Sunny Deol intervene Dharmendra’s ₹450 crore legacy from Esha Deol & Ahana how the property Divide!

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धर्मेंद्र की 450 करोड़ रुपये की संपत्ति: सनी देओल ने ईशा और अहाना को संपत्ति से बाहर किया? परिवार में विरासत का बंटवारा कैसे होगा?

मुंबई। बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता धर्मेंद्र का हाल ही में निधन हो गया। महीनों से गिरती सेहत के बाद, मुंबई के एक निजी अस्पताल में उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके निधन के बाद, परिवार ने बेहद सादगी और गरिमा के साथ पनहंड श्मशान घाट पर अंतिम संस्कार किया। इस मौके पर केवल करीबी रिश्तेदार, कुछ दोस्त और इंडस्ट्री के चुनिंदा लोग ही मौजूद थे। धर्मेंद्र की तरह ही उनका अंतिम संस्कार भी बेहद शांत और मर्यादित रहा।

लेकिन जैसे ही श्मशान घाट पर फूल मुरझाए, सोशल मीडिया और मीडिया में धर्मेंद्र की 450 करोड़ रुपये की संपत्ति को लेकर चर्चाएं शुरू हो गईं। सबसे बड़ा सवाल यही था कि क्या उनकी दोनों बेटियां, ईशा देओल और अहाना देओल, इस विरासत में बराबर की हिस्सेदार होंगी? या फिर सनी देओल और बॉबी देओल, जो धर्मेंद्र की पहली पत्नी प्रकाश कौर के बेटे हैं, संपत्ति पर अपना एकाधिकार जताएंगे?

परिवार में तनाव या अफवाह?

धर्मेंद्र के निधन के बाद तुरंत ही मीडिया रिपोर्ट्स में यह चर्चा होने लगी कि सनी देओल और बॉबी देओल, ईशा और अहाना को संपत्ति से बाहर कर सकते हैं। कुछ सूत्रों के अनुसार, परिवार अभी शोक में डूबा है और इस समय किसी भी तरह के विवाद की बातें न केवल गलत हैं, बल्कि असंवेदनशील भी हैं।

सनी देओल ने खुद मीडिया से बातचीत में कहा, “मेरे पिता मेरे लिए भगवान हैं। आज भी मैं उनसे बात करते समय उनकी आंखों में नहीं देख सकता। उनकी खुशी और उनकी मंजूरी ही मेरे लिए सब कुछ है।”

फिर भी सोशल मीडिया पर कुछ टिप्पणियों में कहा गया, “अगर धर्मेंद्र अब नहीं रहे, तो उनकी पुरानी फैमिली (प्रकाश कौर और उनके बच्चे) का इस संपत्ति से क्या लेना-देना? सनी और बॉबी को शर्म आनी चाहिए कि उन्होंने अपनी बहनों को साइडलाइन कर दिया।” कई लोगों ने आरोप लगाया कि दोनों भाइयों ने धर्मेंद्र के निधन के बाद अपनी ‘असली रंगत’ दिखा दी है और खासतौर पर ईशा और अहाना को संपत्ति से बाहर रखने की कोशिश की है।

धर्मेंद्र की संपत्ति का अनुमान

धर्मेंद्र की कुल संपत्ति लगभग 450 करोड़ रुपये आंकी गई है, जिसमें मुंबई, पंजाब और अन्य जगहों पर अचल संपत्तियां, फार्महाउस, स्टूडियो, निवेश और बैंक बैलेंस शामिल हैं। धर्मेंद्र ने अपने करियर में न केवल एक सफल अभिनेता के तौर पर बल्कि एक समझदार निवेशक के तौर पर भी नाम कमाया। उनकी संपत्ति का बड़ा हिस्सा मुंबई के जुहू, बांद्रा और करजत में फैला हुआ है। इसके अलावा, पंजाब में भी उनके कई खेत और प्रॉपर्टी हैं।

परिवार का ढांचा

धर्मेंद्र की पहली शादी प्रकाश कौर से हुई थी, जिनसे उन्हें दो बेटे – सनी और बॉबी – और दो बेटियां – विजेता और अजीता – हैं। बाद में धर्मेंद्र ने हेमा मालिनी से शादी की, जिनसे उन्हें दो बेटियां – ईशा और अहाना – हैं। हालांकि दोनों शादियां कानूनी रूप से विवादित रही हैं, लेकिन दोनों परिवारों को इंडस्ट्री और समाज में मान्यता मिली।

धर्मेंद्र ने हमेशा अपने सभी बच्चों को बराबर का प्यार दिया, लेकिन पारिवारिक समीकरण हमेशा जटिल रहे। खासकर दोनों पत्नियों के बच्चों के बीच संबंधों को लेकर कई बार मीडिया में अटकलें लगती रही हैं।

विरासत में बेटियों का अधिकार

भारतीय कानून के अनुसार, किसी भी व्यक्ति की संपत्ति में उसके सभी कानूनी उत्तराधिकारी – चाहे बेटा हो या बेटी – बराबर के हिस्सेदार होते हैं। हिंदू उत्तराधिकार अधिनियम (Hindu Succession Act) के तहत बेटियों को भी वही अधिकार प्राप्त हैं, जो बेटों को हैं। यानी धर्मेंद्र की संपत्ति में ईशा और अहाना का भी उतना ही अधिकार है, जितना सनी और बॉबी का।

हालांकि, व्यवहार में कई बार पारिवारिक सहमति, वसीयत (Will) और अन्य सामाजिक दबावों के चलते बेटियों को उनका हक नहीं मिल पाता। लेकिन धर्मेंद्र जैसे खुले विचारों वाले अभिनेता ने हमेशा बेटियों को भी महत्व दिया है।

क्या सनी देओल ने वाकई हस्तक्षेप किया?

कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि सनी देओल ने धर्मेंद्र की संपत्ति के बंटवारे में हस्तक्षेप किया है और वे चाहते हैं कि ईशा और अहाना को कम हिस्सा मिले या उन्हें बाहर रखा जाए। हालांकि, परिवार के करीबी सूत्रों ने इन खबरों को सिरे से खारिज किया है।

एक करीबी स्रोत ने बताया, “अभी परिवार गहरे शोक में है। धर्मेंद्र जी के जाने के बाद परिवार टूट सा गया है। ऐसे समय में संपत्ति के विवाद की बातें बेहद असंवेदनशील हैं। सनी और बॉबी अपने पिता के बेहद नजदीक थे, लेकिन ईशा और अहाना को भी वे हमेशा बहन की तरह मानते रहे हैं।”

खुद सनी देओल ने भी मीडिया से बातचीत में साफ किया, “धर्मेंद्र जी की विरासत में किसी को भी बाहर रखने का सवाल ही नहीं उठता। हम सब एक परिवार हैं और इस दुख की घड़ी में हमें एक-दूसरे की जरूरत है, न कि विवाद की।”

ईशा और अहाना का पक्ष

ईशा देओल और अहाना देओल ने भी अब तक इस मुद्दे पर कोई बयान नहीं दिया है। दोनों ही पिता के निधन के बाद से ही बेहद गमगीन हैं और परिवार के साथ समय बिता रही हैं। ईशा ने सोशल मीडिया पर अपने पिता के लिए भावुक पोस्ट लिखी, जिसमें उन्होंने लिखा, “पापा, आप हमेशा हमारे दिल में रहेंगे।”

परिवार के सूत्रों का कहना है कि ईशा और अहाना को भी विरासत में बराबर का हिस्सा मिलेगा और सनी-बॉबी इस बात का पूरा ध्यान रखेंगे।

संपत्ति बंटवारे की प्रक्रिया

धर्मेंद्र की संपत्ति के बंटवारे की प्रक्रिया अब कानूनी तौर पर शुरू होगी। अगर धर्मेंद्र ने कोई वसीयत (Will) बनाई है, तो उसी के अनुसार संपत्ति का बंटवारा होगा। अगर वसीयत नहीं है, तो हिंदू उत्तराधिकार अधिनियम के तहत सभी कानूनी वारिसों को बराबर का हिस्सा मिलेगा।

इस प्रक्रिया में सबसे पहले धर्मेंद्र के सभी चल-अचल संपत्तियों का मूल्यांकन किया जाएगा। फिर सभी उत्तराधिकारियों – सनी, बॉबी, ईशा, अहाना, विजेता और अजीता – को नोटिस भेजा जाएगा। अगर सब सहमति से बंटवारा कर लेते हैं, तो मामला जल्दी निपट सकता है। अगर कोई विवाद होता है, तो मामला कोर्ट तक जा सकता है।

बॉलीवुड में संपत्ति विवाद: एक लंबा इतिहास

धर्मेंद्र के परिवार में संपत्ति विवाद की आशंका इसलिए भी जताई जा रही है क्योंकि बॉलीवुड में ऐसे विवादों का लंबा इतिहास रहा है। राज कपूर, किशोर कुमार, देव आनंद, राजेश खन्ना जैसे दिग्गजों के परिवारों में भी संपत्ति को लेकर विवाद हुए हैं। कई बार ये विवाद अदालत तक पहुंचते हैं और वर्षों तक चलते रहते हैं।

हालांकि, देओल परिवार के करीबी लोगों का मानना है कि सनी, बॉबी, ईशा और अहाना के बीच ऐसा कोई विवाद नहीं होगा। धर्मेंद्र ने हमेशा अपने परिवार को एकजुट रखने की कोशिश की है और उनके जाने के बाद भी यही उम्मीद की जा रही है।

निष्कर्ष

धर्मेंद्र की 450 करोड़ रुपये की संपत्ति का बंटवारा आने वाले दिनों में सुर्खियों में रहेगा। लेकिन परिवार के करीबी सूत्रों और खुद सनी देओल के बयानों से साफ है कि विरासत में सभी बच्चों को बराबर का अधिकार मिलेगा। ईशा और अहाना को संपत्ति से बाहर करने की खबरें महज अफवाह हैं।

परिवार अभी शोक में है और ऐसे समय में किसी भी तरह की विवाद की बातें न केवल गलत हैं, बल्कि धर्मेंद्र की याद के प्रति भी असम्मानजनक हैं। आने वाले समय में जब संपत्ति का औपचारिक बंटवारा होगा, तब सच सामने आ जाएगा। लेकिन एक बात तय है – धर्मेंद्र की विरासत सिर्फ संपत्ति में नहीं, बल्कि उनके परिवार को एकजुट रखने में भी है।

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