Saudi Arabia Bus Accident: 42 भारतीयों की सड़क हादसे में मौत। Umra Mecca Madina। Jeddah। Riyadh

🇮🇳 सऊदी अरब में भीषण सड़क हादसा: मक्का-मदीना रूट पर बस और टैंकर की टक्कर, 42 भारतीय उमरा जायरीनों की मौत से देश में शोक की लहर

 

सऊदी अरब में उमरा के लिए गए भारतीय जायरीनों के साथ एक अत्यंत दुखद हादसा हुआ है, जिसमें कम से कम 42 भारतीयों की मौत की पुष्टि हुई है। यह दर्दनाक घटना तब हुई जब जायरीनों से भरी एक बस मक्का से मदीना जा रही थी।

भीषण टक्कर और आग का गोला

 

स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स और अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार, यह हादसा मदीना शहर से लगभग 15 से 25 किलोमीटर दूर हुआ। उमरा यात्रियों को ले जा रही बस की टक्कर एक तेज रफ्तार डीजल टैंकर से हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि बस तुरंत आग का गोला बन गई।

बस में लगभग 50 लोग सवार थे, जिनमें से 42 लोगों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। यह सभी भारतीय यात्री तेलंगाना के हैदराबाद के रहने वाले थे और ‘फ्लाई ज़ोन टूर्स एंड ट्रेवल्स’ और ‘अल मक्का हज एंड उमरा’ जैसी ट्रैवल एजेंसियों के माध्यम से गए थे।

तेलंगाना सरकार का त्वरित एक्शन

 

हादसे की खबर हैदराबाद पहुंचते ही हड़कंप मच गया। तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने तुरंत अधिकारियों को रियाद स्थित भारतीय दूतावास के साथ लगातार संपर्क में रहने का निर्देश दिया है।

हेल्पलाइन नंबर जारी: तेलंगाना सरकार ने मृतकों के परिवारों की मदद के लिए एक हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया है।

भारतीय दूतावास का आश्वासन: रियाद में भारतीय दूतावास के डिप्टी चीफ ऑफ मिशन अबू जॉर्ज ने हैदराबाद सांसद असदुद्दीन ओवैसी को भरोसा दिलाया है कि पूरी जानकारी इकट्ठा करने और मृतकों की पहचान करने का काम युद्धस्तर पर जारी है।

विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने व्यक्त किया शोक

 

भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने इस भयानक हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने ट्वीट कर कहा कि रियाद और जेद्दा में भारतीय दूतावास लगातार प्रभावित परिवारों की मदद कर रहे हैं।

“सऊदी अरब में हुए दुखद हादसे से गहरा दुख हुआ है। रियाद और जेद्दा में हमारी एंबेसी और दूतावास भारतीय परिवारों की मदद कर रहा है। मैं शोक व्यक्त करता हूं और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना करता हूं।” — डॉ. एस. जयशंकर

ओवैसी की केंद्र से भावुक अपील

 

हैदराबाद के सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने केंद्र सरकार से तत्काल कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने विदेश मंत्रालय को दोनों ट्रैवल एजेंसियों के यात्रियों की वीजा डिटेल्स ईमेल कर दी हैं।

उनकी मुख्य मांग है कि मृतकों के शवों की जल्द से जल्द पहचान कर उन्हें भारत लाया जाए, और यदि कोई घायल है तो उन्हें बेहतरीन इलाज मुहैया कराया जाए।

यह घटना देश के लिए एक बहुत बड़ी क्षति है। सरकार और दूतावास मिलकर शवों की पहचान और उन्हें वापस लाने की प्रक्रिया में जुटे हुए हैं।