अलवर के लक्ष्मणगढ़ की दर्दनाक कहानी

राजस्थान के अलवर जिले के लक्ष्मणगढ़ गांव में कुंदन सिंह अपने परिवार के साथ रहता था। वह पिछले आठ साल से पेट्रोल पंप पर काम करता था और उसकी रोज़ी-रोटी ₹16,000 महीने की तनख्वाह से चलती थी। कुंदन की पत्नी सुदेश और दो बेटियां—पायल (बड़ी) और गुंजन (छोटी)—उसके परिवार में थीं। पायल ने दसवीं पास कर ली थी और घर के कामों में मां का हाथ बंटाती थी। गुंजन आठवीं में पढ़ती थी और पढ़ाई में बहुत तेज थी।

कुंदन का एक दोस्त था सुंदर सिंह, जो गांव में सड़क किनारे एक एकड़ जमीन का मालिक था। सुंदर ने कभी मेहनत नहीं की थी, पर उसकी जमीन के दाम बढ़ गए और उसने ₹58 लाख में जमीन बेच दी। अचानक पैसों की बारिश ने सुंदर को बदल दिया। कुंदन को जब यह पता चला, तो वह सुंदर के आसपास मंडराने लगा और पेट्रोल पंप जाना छोड़ दिया।

10 अक्टूबर 2025 को सुंदर ने कुंदन को पार्टी के लिए बुलाया। दोनों ने शराब पी और कुंदन ने सुंदर को अपने घर खाने पर बुलाया। सुदेश ने दोनों के लिए खाना बनाया। इसी दौरान कुंदन ने पत्नी को बताया कि सुंदर अब लखपति बन गया है। सुदेश के मन में लालच जाग गया। उसने कुंदन को समझाया कि सुंदर से पैसे हड़पने का मौका है।

रात को कुंदन बाहर चला गया और सुदेश ने सुंदर को अपने जाल में फंसा लिया। दोनों के बीच गलत संबंध बने और सुदेश ने सुंदर से पैसे मांगे। सुंदर ने पैसे देने का वादा किया। अगले दिन सुंदर पैसे लेकर आया और इस तरह उनके बीच संबंध और पैसे का लेन-देन चलता रहा।

कुछ दिनों बाद, सुंदर सिंह की नजर पायल पर पड़ी। उसकी नियत खराब हो गई। एक दिन उसने कुंदन से पायल को अपने घर भेजने को कहा। पायल सुंदर के घर गई, जहां सुंदर ने उसके साथ जबरदस्ती की और धमकी दी कि किसी को बताया तो जान से मार देगा। पायल ने घर लौटकर मां को बताया, लेकिन सुदेश और कुंदन ने बदनामी के डर से उसे चुप रहने को कहा और सुंदर से पैसे ले लिए।

अब सुंदर बार-बार पायल के साथ गलत काम करता और उसके माता-पिता पैसे लेते रहे। पायल टूट चुकी थी, लेकिन उसने बहन गुंजन को कुछ नहीं बताया। आखिर एक दिन पायल ने सारी सच्चाई गुंजन को बता दी। गुंजन गुस्से में आ गई और दोनों बहनों ने अपने माता-पिता और सुंदर सिंह से बदला लेने का फैसला किया।

रात को दोनों बहनों ने अपने माता-पिता की कुल्हाड़ी और सरिये से हत्या कर दी। फिर सुंदर सिंह के घर जाकर उसकी भी हत्या कर दी। इसके बाद दोनों बहनें पुलिस स्टेशन गईं और अपना जुर्म कबूल कर लिया।

पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा और दोनों बहनों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी। अब सवाल ये है कि पायल और गुंजन देवी ने जो किया, क्या वह सही था या गलत? आपकी राय क्या है?