पति की एक कमी की वजह से पत्नी ने कर दिया कां@ड/असली वजह जानकर S.P साहब के होश उड़ गए/

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एक लालच, एक धोखा और एक खौफनाक अंत

नमस्कार दोस्तों, यह कहानी राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले के एक छोटे से गांव धीरखेड़ा की है। यह गांव बाहर से जितना शांत दिखाई देता था, अंदर से उतना ही रहस्यों और घटनाओं से भरा हुआ था।

शुरुआत – एक पिता की मजबूरी

धीरखेड़ा गांव में पूर्ण सिंह नाम का एक मेहनती आदमी रहता था। वह पिछले 25 वर्षों से गांव से करीब 5 किलोमीटर दूर एक गत्ता फैक्ट्री में मजदूरी करता था। दिन-रात की मेहनत से उसने अपने परिवार को संभाला और अपनी तीनों बेटियों की शादी भी कर दी।

लेकिन उसकी सबसे छोटी बेटी, कजरी, उसकी सबसे बड़ी चिंता थी। कजरी की पहली शादी ज्यादा समय तक नहीं चली और उसका तलाक हो गया। मजबूरी में वह अपने पिता के घर वापस आ गई। समाज के दबाव और बेटी के भविष्य की चिंता में पूर्ण सिंह ने कर्ज लेकर उसकी दूसरी शादी करवाई, लेकिन वह भी ज्यादा दिन नहीं टिक पाई।

अब कजरी फिर से अपने पिता के घर आ गई थी।

बदलती सोच और गलत रास्ता

पूर्ण सिंह अपनी बेटी के भविष्य को लेकर बहुत परेशान रहने लगा। वह चाहता था कि कजरी कुछ काम करे, इसलिए उसने कर्ज लेकर दो गायें खरीदीं और उनकी जिम्मेदारी कजरी को दे दी।

अब कजरी रोज सुबह खेतों में जाकर चारा काटती, गायों को खिलाती और दूध बेचकर घर का खर्च चलाने में मदद करती थी। बाहर से सब कुछ ठीक लग रहा था, लेकिन गांव के लोग उसके व्यवहार को लेकर चिंतित थे।

लोग अक्सर पूर्ण सिंह से कहते,
“अपनी बेटी की तीसरी शादी कर दो, नहीं तो वह कोई बड़ा कांड कर देगी।”

मोबाइल फोन और पहली साजिश

एक दिन कजरी का मोबाइल फोन टूट गया। उसने अपने पिता से नया फोन दिलाने की मांग की, लेकिन आर्थिक तंगी के कारण पूर्ण सिंह मना कर दिया।

यहीं से कजरी के मन में एक खतरनाक विचार जन्म लेने लगा।

वह गांव की एक मोबाइल दुकान पर गई, जहां सहदेव नाम का युवक काम करता था। कजरी ने उससे फोन उधार में देने की बात कही। सहदेव ने साफ मना कर दिया, लेकिन जब कजरी ने उसे अपने इशारों से लुभाया, तो वह मान गया।

दोनों के बीच एक गलत समझौता हुआ।

अगले दिन खेत में मिलने का प्लान बना और वहां दोनों ने अपने रिश्ते की मर्यादा तोड़ दी। धीरे-धीरे यह संबंध और गहरा होता गया, यहां तक कि सहदेव का दोस्त भी इसमें शामिल हो गया।

तीसरी शादी – एक नई शुरुआत या नई साजिश?

इस बीच गांव के एक व्यक्ति ने पूर्ण सिंह को सलाह दी कि वह कजरी की तीसरी शादी कर दे। इस बार उसकी शादी राकेश नाम के एक व्यक्ति से करवाई गई।

राकेश आर्थिक रूप से मजबूत था, लेकिन उसमें कुछ शारीरिक समस्याएं थीं। शादी के बाद पहली ही रात कजरी को अपने पति से घृणा होने लगी। राकेश को गैस की समस्या थी, जिससे कमरे में बदबू फैल जाती थी।

कजरी ने मन ही मन फैसला कर लिया कि यह रिश्ता भी ज्यादा दिन नहीं चलेगा।

नौकर शंकर का प्रवेश

राकेश के घर में शंकर नाम का एक नौकर काम करता था। वह जवान और आकर्षक था। कजरी धीरे-धीरे उसकी ओर आकर्षित होने लगी।

दोनों के बीच बातचीत बढ़ी, नजदीकियां बढ़ीं और कुछ ही दिनों में उनका रिश्ता गलत दिशा में चला गया।

अब कजरी के मन में एक और खतरनाक योजना बनने लगी।

साजिश – पति को रास्ते से हटाने की योजना

एक दिन कजरी और शंकर शहर के एक होटल में मिले। वहां कजरी ने शंकर के सामने अपनी योजना रखी—

“अगर राकेश नहीं रहेगा, तो उसकी सारी संपत्ति हमारी हो जाएगी।”

पहले तो शंकर डर गया, लेकिन लालच के आगे वह भी झुक गया।

दोनों ने मिलकर योजना बनाई—

राकेश के खाने में नींद की दवा मिलाई जाएगी
उसके बाद उसे मारकर लाश को ठिकाने लगाया जाएगा

खौफनाक रात

एक रात शंकर ने राकेश के खाने में नींद की दवा मिला दी। कुछ ही देर में राकेश गहरी नींद में सो गया।

रात के करीब 10 बजे शंकर वापस आया। कजरी ने एक कुल्हाड़ी उठाई और बिना किसी हिचकिचाहट के अपने पति पर वार कर दिया।

राकेश की मौके पर ही मौत हो गई।

इसके बाद दोनों ने मिलकर शव के टुकड़े किए और उन्हें बोरियों में भर दिया। वे उन्हें घर के आंगन में दफनाने की कोशिश कर रहे थे।

सच का खुलासा

उसी समय पड़ोसी अमृत सिंह वहां से गुजर रहा था। उसने रात में गड्ढा खोदते हुए देखा और उसे शक हुआ।

उसने तुरंत अन्य लोगों को बुलाया। जब बोरियां खोली गईं, तो सभी के होश उड़ गए—अंदर मानव शरीर के टुकड़े थे।

तुरंत पुलिस को सूचना दी गई।

अंत – कानून का शिकंजा

पुलिस मौके पर पहुंची और कजरी व शंकर को गिरफ्तार कर लिया।

पूछताछ में दोनों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया।

गांव में इस घटना से सनसनी फैल गई। हर कोई यही सोच रहा था कि एक पत्नी अपने पति के साथ ऐसा कैसे कर सकती है।