Saudi Arabia Bus Accident: 42 भारतीयों की मौत पर क्या बोले परिजन । Umra Mecca Madina।

💔 मक्का-मदीना रूट पर दर्दनाक हादसा: हैदराबाद के 42 जायरीनों की बस आग की भेंट, परिजनों ने सरकार से लगाई गुहार

 

सऊदी अरब में उमरा के लिए गए हैदराबाद के जायरीनों के साथ एक दर्दनाक हादसा पेश आया है। मक्का से मदीना जाते समय, मदीना से लगभग 25 किलोमीटर पहले, यात्रियों से भरी एक बस में आग लगने से कम से कम 42 लोगों के मारे जाने की अपुष्ट खबर है। ये सभी यात्री हैदराबाद की दो ट्रैवल एजेंसियों—फ्लाई ज़ोन टूर्स एंड ट्रेवल्स और अल मक्का टूर्स एंड ट्रेवल्स—के माध्यम से गए थे।

हैदराबाद में मातम, परिजनों की अपील

 

इस हादसे की खबर सोमवार की सुबह हैदराबाद पहुंची, जिसके बाद से ही आसिफ नगर और नटराज नगर समेत विभिन्न इलाकों में मातम पसरा हुआ है। मृतकों में कई सदस्य एक ही परिवार से हैं। एक पीड़ित परिवार के सदस्य ने बताया कि उनके परिवार के 7 सदस्य उमरा के लिए गए थे, जिनके लिए ₹96,000 प्रति व्यक्ति का पैकेज लिया गया था।

एक सदस्य ने बताया कि उन्हें सुबह सूचना मिली कि बस में आग लगने के बाद एक बच्चा (मोहम्मद शोएब, उम्र लगभग 25 वर्ष) ड्राइवर के साथ बस से कूद गया था। हालांकि, बाद में खबर आई कि शोएब का भी कुछ पता नहीं है और सिर्फ एक शख्स की जान बचने की अपुष्ट सूचना है।

परिजनों ने तेलंगाना और भारत सरकार से जल्द से जल्द कार्रवाई करने की गुहार लगाई है। उनकी मुख्य मांग है कि:

जो परिजन सऊदी अरब जाना चाहते हैं, उनके लिए तत्काल वीजा की व्यवस्था की जाए।

यदि संभव हो, तो मृतकों के शवों को जल्द से जल्द भारत लाया जाए।

बैरिस्टर असदुद्दीन ओवैसी ने संभाला मोर्चा

 

ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के प्रमुख और हैदराबाद के सांसद, बैरिस्टर असदुद्दीन ओवैसी ने घटना की खबर मिलते ही तत्काल एक्शन लिया। उन्होंने खुद घटना पर दुख व्यक्त किया और पुष्टि की कि दो ट्रैवल एजेंसियों के 42 हाजी इस हादसे का शिकार हुए हैं।

ओवैसी साहब ने तुरंत रियाद में इंडियन एंबेसडर (डीसीएम अबू मैथिन जॉर्ज) और जिद्दा में काउंसिल जनरल से बात की। उन्होंने तमाम उमरा पैसेंजर्स की वीजा डिटेल्स विदेश मंत्रालय (फॉरेन सेक्रेटरी) और इंडियन एंबेसी को ईमेल कर दी हैं।

“मेरी भारत सरकार से और खासतौर से एक्सटर्नल अफेयर्स मिनिस्टर जयशंकर साहब से यह रिक्वेस्ट है कि वो इमीडिएटली इस पर देखें और अगर जिन लोगों की डेथ हुई है उनके परिवार ये चाह रहा है कि उनकी डेड बॉडीज जल्द से जल्द इंडिया को लाई जाए और अगर कोई उसमें जख्मी है तो उनको अच्छी से अच्छी वहां पर उनको इलाज हो सके।” — असदुद्दीन ओवैसी

AIMIM की तरफ से भी त्वरित कार्रवाई की जा रही है। पार्टी के जिम्मेदार नेताओं ने हैदराबाद में पीड़ित परिवारों से मुलाकात की। बैरिस्टर ओवैसी साहब के निर्देश पर कुछ जिम्मेदार लोगों को 11:00 बजे की फ्लाइट से तुरंत जिद्दा के लिए रवाना किया गया है, ताकि वे इंडियन एंबेसी के साथ समन्वय स्थापित कर सकें और शाम तक पूरी स्थिति स्पष्ट कर सकें।

वरिष्ठ नेताओं ने भी जताया दुख

 

अन्य नेताओं ने भी इस दुखद घटना पर अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं:

नेत्री (नाम स्पष्ट नहीं): उन्होंने तमाम परिवारों के साथ सहानुभूति व्यक्त करते हुए रियाद स्थित भारतीय दूतावास से शवों को भारत पहुंचाने की जिम्मेदारी लेने का आग्रह किया। उन्होंने सऊदी अरब की अच्छी सड़कों पर ऐसे हादसे होने पर ताज्जुब भी जताया।

हैदराबाद के कई परिवारों के लिए यह हादसा एक गहरा सदमा है। वे इस वक्त अपने प्रियजनों की स्थि