बहु हर रोज बाल साफ करने की क्रीम मांगती थी/पति ने कर दिया काम तमाम/

.
.

यह कहानी एक छोटे से गाँव खारिया मीठापुर की है, जो राजस्थान के जोधपुर जिले में स्थित है। इस गाँव में रहने वाला एक किसान, दर्शन सिंह, अपनी जमीन पर खेती करता था और उसे अच्छा-खासा मुनाफा भी मिलता था। उसकी पत्नी की अचानक मौत के बाद, दर्शन सिंह का जीवन पूरी तरह से बदल गया। पत्नी के खोने के ग़म में वह शराब पीने का आदी हो गया और धीरे-धीरे उसका व्यवहार बदलने लगा। वह रोज़ शराब पीने के बाद सड़कों पर घूमता और महिलाओं को गंदगी से घूरता।

वहीं, दर्शन सिंह का बेटा, गगन सिंह, जो दिल्ली में नौकरी करता था, महीने में दो-तीन बार ही घर आता था। गगन की शादी सुमन से हुई थी, जो देखने में काफी सुंदर थी और घर के काम-काज में व्यस्त रहती थी। सुमन को हमेशा श्रृंगार और सजने-संवरने का शौक था और वह घंटों दर्पण के सामने बैठकर श्रृंगार करती थी।

गगन और सुमन की शादी को 4 साल हो गए थे, लेकिन उनके पास कोई बच्चा नहीं था, जिससे वे दोनों दुखी रहते थे। हालांकि, वे अपने परिवार में खुश रहते थे, लेकिन सुमन की चाल-चलन कुछ ठीक नहीं था। सुमन देवी ने जिस दिन पहली बार देखा कि उसका ससुर दर्शन सिंह और उसका पति गगन सिंह घर नहीं होते, तब सुमन का दिल एक ओर गलत रास्ते की ओर बढ़ता है। यह वह समय था जब उसकी बेइज्जतियाँ और रिश्ते भी बिगड़ने लगे थे।

.

शराब और झूठ का खेल

एक दिन सुमन देवी अपने पति से कहती है कि उसे अपनी श्रृंगार की चीजें खरीदनी हैं। गगन सिंह, जो शराब के नशे में डूबा हुआ था, अपनी पत्नी से कहता है कि तुम ही यह सामान खरीद लो, मुझे कोई इच्छा नहीं है। सुमन देवी ने इसके बाद खुद ही घर से बाहर निकलकर पास के मेडिकल शॉप पर जा पहुँची। शॉप पर बैठा लड़का सुमेर ने उसे ध्यान से देखा, उसकी खूबसूरती ने उसे खींच लिया।

सुमन देवी ने सुमेर से बाल साफ करने की क्रीम खरीदने का आदेश दिया, लेकिन सुमेर को यह थोड़ा अजीब लगा। उसके मन में सवाल उठने लगे कि आखिर यह महिला इतनी बार क्रीम क्यों खरीदती है। जब उसने सुमन से पूछा, तो सुमन देवी ने जवाब दिया कि वह उसके साथ वक्त गुजारने के लिए आई थी और वह क्रीम एक बहाना था।

सुमन देवी और सुमेर के बीच यह रिश्ता धीरे-धीरे बढ़ने लगता है और दोनों मिलकर गलत काम करने लगते हैं। यह खेल तब तक चलता है जब तक गगन सिंह को इस बारे में पता नहीं चलता।


गगन सिंह का गुस्सा

गगन सिंह दिल्ली से लौटने के बाद घर आता है। वह अपनी पत्नी से कहता है कि हम होटल चलें, लेकिन सुमन देवी घर का बना खाना खाने की बात करती है। इसके बाद, जैसे ही सुमन देवी अपने घर से बाहर जाती है, गगन सिंह को एहसास होता है कि उसकी पत्नी ने कहीं बाहर जाने का बहाना बना लिया है।

गगन सिंह को अतुल नाम का लड़का बताता है कि वह सुमेर से मिली थी और वह गंदी हरकतें कर रही थी। यह जानकारी गगन को गुस्से से भर देती है, और वह तुरंत अपने घर की ओर चलता है। जैसे ही वह घर में दाखिल होता है, वह अपने ससुर दर्शन सिंह और अपनी पत्नी सुमन देवी को आपत्तिजनक स्थिति में देखता है। गगन का गुस्सा सातवें आसमान पर चढ़ जाता है और वह दोनों को गालियाँ देता है।


हत्या और सजा

गगन सिंह, गुस्से में आकर, अपने पिता और पत्नी दोनों पर हमला कर देता है। वह कुल्हाड़ी से अपनी पत्नी का गला काट देता है और फिर अपने पिता को भी कुल्हाड़ी से मारकर हत्या कर देता है। जब पुलिस मौके पर पहुँचती है, तो गगन सिंह को गिरफ्तार कर लिया जाता है और पूछताछ के दौरान वह अपना अपराध कबूल कर लेता है। गगन सिंह ने बताया कि उसने अपनी पत्नी और पिता को हत्या की, क्योंकि वह दोनों आपत्तिजनक स्थिति में पाए गए थे।

इस घटना के बाद, गगन सिंह के खिलाफ चार्जशीट दायर की जाती है और मामले की जांच चलती है। गगन सिंह को अपनी करतूतों का खामियाजा भुगतना पड़ा और न्यायपालिका में उसे सजा दी जाएगी।


निष्कर्ष

यह कहानी एक परिवार की बर्बादी और रिश्तों के बिगड़ने की कहानी है। शराब, झूठ और गलत रास्ते पर चलने के कारण एक आदमी ने अपने परिवार के दो सबसे करीबी लोगों की हत्या कर दी। गगन सिंह ने अपनी पत्नी और पिता की हत्या इसलिए की क्योंकि वह उन दोनों को आपत्तिजनक स्थिति में देखता था।

इससे हमें यह सीखने को मिलता है कि रिश्तों में विश्वास और समझ बहुत महत्वपूर्ण होते हैं, और एक छोटी सी गलतफहमी या घमंड भी बड़े अपराधों का कारण बन सकती है। हमें कभी भी अपनी भावनाओं और गुस्से पर काबू पाना चाहिए, और समस्या को शांति से सुलझाना चाहिए।