प्रशान्तको बारे श्रीमतीले मुख खोलिन | निधन हुदा अफु सगै भएको | प्रशान्तले गाएको अन्तिम भिडियो 😭

प्रस्तावना
संगीत की दुनिया का वह सितारा, जिसने पहाड़ों की सादगी, दर्द और उम्मीद को अपनी आवाज़ में समेटकर करोड़ों दिलों को छू लिया — प्रशांत तमांग।
इंडियन आइडल 3 के विजेता, दार्जिलिंग के बेटे, और लाखों प्रशंसकों के चहेते प्रशांत तमांग के अचानक निधन की खबर ने सबको स्तब्ध कर दिया।
लेकिन इस दुखद घटना के बाद उनकी पत्नी ने पहली बार अपनी भावनाएँ सार्वजनिक रूप से साझा कीं, और प्रशांत के अंतिम गाए हुए वीडियो ने सबको भावुक कर दिया।
इस लेख में हम प्रशांत तमांग की अंतिम यात्रा, उनकी पत्नी की दिल छू लेने वाली बातें, प्रशांत के अंतिम वीडियो की कहानी, और एक कलाकार के जाने के बाद परिवार व समाज के दर्द को विस्तार से देखेंगे।
अचानक हुई विदाई: प्रशांत तमांग का निधन
प्रशांत तमांग का निधन अचानक दिल्ली के जनकपुरी स्थित अपने घर में हुआ।
रिपोर्ट्स के अनुसार, उन्हें अचानक सीने में दर्द महसूस हुआ और कुछ ही पलों में उनकी हालत बिगड़ गई।
परिवार के लोग घबरा गए और उन्हें तुरंत द्वारका के एक निजी अस्पताल ले गए।
रास्ते भर यही दुआ थी कि सब ठीक हो जाए, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
यह सब इतना अचानक हुआ कि किसी को संभलने का मौका ही नहीं मिला।
सबसे हैरानी की बात यह थी कि प्रशांत को पहले से कोई गंभीर बीमारी नहीं थी।
वे हाल ही में अरुणाचल प्रदेश में एक बड़ा म्यूजिक शो करके लौटे थे, जहाँ वे पूरी तरह फिट और खुश नजर आ रहे थे।
पत्नी की भावनाएँ: पहली बार टूटे हुए दिल की आवाज़
प्रशांत तमांग की पत्नी, गीता थापा (असली नाम मार्थ एली), जो एक एयर होस्टेस रह चुकी हैं, ने पहली बार मीडिया के सामने अपने दिल की बात कही।
उनकी भावनाएँ सिर्फ एक पत्नी की नहीं, बल्कि एक साथी, एक दोस्त और एक प्रशंसक की थीं।
उन्होंने बताया कि प्रशांत के निधन के वक्त वे उनके साथ ही थीं।
उनके शब्दों में दर्द, असहायता और गहरा लगाव साफ झलकता है।
“वो मेरे सामने थे, अचानक उनकी तबीयत बिगड़ी। मैंने कभी नहीं सोचा था कि वो मुझे यूँ छोड़ देंगे। उनकी मुस्कान, उनका अपनापन, उनकी आवाज़ — सब कुछ मेरी जिंदगी का हिस्सा था। आज वो नहीं हैं, लेकिन उनकी यादें हमेशा रहेंगी।”
गीता ने बताया कि प्रशांत अपने परिवार से बेहद जुड़े हुए थे।
वे अपनी बेटी आर्या से बहुत प्यार करते थे।
उनकी प्राथमिकता हमेशा परिवार थी, चाहे वे कितने भी व्यस्त हों।
गीता ने यह भी साझा किया कि प्रशांत अपने अंतिम दिनों में भी बेहद सकारात्मक थे।
वे भविष्य की योजनाएँ बना रहे थे, नए गाने रिकॉर्ड कर रहे थे, और परिवार के साथ समय बिताने की कोशिश कर रहे थे।
अंतिम वीडियो: प्रशांत की आवाज़ का आखिरी जादू
प्रशांत तमांग के जाने के बाद उनका एक अंतिम वीडियो वायरल हुआ, जिसमें वे अपने घर में बैठे हुए एक गीत गा रहे थे।
वीडियो में उनकी आवाज़ में वही दर्द, वही गहराई और वही अपनापन था, जिसके लिए लोग उन्हें जानते थे।
उनका यह वीडियो न सिर्फ एक कलाकार का आखिरी प्रदर्शन था, बल्कि एक इंसान के जज्बातों की गवाही भी थी।
वीडियो में प्रशांत बेहद सहज और सादगी से गा रहे हैं।
उनके चेहरे पर हल्की मुस्कान है, आँखों में चमक है, और आवाज़ में पहाड़ों की ठंडक है।
यह वीडियो उनके फैंस के लिए एक आखिरी तोहफा बन गया —
एक याद, एक निशानी, एक ऐसी चीज़ जिसे लोग बार-बार देख रहे हैं, सुन रहे हैं और रो रहे हैं।
फैंस की प्रतिक्रियाएँ
“यह वीडियो देखकर आँखें भर आती हैं।”
“उनकी आवाज़ में जो दर्द है, वही हमें उनसे जोड़ता है।”
“प्रशांत, तुम हमेशा हमारे दिलों में रहोगे।”
संघर्ष और सफलता: पहाड़ों से इंडियन आइडल तक
प्रशांत तमांग का सफर सिर्फ संगीत का नहीं, बल्कि संघर्ष, मेहनत और सपनों का था।
दार्जिलिंग के पहाड़ों में जन्मे प्रशांत ने बहुत छोटी उम्र में पिता को खो दिया।
घर की जिम्मेदारी उनके कंधों पर आ गई।
पढ़ाई छोड़कर उन्होंने कोलकाता पुलिस में कांस्टेबल की नौकरी की, लेकिन दिल में गायक बनने का सपना हमेशा जिंदा रहा।
पुलिस ऑर्केस्ट्रा से जुड़कर उन्होंने अपनी गायकी को निखारा।
2007 में इंडियन आइडल सीजन 3 के मंच पर आए, और उनकी सादगी भरी आवाज़ ने देशभर के लोगों को अपना दीवाना बना लिया।
उनकी विनम्रता, मुस्कान और संघर्ष की कहानी ने उन्हें सिर्फ एक कंटेस्टेंट नहीं, बल्कि एक आंदोलन बना दिया।
लोगों ने उन्हें वोट किया, पोस्टर लगाए, रैलियाँ निकालीं —
“यह हमारा लड़का है, यह हमारा हीरो है।”
आखिरकार, प्रशांत ने इंडियन आइडल जीत लिया।
उनकी जीत सिर्फ उनकी नहीं, बल्कि हर उस इंसान की थी जो हालात से लड़ रहा था।
शो के बाद की जिंदगी: जिम्मेदारियाँ और असली लड़ाई
इंडियन आइडल जीतने के बाद प्रशांत की जिंदगी में चमक तो आई, लेकिन जिम्मेदारियाँ भी बढ़ गईं।
वे अपने परिवार के लिए सब कुछ करना चाहते थे।
अपनी मां को खुश देखना, बहन को आगे बढ़ते देखना, बेटी को बेहतर भविष्य देना — यही उनकी प्राथमिकता थी।
उन्होंने दुनिया भर में शो किए, बड़े-बड़े मंचों पर गाया, लेकिन उनका अंदाज हमेशा सादा और ज़मीन से जुड़ा रहा।
लोगों को लगता है कि शो जीतने के बाद जिंदगी आसान हो जाती है, लेकिन असली लड़ाई उसके बाद शुरू होती है।
अब लोगों की उम्मीदें और प्रेशर बढ़ जाता है।
प्रशांत ने सिर्फ गाने तक खुद को सीमित नहीं रखा, बल्कि एक्टिंग में भी कदम रखा।
अभिनय और बहुमुखी प्रतिभा
प्रशांत तमांग ने गोर्खा पलटन (2010) से एक्टिंग की शुरुआत की।
उनकी एक्टिंग में वही सच्चाई और ईमानदारी थी, जो उनकी गायकी में थी।
इसके बाद उन्होंने कई नेपाली और क्षेत्रीय फिल्मों में काम किया —
जैसे निशानी परदेसी, अंगालो यो माया को।
हाल ही में वे वेब सीरीज पाताल लोक के दूसरे सीजन में नजर आए, जहाँ उनकी एक्टिंग की फिर से तारीफ हुई।
परिवार: प्यार, दोस्ती और अधूरी यादें
प्रशांत की पत्नी गीता थापा के लिए यह समय सबसे कठिन है।
उनकी शादी एक खूबसूरत कहानी थी —
फ्लाइट में मुलाकात, दोस्ती, प्यार और शादी।
उनकी बेटी आर्या बहुत छोटी है।
गीता ने कहा कि प्रशांत हमेशा अपनी बेटी को गाने सुनाते थे, उसके साथ खेलते थे, और परिवार के साथ वक्त बिताना पसंद करते थे।
आज गीता अकेली हैं, लेकिन प्रशांत की यादें, उनकी आवाज़, और उनकी बेटी में उनका अक्स हमेशा जिंदा रहेगा।
समाज और फैंस का दर्द
प्रशांत के जाने के बाद सोशल मीडिया पर लोग उनके अंतिम वीडियो शेयर कर रहे हैं।
लोग लिख रहे हैं —
“उनकी आवाज़ ने मुश्किल वक्त में संभाला था।”
“उनकी वजह से मैंने गाना शुरू किया।”
“मां के साथ बैठकर उन्हें सुनना सबसे प्यारा पल था।”
यह दिखाता है कि एक कलाकार सिर्फ एंटरटेन नहीं करता, बल्कि लोगों की जिंदगी का हिस्सा बन जाता है।
वह उनकी यादों, दुख-सुख, और प्रेरणा का स्रोत बन जाता है।
श्रद्धांजलि: एक युग का अंत
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी शोक जताया।
उन्होंने कहा —
“प्रशांत सिर्फ एक गायक नहीं, दार्जिलिंग की पहचान थे।”
उनकी मौत एक युग का अंत है —
वह दौर, जहाँ सादगी ही सबसे बड़ी खूबी थी,
जहाँ बिना दिखावे के लोग दिल जीत लेते थे।
अंतिम शब्द: यादें हमेशा अमर रहेंगी
प्रशांत तमांग की आवाज़ भले ही खामोश हो गई हो,
लेकिन उनकी यादें, उनकी मुस्कान, उनका संघर्ष और उनकी सादगी हमेशा जिंदा रहेंगी।
जब भी कोई इंडियन आइडल की बात करेगा, उनका नाम जरूर आएगा।
जब भी कोई संघर्ष की कहानी बताएगा, उनका जिक्र होगा।
जब भी कोई सादगी की मिसाल देगा, प्रशांत तमांग को याद करेगा।
अगर उनकी आवाज़ ने कभी आपकी जिंदगी के किसी मुश्किल पल में आपका साथ दिया हो,
तो कमेंट में जरूर लिखिए कि आप उन्हें किस तरह याद करेंगे।
इस कहानी को ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुँचाएँ,
अपने दोस्तों और परिवार के साथ शेयर करें,
ताकि हर कोई इस कलाकार को याद कर सके।
निष्कर्ष
प्रशांत तमांग — एक आवाज़, एक इंसान, एक प्रेरणा।
उनका अंतिम वीडियो, उनकी पत्नी की भावनाएँ और उनका जीवन-संघर्ष हमें यह सिखाता है कि
सपनों को जिंदा रखो, अपनों को वक्त दो, और सच्चाई से जीओ।
धन्यवाद, प्रशांत तमांग। आपकी आवाज़ हमेशा हमारे दिलों में गूंजती रहेगी।
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