर्दाफाश करने का समय था, जो किसी को समझ में नहीं आ रही थी।

अध्यान 6: निष्कर्ष और सुरक्षा का महत्व

यह घटना हमें यह सिखाती है कि परिवार में प्यार और विश्वास जरूरी है, लेकिन किसी भी व्यक्ति के लिए यह भी जरूरी है कि वह किसी भी तरह की साजिश से दूर रहे। इस कहानी से यह भी स्पष्ट होता है कि अगर किसी ने जहर जैसी खतरनाक चीजों का इस्तेमाल किया हो, तो वह केवल अपने परिवार ही नहीं बल्कि पूरे समाज को भी नुकसान पहुंचा सकता है।

इस केस ने यह साबित कर दिया कि विश्वास, प्यार और इमानदारी के बीच किसी भी साजिश का असर बर्बादी का कारण बन सकता है। इस घटना के बाद पुलिस ने इस केस पर तुरंत कार्रवाई की और उस परिवार को सजा दिलाई, जिससे यह सुनिश्चित किया गया कि आगे से ऐसी घटनाएं ना हों।

समाप्त।