Sunny Deol और Aamir Khan की Lahore 1947 का टाइटल बदलेगा, Rajkumar Santoshi नाराज़ क्यों हो गए?

क्या बदल जाएगा सनी देओल की ‘लाहौर 1947’ का नाम? निर्देशक राजकुमार संतोषी की नाराजगी और बॉयकॉट का डर

आमिर खान प्रोडक्शंस के बैनर तले बन रही फिल्म ‘लाहौर 1947’ अपनी घोषणा के वक्त से ही चर्चा में है। सनी देओल और निर्देशक राजकुमार संतोषी की जोड़ी सालों बाद बड़े पर्दे पर वापसी कर रही है। लेकिन अब फिल्म के टाइटल को लेकर एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। खबर है कि फिल्म के मेकर्स इसका नाम बदलने पर विचार कर रहे हैं, जिससे निर्देशक राजकुमार संतोषी बिल्कुल भी खुश नहीं हैं।

क्यों बदला जा रहा है फिल्म का नाम?

भारत और पाकिस्तान के बीच मौजूदा तल्ख रिश्तों को देखते हुए फिल्म के निर्माताओं को डर है कि ‘लाहौर’ शब्द की वजह से फिल्म को ‘बॉयकॉट’ का सामना करना पड़ सकता है। फिल्म की रिलीज के समय किसी भी तरह के विवाद से बचने के लिए मेकर्स अब एक ऐसा टाइटल चाहते हैं जो अधिक सटीक और सुरक्षित हो। सूत्रों के मुताबिक, फिल्म के नाम के लिए कुछ नए विकल्पों पर विचार किया जा रहा है और जल्द ही इस पर अंतिम फैसला लिया जाएगा।

राजकुमार संतोषी की नाराजगी: “मैं इसके खिलाफ हूँ”

फिल्म के निर्देशक राजकुमार संतोषी इस फैसले से सहमत नहीं हैं। उनके लिए यह फिल्म महज एक प्रोजेक्ट नहीं बल्कि एक ‘ड्रीम प्रोजेक्ट’ है, जिसके लिए उन्होंने 20 साल तक इंतजार किया है। संतोषी का मानना है कि फिल्म का नाम कहानी के परिवेश (Setting) के हिसाब से बिल्कुल सही है।

उन्होंने एक इंटरव्यू में स्पष्ट किया था, “जहां तक टाइटल बदलने की बात है, मैं इसके पूरी तरह खिलाफ हूं। मुझे इस तरह का तुष्टीकरण (Appeasement) पसंद नहीं है। हालांकि आखिरी फैसला प्रोड्यूसर का ही होगा, लेकिन यह मेरा सपना है।”

क्या है फिल्म की कहानी?

फिल्म ‘लाहौर 1947’ प्रसिद्ध लेखक असगर वजाहत के नाटक ‘जिस लाहौर निवेख्या ओ जन्म्या ही नई’ पर आधारित है। कहानी विभाजन के समय की है:

बंटवारे के बाद लखनऊ का एक मुस्लिम परिवार लाहौर जाता है।
वहां उन्हें एक आलीशान हवेली दी जाती है, जो कभी एक पंजाबी हिंदू परिवार की थी।
हवेली में उन्हें एक बूढ़ी औरत मिलती है, जिसे उसका परिवार लाहौर में ही छोड़कर भारत चला गया था।
वह औरत अपने घर को छोड़ने के लिए तैयार नहीं है और उस मुस्लिम परिवार के साथ उसके संघर्ष और मानवीय रिश्तों की एक मार्मिक कहानी इस फिल्म में दिखाई जाएगी।

रिलीज डेट और चुनौतियां

आमिर खान प्रोडक्शंस ने हाल ही में फिल्म की रिलीज डेट की घोषणा की थी। यह फिल्म 13 अगस्त 2026 को स्वतंत्रता दिवस के मौके पर रिलीज होने वाली है। मजेदार बात यह है कि आधिकारिक घोषणा के समय भी फिल्म का नाम ‘लाहौर 1947’ ही रखा गया था।

अब सवाल यह उठता है कि क्या केवल नाम बदलने से फिल्म के प्रति विरोध कम हो जाएगा? क्योंकि फिल्म की पूरी पृष्ठभूमि और कहानी पाकिस्तान के शहर लाहौर और विभाजन की त्रासदी के इर्द-गिर्द बुनी गई है।

दर्शकों की राय

सोशल मीडिया पर इस खबर के आने के बाद मिली-जुली प्रतिक्रियाएं मिल रही हैं। कुछ लोग मेकर्स के डर को जायज बता रहे हैं, तो वहीं कई फैंस का कहना है कि कला को राजनीति से दूर रखना चाहिए और निर्देशक की सोच का सम्मान होना चाहिए।

सनी देओल की ‘गदर 2’ की भारी सफलता के बाद दर्शकों को इस फिल्म से काफी उम्मीदें हैं। अब देखना यह होगा कि आमिर खान और राजकुमार संतोषी के बीच इस टाइटल विवाद का क्या समाधान निकलता है।