मेरठ: आस्था की आड़ में ‘हवस का खेल’, ढोंगी पुजारी और उसके साथी ने महिला के साथ किया कुकर्म; ऐसे फूटा भांडा

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मेरठ (उत्तर प्रदेश): उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले के खंदावली गांव से एक ऐसी शर्मनाक घटना सामने आई है, जिसने समाज में विश्वास और आस्था के स्तंभों को हिलाकर रख दिया है। एक ढोंगी पुजारी, जिसे ग्रामीण श्रद्धा की दृष्टि से देखते थे, उसने न केवल एक बीमार महिला की विवशता का फायदा उठाया, बल्कि अपनी हवस को शांत करने के लिए अपने एक अपराधी मित्र को भी इस घिनौने कृत्य में शामिल कर लिया। फिलहाल पुलिस ने दोनों मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और मामले की गहन जांच जारी है।

घटना की पृष्ठभूमि: एक खुशहाल परिवार पर ग्रहण

खंदावली गांव के बाहर एक एकांत स्थान पर अमन सिंह (परिवर्तित नाम) अपनी पत्नी कोमल के साथ रहता था। अमन एक कारखाने में मेहनत-मजदूरी कर अपना जीवन यापन करता था। दोनों का वैवाहिक जीवन सुखद था, लेकिन शादी के 10 साल बाद भी संतान न होने के कारण कोमल अक्सर मानसिक रूप से परेशान रहती थी। इसके अतिरिक्त, कोमल को अक्सर मिर्गी जैसे दौरे पड़ते थे, जिससे वह कई घंटों तक बेहोश रहती थी।

8 जनवरी 2026 को, अमन और कोमल एक डॉक्टर से मिले, जहाँ उन्हें पता चला कि अमन कभी पिता नहीं बन सकता। इस खबर ने कोमल को तोड़ दिया और वह अस्पताल में ही बेहोश हो गई। डॉक्टर ने बताया कि उसकी बीमारी और मानसिक तनाव उसे और अधिक कमजोर बना रहे हैं।

विश्वासघात की शुरुआत: पुजारी का प्रवेश

12 जनवरी 2026 को जब अमन काम पर गया था, तब कोमल की सहेली लता उससे मिलने आई। लता ने उसे सांत्वना दी और ईश्वर में आस्था रखने की सलाह दी। लता के जाने के कुछ ही देर बाद, गांव के मंदिर का पुजारी प्रेम सिंह कोमल के घर पहुंचा। प्रेम सिंह पिछले एक साल से गांव के मंदिर में सेवा दे रहा था, इसलिए कोमल ने उस पर संदेह नहीं किया।

पुजारी ने मंदिर विकास के नाम पर 100 रुपये दान मांगे और फिर भूख लगने का बहाना बनाकर घर के अंदर प्रवेश कर लिया। कोमल ने अंधविश्वास और अपनी बीमारी के चलते पुजारी को अपनी संतान न होने की समस्या और बेहोशी के दौरों के बारे में बता दिया।

जड़ी-बूटी के नाम पर दिया नशीला पदार्थ

पुजारी प्रेम सिंह ने कोमल की मजबूरी को ताड़ लिया। उसने कोमल को विश्वास दिलाया कि उसके पास ऐसी जड़ी-बूटियाँ हैं जिससे उसकी बीमारी ठीक हो जाएगी और उसे संतान की प्राप्ति होगी। पुजारी ने कोमल को पानी में मिलाकर कुछ नशीली जड़ी-बूटियाँ पिला दीं। 10-15 मिनट के भीतर कोमल बेसुध होकर गिर पड़ी।

नशे की हालत में कोमल के साथ पुजारी ने पहली बार दुष्कर्म किया। होश आने पर कोमल को कुछ संदेह हुआ, लेकिन उसने सोचा कि शायद उसे दौरा पड़ा होगा और पुजारी ने उसे बिस्तर पर लिटाया होगा। उसने यह बात अपने पति अमन को भी बताई, लेकिन अमन ने पुजारी के चरित्र पर भरोसा करते हुए बात को टाल दिया।

दोस्त के साथ मिलकर रची घिनौनी साजिश

पुजारी की हिम्मत बढ़ गई। उसने अपने एक दोस्त सागर को भी इस साजिश में शामिल कर लिया। सागर लॉटरी बेचने का काम करता था और ठगी के मामलों में लिप्त था। पुजारी ने सागर को लालच दिया और अगले दिन फिर से कोमल के घर पहुँच गए।

पुजारी ने कोमल से कहा कि वह घर का ‘शुद्धिकरण’ करना चाहता है। उसने फिर से वही नशीला घोल कोमल को पिलाया। जैसे ही कोमल बेहोश हुई, पुजारी और सागर दोनों ने उसके साथ बारी-बारी से दरिंदगी की।

सहेली लता भी बनी शिकार

इसी बीच कोमल की सहेली लता वहां पहुँच गई। उसने कमरे की अस्त-व्यस्त हालत देखकर शोर मचाने की कोशिश की, लेकिन आरोपियों ने उसे पकड़ लिया। सागर और प्रेम सिंह ने लता के हाथ-पांव बांध दिए, उसके मुंह में कपड़ा ठूंस दिया और उसके साथ भी सामूहिक दुष्कर्म किया।

पति की अचानक वापसी और आरोपियों की गिरफ्तारी

इत्तेफाक से, अमन उस दिन कारखाने का काम जल्दी खत्म कर अपने दो दोस्तों के साथ घर लौट आया। घर के अंदर से अजीब आवाजें सुनकर जब अमन कमरे में दाखिल हुआ, तो नजारा देखकर उसके होश उड़ गए। उसकी पत्नी बेहोश पड़ी थी और उसकी सहेली लता बंधी हुई हालत में थी।

अमन और उसके दोस्तों ने भागने की कोशिश कर रहे पुजारी प्रेम सिंह और सागर को मौके पर ही दबोच लिया। उनकी जमकर धुनाई करने के बाद पुलिस को सूचना दी गई।

पुलिसिया जांच और चौंकाने वाले खुलासे

पुलिस ने घटना स्थल से इस्तेमाल किए गए कंडोम और नशीले पदार्थ बरामद किए। गिरफ्तारी के बाद जब पुलिस ने पुजारी से सख्ती से पूछताछ की, तो उसने स्वीकार किया कि वह अब तक गांव की 5-6 अन्य महिलाओं के साथ भी इसी तरह का कृत्य कर चुका है। वह महिलाओं को जड़ी-बूटी के नाम पर नशीला पदार्थ देकर उनका शोषण करता था।

मेरठ पुलिस के अनुसार:

आरोपियों के खिलाफ सामूहिक दुष्कर्म (Gangrape), धोखाधड़ी और नशीला पदार्थ देने की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।

कोमल और लता को मेडिकल परीक्षण के लिए भेज दिया गया है।

पुलिस अब उन अन्य महिलाओं का पता लगा रही है जो इस ढोंगी पुजारी का शिकार बनी थीं।

सावधान रहने की आवश्यकता

यह घटना हमें सतर्क करती है कि अंधविश्वास और किसी अजनबी या तथाकथित ‘धार्मिक गुरुओं’ पर आंख मूंदकर भरोसा करना कितना घातक हो सकता है।

मुख्य बिंदु जो ध्यान देने योग्य हैं:

    अंधविश्वास से बचें: बीमारी का इलाज डॉक्टरों से कराएं, न कि झाड़-फूंक या अनजानी जड़ी-बूटियों से।

    एकांत का लाभ: अपराधियों अक्सर ऐसी महिलाओं को निशाना बनाते हैं जो घर में अकेली होती हैं।

    जागरूकता: यदि कोई व्यक्ति दान या धर्म के नाम पर घर में प्रवेश करता है, तो उसे अपनी व्यक्तिगत कमजोरियां न बताएं।

निष्कर्ष

मेरठ की इस घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि अपराधी किसी भी चोले में हो सकता है। फिलहाल प्रेम सिंह और सागर सलाखों के पीछे हैं। न्यायालय में चार्जशीट दाखिल करने की प्रक्रिया चल रही है। समाज को उम्मीद है कि इन दरिंदों को ऐसी सजा मिलेगी जो दूसरों के लिए मिसाल बनेगी।